ईरान युद्ध के बीच पाकिस्तान के अंदर तेजी से हालात बदलते जा रहे हैं और शिया नेताओं ने आर्मी चीफ असीम मुनीर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 19 मार्च को एक हाई प्रोफाइल इफ्तार पार्टी के दौरान देश के शिया मौलानाओं को भारी अपमान किया गया है। इसके बाद पूरे पाकिस्तान में हंगामा खड़ा हो गया है। इस दौरान शिया नेताओं को कहा गया कि ‘अगर उन्हें ईरान से इतनी ही मोहब्बत है तो वो वहीं चले जाएं।’ इस बाबत पाकिस्तान के शिया मजहबी गुरु मोहम्मद शिफा नजफी ने कहा है कि इफ्तार पार्टी के अंतर शिया नेताओं की भारी बेइज्जती की गई है।
वहीं सीएनएन-न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक इस इफ्तार पार्टी में पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर ने देश के शीर्ष शिया उलेमा को सबके सामने बुरी तरह से फटकार लगाई और बेइज्जती की। इस कार्यक्रम में मौजूद सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि करीब एक घंटे तक असीम मुनीर एकतरफा संवाद करते रहे और इन शिया विद्वानों को अपने समुदाय की चिंताओं को उठाने या जरूरी सवाल पूछने का बिल्कुल भी समय नहीं दिया गया।
शिफा नजफी ने इफ्तार कार्यक्रम के बाद बयान देते हुए कहा है कि ‘मुझे कहा गया कि अगर इतनी ही मोहब्बत है तो ईरान चले जाओ तो मैं उन्हें बता दूं कि मोहम्मद अली जिना भी शिया थे।’ इस घटना के बाद पाकिस्तान का शिया समुदाय खुद को बुरी तरह अपमानित महसूस कर रहा है। वहीं मौलाना हसनैन अब्बास गर्देजी ने कहा कि इस दौरान जनरल असीम मुनीर का लहजा और उनकी टिप्पणियों की तुच्छता से भरी थीं और इतने ऊंचे संवैधानिक पद पर बैठे किसी अधिकारी के लिए ऐसी बातें बिल्कुल भी शोभा नहीं देती।
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