Thursday, April 2, 2026
Uncategorized

चन्द्रशेखर रावण की सारी हेकड़ी निकल गयी एक फोन पर,प्रियंका गांधी का था क्या? या सिर्फ इल्ज़ाम लगाने गया था रावण,अखिलेश पर

उत्तर प्रदेश में अभी ठीक से चुनाव प्रचार शुरु भी नहीं हुआ है लेकिन राजनीतिक चक्र बहुत तेजी से घूम रहा है। खुद को दलितों का प्रतिनिधि कहने वाले चंद्रशेखर की पार्टी भीम आर्मी ने शनिवार सुबह ऐलान किया कि उनका समाजवादी पार्टी के साथ कोई गठबंधन नहीं है और वे अलग चुनाव लड़ेंगे। हालांकि चंद्रशेखर की भीम आर्मी और अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन की बात लगभग पुष्ट हो चुकी थी। लेकिन शनिवार को सब बदल गया।

वैसे अगर यह गठबंधन होता तो मायावती से नाराज दलित वोटों का बड़ा हिस्सा समाजवादी पार्टी के हिस्से में आ सकता था, और इससे सपा-आरएलडी गठबंधन को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में काफी राजीतिक लाभ हो सकता था। लेकिन सूत्रों का कहना है कि भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने कुछ ऐसी मांगें सामने रख दी थीं जिन्हें पूरा करना मुश्किल था।

चंद्रशेखर ने प्रेस कांफ्रेंस कर गठबंधन न होने का ऐलान करते हुए अखिलेश यादव और उनकी समाजवादी पार्टी को दलित विरोधी करार दिया था, लेकिन अखिलेश यादव का दावा है कि ‘एक फोन आया और चंद्रशेखर आजाद पलट गए।’
अखिलेश यादव ने कहा कि, “समाजवादी पार्टी भीम आर्मी को गाजियाबाद समेत दो सीटें देने को तैयार थी, और इस पर करीब-करीब समझौता हो भी गया था लेकिन एक फोन आया और आजाद पलट गए।”

इससे पहले आजाद ने दावा किया अखिलेश यादव ने बहुजन समाज का अपमान किया है। उन्होंने कहा, “मैंने एक महीना 3 दिन तक कोशिश की, लेकिन गठबंधन नहीं हो सका।”
आजाद की इस घोषणा ने सभी को चौंका दिया क्योंकि उन्होंने खुद ही कुछ दिन पहले पत्रकारों से कहा था कि गठबंधन तय हो चुका है। चंद्रशेखर ने कहा कि, “मैं कांशीराम जी का अनुयायी हूं जिन्होंने नेताजी को नेताजी बनाया। हमारे बीच यह आशंका थी कि अगर समाजवादी पार्टी सत्ता में आती है तो दलितों का फिर से उत्पीड़न होगा। बीते दो दिनों में बहुजन समाज का काफी अपमान हुआ है।“

Leave a Reply