Tuesday, February 24, 2026
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यशवंत सिन्हा को भारी पड़ गया,अंतरात्मा की आवाज़ सुन वोट डालने का आह्वान, खिलाफ डल गए वोट

 

झारखंड में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के विधायक कमलेश सिंह ने सोमवार को पार्टी के आदेश का उल्लंघन करते हुए राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को वोट दिया, जबकि एनसीपी प्रमुख शरद पवार का यशवंत सिन्हा को उम्मीदवार बनाने में अहम योगदान है। यशवंत सिन्हा हजारीबाग से बीजेपी के पूर्व सांसद हैं और विपक्षी दलों ने उन्हें राष्ट्रपति चुनाव में अपना उम्मीदवार बनाया है।

ओडिशा में पैदा हुईं द्रौपदी मुर्मू झारखंड की पूर्व राज्यपाल हैं और आदिवासी समुदाय से आती हैं। झारखंड में आदिवासियों की बड़ी आबादी है और इसी वजह से कांग्रेस के साथ सरकार चला रही झारखंड मुक्ति मोर्चा ने मुर्मू को वोट देने का ऐलान किया था।

यशवंत सिन्हा ने की थी अंतरात्मा की आवाज सुनने की अपील

यशवंत सिन्हा ने एनडीए विधायकों और सांसदों से अंतरात्मा की आवाज सुनकर उनके पक्ष में मतदान करने की अपील की थी। मुर्मू को वोट देने के बाद एनसीपी विधायक ने यही दलील दी और कहा कि उन्होंने अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर द्रौपदी मुर्मू को वोट दिया है। इस दौरान झारखंड विधानसभा के निर्वाचित 81 सदस्यों में से 80 विधायकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। हैदराबाद में पिछले कई महीनों से इलाज बीजेपी विधायक इंद्रजीत मेहता को छोड़ कर सभी विधायकों ने रांची में मतदान किया, जबकि झारखंड के 14 लोकसभा और 6 राज्यसभा सदस्यों ने संसद भवन स्थित मतदान केंद्र में अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

बीजेपी का दावा- कांग्रेस विधायकों ने भी की क्रॉस वोटिंग
एजेएसयू के दो विधायकों समेत एनडीए के 28 एमएलए एक बस से वोट देने पहुंचे। पूर्व विधायक बाबूलाल मरांडी और एजेएसयू पार्टी के प्रमुख सुदेश महतो ने जीत का निशान दिखाया। नेताओं ने इस बात की खुशी जाहिर की कि आदिवासी महिला द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च पद पर बैठने जा रही हैं। बीजेपी विधायक बिरंची नारायण ने दावा किया, ”एनडीए प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू को झारखंड में कम से कम 65 विधायकों का वोड मिलेगा, क्योंकि कांग्रेस के भी कई विधायक अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर मुर्मू के लिए वोट करने वाले हैं।”

 

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