मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा के रविवार को अचानक एकांतवास में जाने के बाद अटकलों का बाजार गर्म हो गया. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रविवार को स्मार्ट सिटी पार्क में पौधारोपण करने के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के साथ सीधे कोलार रेस्ट हाउस पहुंच गए. उनके साथ बीजेपी के प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत और सह संगठन मंत्री हितानंद भी एकांतवास में गए हैं. एकांत वास की इस मुलाकात को प्रदेश में निगम मंडलों में होने वाली नियुक्तियों से जोड़कर देखा जा रहा है. यह कयास लगाए जा रहे हैं कि सभी प्रमुख नेता एकांतवास में सूची को अंतिम रूप देने को लेकर मंथन कर रहे हैं और जल्द ही निगम मंडलों में नियुक्ति को लेकर नाम जारी हो सकते हैं.
अटकलों का बाजार गर्म
एकांतवास की इस मुलाकात को लेकर सियासी अटकलों का दौर इसलिए भी तेज है, क्योंकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एक दिन पहले ही दिल्ली दौरे से लौटे हैं. दिल्ली में उनकी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात हुई थी. दिल्ली में यह मुलाकात करीब 45 मिनट तक चली. हालांकि पत्रकारों ने दिल्ली में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात के बारे में बात करने की कोशिश की थी, लेकिन उन्होंने मीडिया से किनारा कर लिया. दिल्ली दौरे के अगले ही दिन मुख्यमंत्री का प्रदेश अध्यक्ष के साथ एकांतवास में जाना कई सियासी अटकलों को भी जन्म दे रहा है.
किसको मिलेगी जगह ?
दरअसल पिछले कई दिनों से भारतीय जनता पार्टी और सिंधिया समर्थक नेता निगम मंडलों में नियुक्ति की बाट जोह रहे हैं. सिंधिया समर्थक प्रमुख नेताओं में इमरती देवी गिर्राज दंडोतिया और एदल सिंह कंसाना के अलावा कुछ और नाम शामिल हैं. यह माना जा रहा है कि इन्हें निगम मंडलों में नियुक्ति मिलना लगभग तय है. वहीं बीजेपी के नाराज नेताओं को भी निगम मंडलों में नियुक्ति देकर खुश करने की कोशिश की जा सकती है.





