चुनाव है और चुनाव में सिर्फ एक बात मायने रखती है वो है जीत,यदि जीत गए तो हर बात सही और हार गए तो हर बात गलत,ये बात ममता बनर्जी से बेहतर कौन जानेगा,इसी का परिणाम है कि ममता ने सारी बातो से एक झटके में ध्यान हटवा दिया है और सब उलझे हुए हैं ममता के पांव की चोट में,ऊपर से मीडिया मैनेजमेंट पर जमकर पैसा बहाया जा रहा है अंडर कवर और सारे चैनल 10 साल की बात करने के बजाय अब पाँव की चोट पर डिबेट कर रहे हैं।
विशेष बात: ममता बनर्जी का क्रांतिकारी फोटोशूट दिखेगा जिसमे ममता बनर्जी व्हील चेयर पर बैठ कर पूरे पश्चिम बंगाल का बोझ उठाती दिखेंगी,
अंतिम जरूरत में व्हील चेयर से गिर भी सकती हैं ममता बनर्जी।
हमला या हादसा? जानें क्या कहती है चुनाव आयोग को भेजी गई रिपोर्ट, नंदीग्राम में घायल हुई थीं ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और नंदीग्राम से टीएमसी उम्मीदवार ममता बनर्जी के चोटिल होने पर पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा चुनाव आयोग को एक रिपोर्ट भेजी गई है। इस रिपोर्ट के किसी भी हिस्से में चार-पांच लोगों द्वारा हमले का जिक्र नहीं किया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है।
हालांकि, उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर भारी भीड़ की मौजूदगी का हवाला दिया गया है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में कहा गया है कि जहां पर घटना हुई वहां का कोई स्पष्ट फुटेज उपलब्ध नहीं है।
नंदीग्राम सीट के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद चुनाव प्रचार के दौरान 10 मार्च को पूर्वी मेदिनीपुर जिले में बिरूलिया बाजार में बनर्जी चोटिल हो गई थीं। बनर्जी ने आरोप लगाया था कि चार-पांच लोगों के धक्के में वह चोटिल हो गई थीं। जिला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इलाके में एक दुकान में सीसीटीवी लगा था लेकिन वह काम नहीं कर रहा था। स्थानीय लोगों, प्रत्यक्षदर्शियों की मिली-जुली राय आई है। इसलिए किसी निष्कर्ष पर पहुंचना संभव नहीं है।
आपको बता दें कि इस घटना को संज्ञान में लेते हुए चुनाव आयोग ने रिपोर्ट देने के लिए कहा था। साथ ही आयोग ने अपने ऊपर टीएमसी के द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को खारिज कर दिया था।






