हॉर्मुज नाकाबंदी की धमकी के बीच अमेरिका का ईरान को 6 शर्तों का फाइनल ऑफर, ट्रंप ने तेहरान की मदद करने पर चीन को दी 50% टैरिफ की धमकी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर नेवी की नाकाबंदी के आदेशानुसार अमेरिकी सेना ने घोषणा की है कि 13 अप्रैल 2026 की शाम 7 बजे से ईरान के सभी बंदरगाहों पर आने-जाने वाले समुद्री जहाजों पर रोक लागू करना शुरू करेगी।
उधर, शुक्रवार (10 अप्रैल 2026) को ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर की बातचीत फेल होने के बाद अब सोमवार (13 अप्रैल 2026) को ट्रंप ने ईरान को 6 बिंदुओं का फाइनल ऑफर दिया है:-
- सभी तरह के यूरेनियम संवर्धन को पूरी तरह बंद करना
- सभी परमाणु ठिकानों और सुविधाओं को खत्म करना
- 400 किलो संवर्धित यूरेनियम को सौंप देना
- पूरे क्षेत्र की सुरक्षा से जुड़े बड़े और व्यापक समझौते को स्वीकार करना
- हमास, हिज्बुल्लाह और यहूदी को समर्थन देना बंद करना
- स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को पूरी तरह खोल देना और वहाँ से गुजरने वाले जहाजों से कोई शुल्क न लेना
ईरानी बंदरगाह से गुजरने वाले हर जहाज पर रोक
यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि यह रोक सभी देशों के जहाजों पर समान रूप से लागू होगी। यानी कोई भी जहाज अगर ईरान के बंदरगाहों (पोर्ट) या तटीय इलाकों में आ रहा है या वहाँ से जा रहा है, तो उसे इस नियम का पालन करना होगा। इसमें अरब की खाड़ी और ओमान की खाड़ी में स्थित ईरानी बंदरगाह भी शामिल हैं।
हालाँकि, अमेरिका की सेना ने साफ किया कि वह हॉर्मुज से गुजरने वाले उन जहाजों को नहीं रोकेगी जो ईरान के अलावा किसी दूसरे देश के बंदरगाहों के लिए जा रहे हैं या वहाँ से आ रहे हैं। यानी अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों पर सामान्य आवाजाही जारी रहेगी।
अमेरिका के हॉर्मुज नाकाबंदी की घोषणा के बाद तेल की बढ़ीं कीमतें
ईरान के बंदरगाहों के आसपास अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी लागू करने के फैसले के बाद दुनियाभर में तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है। AP की रिपोर्ट के अनुसार, इस कदम से तेल सप्लाई में रुकावट की आशंका बढ़ गई है।
अमेरिका का कच्चा तेल करीब 8 प्रतिशत बढ़कर 104.24 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गया। वहीं ब्रेंट क्रूड की कीमत में भी लगभग 7 प्रतिशत की तेजी आई और यह 102.29 डॉलर प्रति बैरल हो गया।
हॉर्मुज पर नाकाबंदी से दुनियाभर में असर
ट्रंप के हॉर्मुज नाकाबंदी के ऐलान से तेल की सप्लाई कम होने का खतरा बढ़ गया है। अगर हॉर्मुज में थोड़ी भी पाबंदी लगती है, तो जहाजों की आवाजाही धीमी हो सकती है और तेल की डिलीवरी में देरी हो सकती है।
पिछले कुछ दिनों में इस इलाके में जहाजों की आवाजाही पहले से ही कम रही है। AP के मुताबिक, समुद्री टैकिंग डेटा बताता है कि सीजफायर शुरू होने के बाद अब तक 40 से ज्यादा कमर्शियल जहाज इस रास्ते से गुजर चुके हैं।
इस क्षेत्र से कम जहाज गुजरने और तेल ले जाने वाले टैंकरों के लिए बढ़ते खतरे के कारण कीमतें और ट्रांसपोर्ट खर्च दोनों बढ़ सकते हैं। इसका असर खासतौर पर उन देशों पर पड़ेगा जो मध्य पूर्व से आने वाले तेल पर ज्यादा निर्भर हैं।
ट्रंप की चीन को धमकी
हॉर्मुज पर नाकाबंदी के ऐलान के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को खुली धमकी दी है। ट्रंप ने कहा कि अगर चीन ने ईरान की मदद की तो उन पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा। ट्रंप ने कहा, “अगर हम उन्हें ऐसा करते हुए पकड़ लेते हैं, तो उन पर 50 प्रतिशत का टैरिफ लगेगा, जो कि बहुत बड़ा है। यह एक चौंका देने वाली रकम है।”
ट्रंप ने यह धमकी उन रिपोर्ट्स के सामने आने के बाद दी है, जिसमें कहा गया कि चीन आने वाले कुछ हफ्तों में ईरान को नए एयर डिफेंस सिस्टम भेजने की तैयारी कर रहा है। हालाँकि, चीन ने इन दावों को खारिज कर दिया है।
बता दें कि अमेरिका और ईरान के तनाव में पहले भी चीन की भूमिका सामने आई है। जब सीजफायर के बाद ट्रंप ने कहा था कि ईऱान ने चीन के कहने पर शर्तें मानी हैं।





