कन्नौज में रामचरितमानस विवाद के लोगों ने कुरान में लिखी आयतों का किया विरोध. आइए बताते हैं क्या है पूरा मामला…
सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के रामचरितमानस को लेकर दिए बयान के बाद से विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. अभी तक इस पूरे विवाद में स्वामी के पक्ष और विपक्ष में प्रतिक्रयाएं आ रही थीं. अब इस पूरे प्रकरण में नया मोड़ आता दिख रहा है. हालिया मामला कन्नौज से सामने आया है. यहां रामचरितमानस और कुरान को लेकर दलित समाज के दो पक्ष आमने-सामने आ गए हैं. एक पक्ष रामचरित मानस की चौपाइयों का विरोध कर रहा है तो दूसरा कुरान में लिखी आयतों का. दोनों की ओर से इस पूरे मामले को लेकर राष्ट्रपति संबोधित ज्ञापन सौंपा गया है और सुधार की मांग रखी गई.
जनपद कन्नौज में रामचरितमानस और कुरान को लेकर दलित समाज के दो पक्ष आमने सामने आ गए हैं. एक पक्ष रामचरित मानस की चौपाइयों का विरोध कर रहा है तो दूसरा कुरान में लिखी आयतों का. दोनों की ओर से इस पूरे मामले को लेकर राष्ट्रपति संबोधित ज्ञापन सौंपा गया है और सुधार की मांग की गई है.
एक पक्ष कर रहा विरोध
कन्नौज में एक पक्ष ने मानस विवाद के विरोध में मौन जुलूस निकाला. लोगों का कहना है कि श्रीरामचरितमानस को लेकर हो रही अनर्गल टिप्पणियों को विरोध में यह मार्च निकाला है. इससे हिंदूओं के पवित्र धर्मग्रंथ का अपमान हो रहा है. इस दौरान लोगों ने कुरान में लिखी आपत्ति जताई है. लोगों का कहना हा कि कुरान में कुछ ऐसी आयतें लिखी हैं जिनसे दलित और पिछड़ा समाज सबसे ज्यादा प्रभावित होता है. कुरान की आयतों में लिखा है कि गैर मुस्लिम सभी काफिर होते है और उनका कत्ल करना जायज है, उनकी संपत्ति और बहू-बेटियों को उपभोग करना जायज बताया गया है. इतना ही नहीं धर्मांतरण से सबसे ज्यादा दलित समाज ही प्रभावित होता है. लोगों ने महामहिम राष्ट्रपति से मांग की है कि इन आयतों को कुरान की पुस्तक से हटाया जाए.
एक पक्ष ने किया समर्थन
यहां भी लोगों द्वारा मौन जुलूस निकाला गया. यह लोग सपा नेता और वर्तमान में विधान परिषद सदस्य स्वामी प्रसाद मौर्य के द्वारा दिए गए बयान का समर्थन कर रहे हैं. जुलूस में शामिल लोगों ने कहना है कि दलित, पिछड़े, आदिवासी भी हिंदू समाज का हिस्सा हैं और हिंदू में आस्था रखते हैं. कुछ रचनाकारों ने ऐसे ग्रंथ लिखे हैं जिनसे उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचती है. इसके विरोध में आवाज उठा रहे हैं. लोगों का कहना है स्वामी प्रसाद मौर्य ने रामचरितमानस या किसी धर्म या आराध्य पर सवाल ने उठाकर कुछ चौपाइयों का पर विरोध जताया था.
जानिए उन आयतों के बारे में
रान की खूनी आयतें है, कुरान में काफिर कौन है, कुरान किसने लिखा, कुरान का इतिहास आइये जानते है इन सभी सवालों के जवाब
एक्स मुस्लिम्स यानी इस्लाम को छोड़ चुके लोगो बताते है कि कुरान में गलत बातें ही नहीं लिखी गयी है बल्कि कुरान की आयतें खूनी है। क्या वाकई कुरान में लिखी गलत बातें और कुरान की खूनी आयतें है
कुरान की आयत हिंदी मे,
1- ”फिर, जब पवित्र महीने बीत जाऐं, तो ‘मुश्रिको’ (मूर्तिपूजको ) को जहाँ-कहीं पाओ कत्ल करो, और पकड़ो और उन्हें घेरो और हर घात की जगह उनकी ताक में बैठो। ( कुरान मजीद, सूरा 9, आयत 5) (कुरान 9:5) . http://www.quran.com/9/5 http://www.quranhindi.com/p260.htm
2- ”हे ‘ईमान’ लाने वालो (केवल एक आल्ला को मानने वालो ) ‘मुश्रिक’ (मूर्तिपूजक) नापाक (अपवित्र) हैं।” (कुरान सूरा 9, आयत 28) . http://www.quran.com/9/28 www.quranhindi.com/p265.htm
3- ”निःसंदेह ‘काफिर (गैर-मुस्लिम) तुम्हारे खुले दुश्मन हैं।” (कुरान सूरा 4, आयत 101) . http://www.quran.com/4/101 www.quranhindi.com/p130.htm
4- ”हे ‘ईमान’ लाने वालों! (मुसलमानों) उन ‘काफिरों’ (गैर-मुस्लिमो) से लड़ो जो तुम्हारे आस पास हैं, और चाहिए कि वे तुममें सखती पायें।” (कुरान सूरा 9, आयत 123) . http://www.quran.com/9/123 www.quranhindi.com/p286.htm
5- ”जिन लोगों ने हमारी ”आयतों” का इन्कार किया (इस्लाम व कुरान को मानने से इंकार) , उन्हें हम जल्द अग्नि में झोंक देंगे। जब उनकी खालें पक जाएंगी तो हम उन्हें दूसरी खालों से बदल देंगे ताकि वे यातना का रसास्वादन कर लें। निःसन्देह अल्लाह प्रभुत्वशाली तत्वदर्शी हैं” (कुरान सूरा 4, आयत 56) http://www.quran.com/4/56 www.quranhindi.com/p119.htm
6- ”हे ‘ईमान’ लाने वालों! (मुसलमानों) अपने बापों और भाईयों को अपना मित्र मत बनाओ यदि वे ईमान की अपेक्षा ‘कुफ्र’ (इस्लाम को धोखा) को पसन्द करें। और तुम में से जो कोई उनसे मित्रता का नाता जोड़ेगा, तो ऐसे ही लोग जालिम होंगे” (कुरान सूरा 9, आयत 23) . http://www.quran.com/9/23 . . www.quranhindi.com/p263.htm .
7- ”अल्लाह ‘काफिर’ लोगों को मार्ग नहीं दिखाता” (कुरान सूरा 9, आयत 37) . http://www.quran.com/9/37 . www.quranhindi.com/p267.htm .
8- ” ऐ ईमान (अल्ला पर यकिन) लानेवालो! तुमसे पहले जिनको किताब दी गई थी, जिन्होंने तुम्हारे धर्म को हँसी-खेल बना लिया है, उन्हें और इनकार करनेवालों को अपना मित्र न बनाओ। और अल्लाह का डर रखों यदि तुम ईमानवाले हो (कुरान सूरा 5, आयत 57) . http://www.quran.com/5/57 www.quranhindi.com/p161.htm
9- ”फिटकारे हुए, (मुनाफिक) जहां कही पाए जाऐंगे पकड़े जाएंगे और बुरी तरह कत्ल किए जाएंगे।” (कुरान सूरा 33, आयत 61) . http://www.quran.com/33/61 www.quranhindi.com/p592.htm
10- ”(कहा जाऐगा): निश्चय ही तुम और वह जिसे तुम अल्लाह के सिवा पूजते थे ‘जहन्नम’ का ईधन हो। तुम अवश्य उसके घाट उतरोगे।” ( कुरान सूरा 21, आयत 98 . http://www.quran.com/21/98 www.quranhindi.com/p459.htm
11- ‘और उस से बढ़कर जालिम कौन होगा जिसे उसके ‘रब’ की आयतों के द्वारा चेताया जाये और फिर वह उनसे मुँह फेर ले। निश्चय ही हमें ऐसे अपराधियों से बदला लेना है।” (कुरान सूरा 32, आयत 22) . http://www.quran.com/32/22 www.quranhindi.com/p579.htm
12- ‘अल्लाह ने तुमसे बहुत सी ‘गनीमतों’ का वादा किया है जो तुम्हारे हाथ आयेंगी,”(लूट का माल) (कुरान सूरा 48, आयत 20) . http://www.quran.com/48/20 www.quranhindi.com/p713.htm
13- ”तो जो कुछ गनीमत (लूट का माल जैसे लूटा हुआ धन या औरते) तुमने हासिल किया है उसे हलाल (valid) व पाक समझ कर खाओ (उपयोग करो)’ (कुरान सूरा 8, आयत 69) . http://www.quran.com/8/69 www.quranhindi.com/p257.htm
14- ”हे नबी! ‘काफिरों’ और ‘मुनाफिकों’ के साथ जिहाद करो, और उन पर सखती करो और उनका ठिकाना ‘जहन्नम’ है, और बुरी जगह है जहाँ पहुँचे” (कुरान सूरा 66, आयत 9) . http://www.quran.com/66/9 www.quranhindi.com/p785.htm
15- ‘तो अवश्य हम ‘कुफ्र’ (इस्लाम को धोखा देने वालो) करने वालों को यातना का मजा चखायेंगे, और अवश्य ही हम उन्हें सबसे बुरा बदला देंगे उस कर्म का जो वे करते थे।” (कुरान सूरा 41, आयत 27) . http://www.quran.com/41/27 www.quranhindi.com/p662.htm
कुरान में काफिर कौन है , कुरान मैं गैर मुस्लिमों को काफिर कहा जाता है जिसमे हिन्दू, सिख,ईसाई,बोद्ध अन्य सभी धर्मो के लोग आ जाते है।






