ऑपइंडियNavarasa के पोस्टर में कुरान, नेटफ्लिक्स बैन और बवाल: पहले भी दी थी कानून-व्यवस्था की धमकी
नवरस शो के पोस्टर पर मुस्लिमों के निशाने पर नेटफ्लिक्स
नेटफ्लिक्स पोस्टर
ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स अपने कंटेंट के चलते अक्सर विवादों में घिरा रहता है, लेकिन इस बार यह अपने शो के पोस्टर से ही मुस्लिमों के निशाने पर आ गया है। दरअसल ‘नवरस’ नाम के शो के पोस्टर पर कुरान की आयतें दिखाई गई हैं, जिनके चलते नेटफ्लिक्स को मुस्लिमों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। यह पोस्टर दैनिक अखबार तांथी (Thanthi) में प्रकाशित हुआ है।
Netflix has published a verse of the Quran in the advertisement of its film NavaRasa in Daily Thanthi newspaper
معاز اللہ
This is an insult to the Quran. We demand strict action against@NetflixIndia#BanNetflix #BanDailyThanthiNews #TahaffuzeQuran— Raza Academy (@razaacademyho) August 6, 2021
Remember one thing that Quran and Islam are not the sources of entertaining people.
It belongs to our dignity and religious beliefs.
Please don't hurt our religious feelings by doing these kind of things.#TahaffuzeQuran#RemoveNavarasaPoster #BanNetflix pic.twitter.com/ntdQcQsj3Y— ✿Ahmad Raza✿ ࿐احمدرضا࿐ (@Ahmad_Raza_Q) August 6, 2021
पोस्टर प्रकाशन के बाद सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में मुस्लिम नेटफ्लिक्स के खिलाफ अपशब्दों का उपयोग कर रहे हैं और उस पर कड़ी कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। नेटफ्लिक्स के खिलाफ चलाए जा रहे इस कैम्पेन में इस्लामिक संगठन रजा एकेडमी सबसे आगे है, जो ओटीटी प्लेटफॉर्म के खिलाफ कार्रवाई की माँग कर रहा है।
रजा एकेडमी अपने कट्टरपंथी सोच एवं व्यवहार के लिए जाना जाता रहा है। इसी इस्लामिक संगठन ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का समर्थन करने के लिए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैन्युएल मैक्रों के खिलाफ फतवा जारी किया था। रजा एकेडमी ने ही धमकी दी थी कि अगर ‘मोहम्मद: द मैसेंजर ऑफ गॉड’ को बैन नहीं किया गया तो कानून-व्यवस्था खराब हो सकती है। इस फिल्म में इस्लाम के पैगम्बर मोहम्मद के जन्म से 13 साल तक के जीवन को दिखाया गया था।
अगस्त 2011 में इस संगठन से जुड़े लोगों ने मुंबई के आजाद मैदान में प्रदर्शन का आयोजन किया था और हिंसा फैलाई थी। रजा एकेडमी के अलावा कई अन्य मुस्लिम संगठनों ने नवरस के पोस्टर पर नाराजगी व्यक्त की है। मुस्लिमों ने सीधे तौर पर नेटफ्लिक्स को चेतावनी दी कि उसके द्वारा मजहबी भावनाओं के साथ खिलवाड़ न किया जाए। साथ ही कई यूजर्स ने अपशब्दों का भी उपयोग किया और नेटफ्लिक्स के लिए ‘हराम की पैदाइश’ और ‘हराम**’ जैसे शब्दों का उपयोग किया।
Today the Quran-e-Pak has been insulted and more than half of our Muslim brothers and sisters are worshiping the reels actors of Tik Tok's Instagram wake up Muslims Otherwise your name will not be left
#BanNetflix
#BanDailyThanthiNews
#TahaffuzeQuran pic.twitter.com/tkQBV9gBnC— Labbaik Ya Rasoolallahﷺ (@naamoserisalat) August 6, 2021
हाल के समय में कई बार यह देखने को मिला कि इस्लामिक कट्टरपंथियों की असहिष्णुता के कारण अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता खतरे में आ गई। इसी से बचने के लिए ओटीटी प्लेटफॉर्म और मनोरंजन जगत अक्सर ही सेल्फ सेंसरशिप कर लेता है। फिलहाल देखना होगा कि नेटफ्लिक्स किस तरह से इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देता है।





