आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड द्वारा सूर्य नमस्कार का विरोध करने के जारी पत्र पर मचे घमासान के बीच विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने चुनौती देते हुए कहा है कि जो सूर्य नमस्कार का विरोध कर रहे हैं, वह भगवान सूर्य के बिना रहकर दिखा दें। विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने यह चुनौती देते हुए कहा कि क्या ये लोग एक पल भी सूर्य के बिना रह सकते हैं?
इसका जवाब खुद ही देते हुए उन्होंने कटाक्ष किया कि ऐसी स्थिति में तो उन्हें अल्लाह मियां भी नहीं बचा पाएंगे। उन्होंने चुटकी लेेते हुए कहा कि ऐसे लोग चांद को तो मानते हैं, लेकिन उसे ऊर्जा देने वाले सूर्य को नहीं मानते। यह कौन सा तर्क है।
धर्म की आड़ लेकर सूर्य नमस्कार का विरोध करने वालों पर उन्हाेंने करारा प्रहार करते हुए कहा कि मुस्लिम समाज के स्वघोषित झंडाबरदार लोग पूरे मुस्लिम समाज की छवि क्यों अलगाववादी, आतंकवादी, देशविरोधी की बनाना चाहते हो। ऐसे लोग क्यों नहीं समाज को आपस में मिलने जुलने देना चाहते हैं।
क्यों पूरे समाज को वो अपने पूर्वजों से काटकर रखना चाहते हैं, जबकि उन्हें यहां की संस्कृति और मान्यताओं पर गर्व होना चाहिए। चांद का पूर्वज सूर्य है उससे भी उसको काटने पर तुले हुए हैं। सिर्फ अलगाववाद के लिए विरोध करना कहां तक उचित है। ऐसे लोगों को समझना होगा अन्यथा मुस्लिम समाज की छवि वैश्विक रूप से खराब कर रहे हैं।





