कोलकाता. पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा का मामला अभी थमा नहीं था कि TMC की तरफ से एक ऐसा फरमान सामने आया है, जिसने सबको चौंका दिया है। TMC ने कुछ भाजपाइयों की लिस्ट जारी करके दुकानदारों को चेताया है कि वे इन्हें राशन नहीं बेचें। यहां तक कि चाय बेचने वालों को भी इन भाजपाइयों को चाय पिलाने से मना किया गया है। यह लिस्ट मौखिक आदेश के साथ दुकानदारों तक पहुंचा दी गई है।
भाजपा के राज्यसभा सांसद स्वपन दासगुप्ता ने बताया इसे काली सूची
भाजपा के राज्यसभा सदस्य स्वपन दासगुप्ता ने बंगाल में भाजपा महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष केया घोष (Keya Ghosh) के ट्वीट पर रिट्वीट करके इस मुद्दे को उठाया है। दासगुप्ता ने कहा कि पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ पार्टी की स्थानीय इकाई द्वारा तैयार की गई काली सूची अद्वितीय है। यहां सक्रिय भाजपा कार्यकर्ताओं को ‘धर्मनिरपेक्ष न्याय’ में गैरकानूनी घोषित कर दिया गया है। यह मीडिया की चुप्पी और पुलिस की मिलीभगत की आड़ में भाजपा कार्यकर्ताओं का मनोबल और आर्थिक रीढ़ तोड़ने का आइडिया है।
स्वपनदास गुप्ता ने ट्वीट के जरिये कहा कि उन्हें ऐसी खबरें भी मिली हैं कि भाजपा कार्यकर्ताओं को कोरोना वैक्सीन से भी वंचित कर दिया गया है।
केया घोष ने ट्वीट करके जारी की लिस्ट
बंगाल में भाजपा महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष केया घोष ने TMC द्वारा जारी लिस्ट ट्वीट की है। केया ने लिखा-यह अभूतपूर्व है! बिना किसी कारण के यह पाबंदी लगाई गई है। यह बंगाल में मौलिक अधिकारों के मजाक के अलावा और कुछ नहीं है।
The blacklist prepared by local unit of ruling party in W Bengal isn’t unique. Being active BJP workers of has been outlawed in the secular inquisition. The idea is to break the morale & the economic backbone of karyakartas, using the cover of media silence & police complicity. https://t.co/CBlbVkZSyn
— Swapan Dasgupta (@swapan55) June 5, 2021





