वह मेरे अब्बू नहीं है और न ही मैं भारतीय हूं, प्लीज मुझे मेरे देश वापस भेज दो
स्थानीय निवासी जियाद अली जफादार के घर से दस्तावेजों की चोरी करके उसने सारे दस्तावेज बनवाए थे और वोटर कार्ड बनवाने टाइम जियाद अली को पिता के रूप में दर्शाया था
अब SIR प्रक्रिया से डरकर उसने खुद स्वीकार किया कि वो बांग्लादेशी है और जियाद उसके अब्बू नहीं है, उसने भाजपा नेताओं से भी वापस लौटाने के लिए संपर्क किया है
वहीं ज़ियाद अली ने भी बताया कि उसने स्थानीय प्रशासन को इसकी कई बार सूचना दी कि वो मेरा बेटा नहीं है, बावजूद कुछ नहीं किया गया
जिसके बाद BJP TMC पर फायर हो गई, TMC लगातार SIR को फिजूल और मुस्लिम बहुल क्षेत्रों को टारगेट करने का दावा कर रही है
लेकिन जो ग्राउंड रियलिटी है वो कुछ और ही कह रही है, SIR प्रक्रिया के दौरान बांग्लादेशियों में डर है कि उन्हें हिरासत में लेकर डिटेंशन सेंटर में रखा जाएगा
जिसके बाद वे खुद बांग्लादेश लौट रहे है, इस दौरान वे स्वयं बता रहे है कि फलां तरीके से भारतीय दस्तावेज बन जाते है और इतने इतने बार मैने वोट किया है
एक अन्य मामले में दो बांग्लादेशी ने अपने अपने भारतीय ससुर के नाम पर वोटर कार्ड बनवा लिया था जो SIR प्रक्रिया में दौरान पकड़ा गया
विपक्ष चाहे कितना भी हंगामा कर ले, SIR होना आवश्यक है






