अयोध्या में चल रहे राम मंदिर निर्माण कार्य के लिए खरीदी जा रही जमीनों के मामले में अफवाह फैलाकर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह बुरी तरीके से फंस गए हैं, अब रामजन्मभूमि ट्रस्ट संजय सिंह पर मानहानि का मुकदमा करने का विचार कर रहा है, अगर मुकदमा होगा तो अंजाम तक भी पहुंचेगा, यानि संजय सिंह माफ़ी मांगकर नहीं बच पाएंगे। दरअसल संजय सिंह ने दावा किया है कि राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने अयोध्या में 18.5 करोड़ रुपये में जमीन का एक टुकड़ा खरीदा था, जिसे राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा खरीदे जाने से 10 मिनट पहले सिर्फ 2 करोड़ रुपये में बेचा गया था.
संजय सिंह के इस आरोप के बाद विश्व हिन्दू परिषद् के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ अलोक कुमार एडवोकेट ने कहा, ये जमीन हरीश पाठक और कुसुम पाठक की थी, कुछ वर्ष पहले एक ‘रजिस्टर्ड to एग्रीमेंट सेल’ उन्होंने किया सुल्तान अंसारी, रविमोहन तिवारी और दूसरे लोगों के साथ, कुछ वर्ष पहले वह एग्रीमेंट हुआ था तो उसी समय के प्राइस यानि रेट/दाम पर हुआ, और उस समय का प्राइस था दो करोड़ रूपये। अब इसकी कीमत है लगभग 20 करोड़ हैं, लेकिन हम लोगों ने विनती की साढ़े 18 करोड़ में मिली ।
आलोक कुमार ने कहा, मैं यह मानता हूँ कि कुछ लोगों कि यह आदत बन गई है, आरोप लगाओ, भाग लो. और जब मानहानि का मुकदमा हो और मुकदमा आगे बढ़ रहा हो तो तब माफ़ी मांगकर पिंड छुड़ा लो, विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा, इस बार हमनें ट्रस्ट को राय दी है कि मानहानि का केस करना चाहिए और फिर माफ़ी मांग करके बीच में रुकना नहीं चाहिए, इसको परिणति तक ले जाना चाहिए, जिससे कि इस प्रकार की हरकतें बंद हो जाएँ।
आपको बता दें कि आम आदमी पार्टी के नेताओं की आदत है, पहले वह झूठ फैलाते हैं, जब कोई मुकदमा करता है तो माफ़ी मांग लेते हैं, लेकिन इस बार शायद ये न बच पाएं।





