चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर और कांग्रेस पार्टी के बीच संबंध और प्रगाढ़ होने की दिशा में जल्द ही कुछ फैसला लिया जाएगा। इस बीच ऐसी संभावना जताई जा रही है कि प्रशांत किशोर पार्टी में बड़ी भूमिका चाहते हैं। इसको लेकर पार्टी में उच्चस्तरीय विचार-विमर्श का दौर चल रहा है।
बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के लिए रणनीति बनाकर चुनाव में जबरदस्त सफलता दिलाने के बाद कांग्रेस पार्टी उनको अपने साथ लेना चाहती है। इसको लेकर उनकी राहुल गांधी और अन्य नेताओं के साथ कई बार बैठक भी हो चुकी है। राहुल गांधी ने संकेत दिया है कि प्रशांत किशोर की भूमिका को लेकर जल्द फैसला किया जाएगा। फिलहाल इस बारे में पार्टी के अंदर मंथन हो रहा है कि उनको लेने से कितना नफा-नुकसान होगा।
कांग्रेस की राजनीतिक वापसी के रोडमैप को आगे बढ़ाने के लिए चर्चित चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (पीके) की सियासी भूमिका का स्वरूप पार्टी ने लगभग तय कर लिया है। प्रशांत किशोर को कांग्रेस संगठन के ढांचे को दुरुस्त करने के साथ चुनाव प्रबंधन से लेकर सियासी गठबंधनों को सिरे चढ़ाने की अहम जिम्मेदारी देकर पार्टी में शामिल किया जाएगा। पीके की इस सियासी भूमिका के लिए पार्टी में एक विशेष सलाहकार समिति के गठन की भी तैयारी है जो सीधे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को रिपोर्ट करेगी।
पीके के ब्लू प्रिंट पर वरिष्ठ नेताओं से चर्चा लगभग पूरी
इस बात के पुख्ता संकेत हैं कि शीर्ष संगठन में बड़े बदलावों के लिए लीक से हटकर उठाए जाने वाले कुछ अहम कदमों के साथ प्रशांत किशोर के कांग्रेस में शामिल होने का एलान जल्द हो जाएगा। पार्टी सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करते हुए उसके सियासी आधार की वापसी के लिए पीके के दिए गए ब्लू प्रिंट पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच पिछले तीन हफ्ते के दौरान काफी लंबी और गंभीर चर्चा हुई है।
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पार्टी हाईकमान के निकटस्थ माने जाने वाले दिग्गज नेता पूर्व रक्षामंत्री एके एंटनी, जयराम रमेश और कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पीके के ब्लू प्रिंट को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ छोटे-छोटे समूहों में चर्चा की है। कांग्रेस कार्यसमिति के कई सदस्यों से भी इस बारे में चर्चा की गई है और उनके फीडबैक लिए गए हैं।
बड़े ओहदे के साथ सीधे सोनिया गांधी को करेंगे रिपोर्ट
सूत्रों के अनुसार इन चर्चाओं के दौरान कुछ विषयों पर चाहे मतांतर हो, मगर कांग्रेस को मजबूत करने के प्रस्तावों को लेकर नेताओं की ओर से किसी तरह का एतराज नहीं दिखा है। इसके मद्देनजर ही माना जा रहा कि पीके को जल्द ही कांग्रेस में शामिल कर उनकी नई राजनीतिक भूमिका की घोषणा हो जाएगी। बताया जाता है कि कांग्रेस को पुनर्जीवित करने के लिए पीके ने जो प्रस्ताव दिया है, उसके तहत कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अगुआई में पार्टी में एक विशेष सलाहकार समूह का गठन किए जाने की सिफारिश की गई है।





