Tuesday, April 7, 2026
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हिंदुस्तान के हिजड़े हिंदू नेताओ के लिए सबक है इंग्लैंड के नए प्रधानमंत्री,ये जानवर खुद को सेक्यूलर दिखाने सूअर तक बनने को तैयार

खुद को गर्व से कहते हिंदू, भागवत गीता की शपथ….

सुनक का जन्म 1980 में साउथेम्प्टन में हुआ था. उन्होंने विनचेस्टर कॉलेज से दर्शनशास्त्र में डिग्री हासिल की और फिर ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में राजनीति और आर्थिक क्षेत्र में आगे बढ़े. इसके बाद स्टैनफोर्ड से एमबीए की डिग्री हासिल की.

सुनक के माता-पिता दोनों भारतीय मूल के हैं. उनके पिता यशवीर रिटायर्ड डॉक्टर हैं, जबकि मां ऊषा सुनक फार्मासिस्ट हैं. वह 1960 के दशक में पूर्वी अफ्रीका से यूके चले गए.

वैसे सुनक के दादा-दादी ब्रिटिश शासन वाले भारत में पैदा हुए थे, लेकिन उनका जन्मस्थान मौजूदा पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के गुजरांवाला में स्थित है. इस प्रकार नए ब्रिटिश नेता एक भारतीय और एक पाकिस्तानी दोनों है.

ऋषि सुनक ने इंफोसिस के चेयरमैन नारायण मूर्ति की बेटी अक्षता मूर्ति से शादी की है. कृष्णा और अनुष्का उनकी दो बेटियां हैं.

सियासत में कदम रखने से पहले ऋषि सुनक इन्वेस्टमेंट बैंक गोल्डमैन सैक्स में एनालिस्ट थे. सुनक फिर बच्चों के निवेश (टीसीआई) फंड में भागीदार बनकर हेज फंड में चले गए.

ऋषि सुनक ने संसद में भगवद् गीता पर हाथ रखकर यॉर्कशायर के सांसद के रूप में शपथ ली. ऐसा करने वाले वह ब्रिटेन के पहले सांसद थे.

42 वर्षीय सुनक अब तक सरकार में विभिन्न भूमिकाएं निभा चुके हैं. वह वर्ष 2018-19 में स्थानीय सरकार में जूनियर मंत्री थे. इसके बाद वह 2019-20 में ट्रेजरी के मुख्य सचिव बने. सुनक इसके बाद वर्ष 2020-22 में ब्रिटेन के वित्तमंत्री बने.

बोरिस जॉनसन के नेतृत्व वाली सरकार में ऋषि सुनक ने बतौर वित्तमंत्री डाउनिंग स्ट्रीट पर स्थित अपने आवास पर दिवाली के दीये जलाए थे.

ऋषि सुनक की कुल संपत्ति 700 मिलियन पाउंड से अधिक है. इसमें यॉर्कशायर में एक हवेली के मालिक होने के अलावा ऋषि और उनकी पत्नी अक्षता के पास मध्य लंदन के केंसिंग्टन में एक बंगला है.

सुनक ने कोविड-19 महामारी के दौरान चलाई गई योजनाओं को लेकर देश दुनिया में सुर्खियां बटोरीं. उन्होंने लॉकडाउन के 18 महीनों के दौरान नौकरियों और कारोबार को बचाने के लिए अरबों पाउंड की योजनाएं लागू, जिसके लिए उनकी काफी तारीफ भी हुई

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पूर्व वित्त मंत्री और अब ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री ऋषि सुनक को कंजरवेटिव पार्टी के 357 में से आधे से अधिक सांसदों का समर्थन मिला, जबकि उन्हें नेता बनने की दौड़ में बने रहने के लिए कम से कम 100 सांसदों के समर्थन की जरूरत थी।

लंदन : ऋषि सुनक सोमवार को ब्रिटेन की कंजरवेटिव पार्टी के निर्विरोध नेता चुने गए और इसी के साथ यह तय हो गया कि सुनक ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री होंगे। ब्रिटेन को उम्मीदें हैं कि पूर्व वित्त मंत्री सुनक उनके देश में ‘अच्छे दिन’ लेकर आएंगे। उनकी जीत को लेकर भारत में भी खुशियां मनाई जा रही हैं क्योंकि दीवाली के दिन ब्रिटेन को पहला हिंदू प्रधानमंत्री मिल गया। वह करीब 200 साल में सबसे युवा ब्रिटिश पीएम हैं। बकिंघम पैलेस में किंग चार्ल्स III से मुलाकात के बाद ऋषि सुनक मंगलवार को औपचारिक रूप से देश के नए प्रधानमंत्री बन जाएंगे। आइए जानते हैं उनके बारे में पांच बड़ी बातें-

भारत से जुड़ी हैं जड़ें
ऋषि सुनक कुछ हफ्तों पहले लिज ट्रस से पीएम पद की रेस हार गए थे। यह उनकी शानदार राजनीतिक वापसी है। मंगलवार को प्रधानमंत्री बनकर वह इतिहास रचेंगे। ब्रिटेन की सत्ता के शीर्ष पर बैठने वाले सुनक पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिनकी जड़ें भारत से जुड़ी हैं और जो हिंदू हैं। उनके दादा-दादी पंजाब से थे और 1960 के दशक में वे पूर्वी अफ्रीका से पलायन कर ब्रिटेन आए थे। सुनक के पिता एक डॉक्टर थे और उनकी मां एक फार्मेसी चलाती थीं। ऑक्सफोर्ड और स्टैनफोर्ड जैसी प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी में पढ़ाई से पहले सुनक एक भारतीय रेस्तरां में वेटर के तौर पर काम करते थे। अंग्रेजी के अलावा ऋषि हिंदी और पंजाबी भाषा भी जानते हैं।

सुनक को ‘हिंदू होने पर गर्व’
ऋषि सुनक हिंदू हैं और अपनी धार्मिक पहचान को लेकर वह काफी मुखर रहते हैं। वह नियमित रूप से मंदिर जाते हैं और उनके बेटियों, अनुष्का और कृष्णा, की जड़ें भी भारतीय संस्कृति से जुड़ी हैं। सुनक जब सांसद बने थे तब उन्होंने भगवत गीता की शपथ ली थी। एक रैली में सुनक ने कहा था कि भले ही वह एक ब्रिटिश नागरिक हैं, उन्हें अपने ‘हिंदू होने पर गर्व’ है।

नारायण मूर्ति के दामाद
कैलिफोर्निया की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में एमबीए की पढ़ाई के दौरान सुनक की मुलाकात उनकी फैशन डिजाइनर अक्षता मूर्ति से हुई थी। अगस्त 2009 में अक्षता और ऋषि शादी के बंधन में बंध गए। अक्षता Infosys के को-फाउंडर और भारत के सबसे अमीर लोगों की सूची में शामिल नारायण मूर्ति की बेटी हैं। सुनक कई बार इसका जिक्र कर चुके हैं कि उन्हें अपने ‘सास और ससुर पर बेहद गर्व’ है।

सुनक के पास कितना पैसा?
ऋषि सुनक को हाउस ऑफ कॉमन्स में सबसे अमीर शख्स कहा जाता है जिनकी कुल संपत्ति 730 मिलियन पाउंड है। कुछ रिपोर्ट्स तो यहां तक दावा करती हैं उनकी पत्नी ब्रिटेन के सम्राट से भी ज्यादा अमीर हैं। माना जाता है कि दंपति की कुल संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा Infosys की हिस्सेदारी से आता है। हालांकि 2015 में राजनीति में कदम रखने से पहले फाइनेंस के क्षेत्र में सुनका का एक सफल करियर रहा है। दंपति के पास लंदन, कैलिफोर्निया, सैंटा मोनिका और यॉर्कशायर में कई घर हैं। अक्सर सुनक और अक्षता मूर्ति अपनी संपत्ति को लेकर सुर्खियां बटोर रहे हैं।
सुनक का राजनीतिक सफर
साल 2015 में यॉर्कशायर की रिचमंड सीट जीतकर टोरी नेता ऋषि सुनक का राजनीतिक सफर शुरू हुआ। फरवरी 2020 में साजिद जाविद के इस्तीफे के बाद सुनक चांसलर ऑफ एक्सचेकर के पद पर पहुंच गए। सुनक के कम अनुभव को लेकर कुछ लोगों को उन पर संदेह था लेकिन कोविड महामारी के दौरान आर्थिक मोर्चे को सफलतापूर्वक संभालकर उन्होंने अपने आलोचकों को गलत साबित कर दिया। कुछ महीनों पहले तक सुनक बोरिस जॉनसन कैबिनेट में वित्तमंत्री थे लेकिन उनके इस्तीफे ने ब्रिटेन में एक राजनीतिक परिवर्तन की नींव रखी। आज टैक्स-कटौती के लुभावने वादों के बजाय महंगाई को कम करने और अर्थव्यवस्था को बेहतर स्थिति में लाने की अपनी रणनीतिक की बदौलत ऋषि सुनक ब्रिटेन के प्रधानमंत्री जा रहे हैं।

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