
यह मुद्दा कोई नया नहीं है। कुछ शिकायतें तो 2022 की हैं। हालांकि इस साल मार्च में मामला तब और बढ़ गया जब एक महिला ने अपने एक सहकर्मी पर शादी का झूठा वादा करके उसके साथ संबंध रखने का आरोप लगाया। उस एक शिकायत के बाद तो शिकायतों का सिलसिला ही शुरू हो गया। और भी कर्मचारी सामने आए, FIRs की संख्या बढ़ गई, गिरफ्तारियां हुईं, और अब महाराष्ट्र पुलिसकी विशेष जांच दल (SIT) उन आरोपों की जांच कर रहा है जो कई सालों से कंपनी में चल रहा था।
ये हैं गिरफ्तार आरोपी
पुलिस के अनुसार, अब तक मामले में 9 FIR दर्ज की गई हैं। और इस मामले के संबंध में कई गिरफ्तारियां भी हुई हैं। आरोपियों में शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, तौसीफ अत्तार, रज़ा मेमन, आसिफ अंसारी और दानिश शेख शामिल हैं। उन्हें अदालत में पेश किया गया और पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। नासिक पुलिस कमिश्नर संदीप कर्णिक की देखरेख में, इस मामले की जांच ACP क्राइम संदीप मितके के नेतृत्व वाली एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि इन आरोपों में यौन अपराध और काम की जगह पर धार्मिक दबाव बनाने के दावे, दोनों शामिल हैं।
टीम लीड्स पर धमकाने और नौकरी से निकालने का आरोप
पुलिस ने बताया कि पहली FIR मार्च 2026 में खुफिया जानकारी मिलने के बाद दर्ज की गई थी, जिसके बाद और भी शिकायतें सामने आईं। पीड़ितों ने उत्पीड़न, दबाव और शिकायतों को नज़रअंदाज़ किए जाने के आरोप लगाए हैं। कई महिला कर्मचारियों और कम से कम एक पुरुष सहकर्मी ने नासिक शहर पुलिस से संपर्क कर आरोप लगाया है कि सीनियर कर्मचारियों, खासकर टीम लीड्स के एक समूह द्वारा उनके साथ लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है।
जबरन नमाज पढ़ने और धर्म परिवर्तन का दबाव
शिकायतकर्ताओं ने बार-बार गलत तरीके से छूने, अश्लील टिप्पणियां करने, छेड़छाड़ करने और कुछ मामलों में शादी के झूठे वादे करके शारीरिक संबंध बनाने के आरोप लगाए हैं। पीड़ितों ने यह भी बताया कि उन पर धर्म परिवर्तन करने, नमाज पढ़ने और मुस्लिम धर्म के आयोजनों में शामिल होने का दबाव डाला गया। कुछ ने तो यह भी आरोप लगाया कि उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए उकसाने की कोशिशें की गईं।





