Saturday, March 28, 2026
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PFI पर सनसनीखेज खुलासा: भाग 2,अपने राज्य में देखिए

8 राज्यों में एनआईए ने लोकल पुलिस को लेकर फिर से एक्शन लिया है। अब तक 150 से ज्यादा लोग पकड़े जा चुके हैं।

पीएफआई (कट्टर जिहादी संगठन) पर लगातार एक्शन
पीएफआई (कट्टर जिहादी संगठन) पर लगातार एक्शन

खुफिया एजेंसियों ने अब जिहादी संगठन पीएफआई का खात्मा करने की ठान ली है!

पीएफआई यानि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया 16 सालों में 23 राज्यों तक अपना नेटवर्क फैला चुका है। और दावा करता है कि सोशल वर्क करने वाला संगठन है, लेकिन देश के अलग-अलग हिस्सों की रिपोर्ट्स बताती हैं कि इस संगठन का हत्या से लेकर दंगों तक नाम आया है। 5 दिन पहले एनआईए और ईडी ने मिलकर 11 राज्यों में छापेमारी की। इसमें 106 लोग गिरफ्तार हुए। पूछताछ में इनसे लिंक के आधार पर मंगलवार सुबह से 8 राज्यों में एनआईए ने लोकल पुलिस को लेकर फिर से एक्शन लिया है। अब तक 150 से ज्यादा लोग पकड़े जा चुके हैं। छापेमारी चल रही है।

 

एनआईए की छापेमारी में मिले दस्तावेजों और संदिग्ध लोगों से पूछताछ में यह जानकारी मिली है कि हर राज्य के लिए पीएफआई का एक अलग मिशन था, लेकिन ट्रेनिंग लेकर आए लड़कों को हर मिशन से कनेक्ट करके रखा गया था। मध्य प्रदेश में एक हजार से ज्यादा युवाओं, प्रोफेशनल्स और ग्रेजुएट को देश विरोधी लिखित और इंटरनेट की सामग्री तैयार करने की ट्रेनिंग दी गई और राजस्थान, बिहार और उत्तर प्रदेश में काम करने के लिए कहा गया। बिहार के पूर्णिया में हथियार चलाने और कराटे का प्रशिक्षण दिया गया।

बिहार

बिहार में पटना के फुलवारी शरीफ के पीएफआई के दफ्तर में एनआईए और ईडी की छापेमारी हुई। यहां से मिले दस्तावेजों से पता चला कि भारत को 2047 तक इस्लामिक राष्ट्र बनाने की साजिश रची जा रही थी। नेपाल बॉर्डर के आसपास के इलाकों को ट्रेनिंग के चुना गया था। बॉर्डर का इस्तेमाल फंडिंग और हथियारों के लिए किए जा रहा था। ईडी और एनआईए की अभी जांच चल रही है।

राजस्थान

राजस्थान में युवाओं को हिंसा फैलानेहिंदू समर्थकों या मजहब के खिलाफ बोलने वालों को सबक सिखाने की ट्रेनिंग दी गई। इन्हें काम सौंपा गया कि हत्या या हिंसा के बाद सिर तन से जुदा के नारे लगाकर, वीडियो जारी करके, पत्र लिखकर या फोन से धमकी देकर दहशत फैलाएं।

एनआईए ने कोटा और बारां से कई संदिग्धों को हिरासत में लिया। बारां से सादिक हुसैन नाम के शख्स को हिरासत में लिया गया। सादिक हुसैन एसडीपीआई का जिला सचिव है। उससे पूछताछ हुई, तो अजमेर के ब्यावर और सरवाड़ में बड़े नेटवर्क का पता चला। उदयपुर में कन्हैयालाल हत्याकांड में पीएफआई के शामिल होने की बात भी सामने आई। सिर तन से जुदा करने के एजेंडे के तहत ही हत्या की गई और वीडियो जारी किया गया।

मध्यप्रदेश

मध्य प्रदेश को ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। उज्जैन और इंदौर से गिरफ्तार लोगों से पूछताछ में पता चला कि देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के लिए युवाओं को 40 हजार तक की सैलरी में प्रोफेशनल्स और ग्रेजुएट को भर्ती किया गया।

एनआईए और एमपी एटीएस ने इंदौर और उज्जैन से पीएफआई के 4 जिहादियों को गिरफ्तार किया है। अब्दुल करीम बेकरी वाला निवासी इंदौर पीएफआई का प्रदेश अध्यक्ष है, अब्दुल खालिद निवासी इंदौर पीएफआई का जनरल सेक्रेटरी है, मोहम्मद जावेद निवासी इंदौर पीएफआई का प्रदेश कोषाध्यक्ष है, जमील शेख निवासी उज्जैन पीएफआई का प्रदेश सचिव है। इनके पास से बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, देश विरोधी दस्तावेज और डिजिटल दस्तावेज बरामद हुए। मध्य प्रदेश के 25 जिलों में इनका नेटवर्क है। इसमें 5 जिले श्योपुर, बुरहानपुर, इंदौर, उज्जैन, खंडवा जिले हॉट स्पॉट हैं। हिंसा फैलाने में मुख्य साजिशकर्ता इमरान मीटिंग और ट्रेनिंग करवाता था।

उत्तरप्रदेश

उत्तरप्रदेश में संदेश फैलाया गया कि मथुरा और ज्ञानवापी में अयोध्या जैसी हार न हो सके। इससे पहले, नूपुर शर्मा विवाद के बाद जुमे पर हिंसा भड़काने के लिए उकसाया गया। छापेमारी में मिले दस्तावेजों से इस बात की जानकारी मिली है।

पीएफआई के खिलाफ लखनऊ की स्पेशल MP-MLA कोर्ट में चार्जशीट दाखिल हुई। चार्जशीट में सीएफआई के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अतिकुर रहमान, सीएफआई दिल्ली के महासचिव मसूद अहमद, पत्रकार सिद्धिकी कप्पन और मोहम्मद आलम के नाम शामिल थे। साजिश रचने की सीएफआई के राष्ट्रीय महासचिव केए राउफ शरीफ ने तैयार की थी। 8 और संदिग्ध हिरासत में लिए गए। पूछताछ में पता चला कि यूपी में हाथरस कांड, हिजाब विवाद, किसान आंदोलन, जुमा हिंसा, सीएए-एनआरसी आंदोलन में हिंसा भड़काने का काम किया गया।

यूपी में गिरफ्तार संदिग्ध लोगों के परिवार और गांव के लोगों से पूछताछ में पता चला कि यूपी समेत पड़ोस के 4 राज्यों में इस संगठन का मकसद सिर्फ माहौल बिगाड़ने की कोशिश रहा है।

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