रामपुर में भाजपा की जीत के चर्चा इसलिए भी खूब हो रही है क्योंकि कहीं ना कहीं यह शहर आजम खान का गढ़ है। आजम खान को विधानसभा से अयोग्य घोषित किए जाने के बाद यहां उपचुनाव हो रहे थे। आजम खान की प्रतिष्ठा दांव पर थी।
उत्तर प्रदेश के रामपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा का कमल खिला है। भाजपा के उम्मीदवार आकाश सक्सेना ने 34000 से अधिक वोटों से जीत हासिल की है। आकाश सक्सेना ने समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार असीम राजा को हराया है। रामपुर में भाजपा की जीत के चर्चा इसलिए भी खूब हो रही है क्योंकि कहीं ना कहीं यह शहर आजम खान का गढ़ है। आजम खान को विधानसभा से अयोग्य घोषित किए जाने के बाद यहां उपचुनाव हो रहे थे। आजम खान की प्रतिष्ठा दांव पर थी। लेकिन यहां भाजपा ने कमल खिलाने में कामयाबी हासिल की है। इस साल के शुरुआत में हुए चुनाव में यहां आजम खान ने आकाश सक्सेना को हराया था।
यह पहला मौका है जब रामपुर में आजम खान के सीट पर भाजपा ने जीत हासिल की है। आजम खान यहां से पहली बार 1980 में विधायक बने थे। तब से वह 1995 तक लगातार विधायक रहे। फिर 2002 में फरवरी से 27 अक्टूबर 2022 तक आजम खान या उनके परिवार का कोई सदस्य रामपुर से विधायक रहा है। इस रामपुर में इस बार भाजपा ने इतिहास रच दिया है। पिछले दिनों रामपुर में लोकसभा के हुए उप चुनाव में भी भाजपा ने जीत हासिल की थी। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के खतौली सीट पर भी उपचुनाव हुए थे। खतौली में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है। यहां से आरएलडी उम्मीदवार ने जीत हासिल की है।
खतौली में समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल गठबंधन के उम्मीदवार मदन भैया ने जीत हासिल की है। उन्होंने भाजपा के विक्रम सिंह सैनिक की पत्नी राजकुमारी सैनी को चुनावी मैदान में हराया है। खतौली में बसपा और कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार नहीं उतारे थे। खतौली सीट भाजपा के विधायक रहे विक्रम सिंह सैनी को दंगों में दोषी पाए जाने और 2 साल की कैद की सजा सुनाए जाने के बाद खाली हुई थी। 4 नवंबर को उनकी विदाई की रद्द कर दी गई थी।
रामपुर में भाजपा प्रत्याशी आकाश सक्सेना ने 21319 के मार्जिन से जीत हासिल कर ली है। इन नतीजों को देख सपा प्रत्याशी असीम राजा खासा नाराज दिखे। अपनी हार का ठीकरा उन्होंने पुलिस पर फोड़ा
उत्तरप्रदेश का रामपुर सदर जो अब तक समाजवादी पार्टी के आजम खान का गढ़ कहा जाता था, वहाँ एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। खबर आ रही है कि 70 साल में हुए 20 विधानसभा चुनावों के बाद पहली बार इस क्षेत्र को एक हिंदू विधायक मिला है।
रामपुर में भाजपा प्रत्याशी आकाश सक्सेना ने 80964 वोट पाकर जीत हासिल कर ली है। उनका जीत का मार्जिन 34 हजार से ज्यादा है। दूसरे नंबर पर सपा के मोहम्मद असीम राजा है। उन्हें 47262 वोट मिले हैं।
नतीजे आने के बाद सपा प्रत्याशी असीम राजा खासा नाराज दिखे। उन्होंने अपनी हार की वजह पुलिस को बताया।
उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि रामपुर चुनावों में 70 प्रतिशत वोट लूटे गए हैं। आनंदी टीवी यूपी के मुताबिक उन्होंने अपनी हार के पीछे रामपुर पुलिस को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि खाकी के लोगों ने दंडों से वोटरों को वोट नहीं डालने दिए।
असीम रजा ने कहा, “5 दिंसबर को रामपुर में चुनाव हुआ था और हमने पहले भी कहा था कि रामपुर में इलेक्शन हुआ ही नहीं है। शहर के अंदर 200 बूथों पर पुलिस ने रामपुर के शहरियों को वोट डालने ही नहीं दिया है। बूथों को लूट लिया है। 252 बूथों पर मात्र 20 फीसद वोटिंग हुई है। शहर और गाँव के बाहर जो बूथ थे वो सब कैप्चर कर लिए गए थे। वहाँ 50-70-80फीसद वोटिंग हुई है। सारे बूथ कैप्चर कर लिए गए। सवा दो लाख मतदाताओं को वोट नहीं डालने दिया गया। केवल 45 हजार वोट डाले गए और उसमें भी बहुत से बूथों पर पुलिस ने खुद ही वोट डाल दिए। अभी काउंटिंग हो रही है। लेकिव जो शहर में जहाँ सपा का गढ़ था, जहाँ टोटल वोट का 70% था वहाँ वोट नहीं डालने दिए गए।”






