पंजाब कांग्रेस (Congress) में दबदबे को लेकर पिछले कई महीने से चल रहे सत्ता संघर्ष में फिलहाल नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) ने बाजी मारी ली है. पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उन्हें सूबे का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है.
सुनील जाखड़ प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए गए
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी किए गए पार्टी सर्कुलर के मुताबिक पंजाब में सुनील जाखड़ को हटाकर नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है. उनके साथ संगत सिंह गिलजियां, सुखविंदर सिंह डैनी, पवन गोयल और कुलजीत सिंह नागरा को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है.
पंजाब कांग्रेस (Punjab Congress) में लंबे समय से चल रहा सियासी घमासान आखिरकार रविवार रात खत्म होता दिखा. कांग्रेस आलाकमान ने नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) को पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष (Punjab Congress Chief) नियुक्त किया है. हालांकि, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह लगातार इसको लेकर अपनी आपत्ति जता रहे थे. अब सिद्धू को पंजाब कांग्रेस का प्रमुख बनाए जाने पर बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) की प्रतिक्रिया सामने आई है. विजयवर्गीय ने नवजोत सिंह सिद्धू को उनका पुराना बयान याद दिलाया है, जोकि उन्होंने बीजेपी में रहते हुए दिया था.
कांग्रेस आलाकमान के फैसले के बाद बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने ट्वीट किया, ”राहुल गांधी को उनका देश में सर्वाधिक लोकप्रिय नाम देने वाले सिद्धू को पंजाब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बनने पर बधाई. यह वही सिद्धू हैं, जिन्होंने कहा था कि कांग्रेस मुन्नी से भी ज्यादा बदनाम है. हम क्या कहें ये किस्सा उनका है, ये वे जानें कि वे जानें.”
पंजाब कांग्रेस में नवजोत सिंह सिद्धू और कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच कई सालों से विवाद चल रहा था. सिद्धू कैप्टन सरकार में मंत्री थे, लेकिन बाद में तनाव बढ़ने के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद सिद्धू लगातार कांग्रेस आलाकमान से मुलाकात करते रहे. ऐसे में कैप्टन अमरिंदर सिंह की आपत्ति के बावजूद भी सिद्धू को पंजाब कांग्रेस का प्रमुख बनाया गया है.
सिद्धू की नियुक्ति ‘कैप्टन’ के लिए झटका
केसी वेणुगोपाल ने हटाए गए सुनील जाखड़ के कार्यों की सराहना की है. साथ ही पंजाब (Punjab) में कार्यकारी अध्यक्ष बनाए गए कुलजीत सिंह नागरा से सिक्किम, नागालैंड और त्रिपुरा के प्रदेश प्रभारी का पद वापस ले लिया है. चुनावों से पहले सिद्धू की पंजाब में हुई इस ताजपोशी को कैप्टन अमरिंदर सिंह के लिए झटका माना जा रहा है.

बताते चलें कि नवजोत सिंह (Navjot Singh Sidhu) ने पिछले दिनों दिल्ली में प्रियंका गांधी, सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मुलाकात की थी. उसके बाद से ही उन्हें पार्टी का पंजाब अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा चल रही थीं. सिद्धू को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चाओं के बाद सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस मामले में खुलकर नाराजगी जताई थी और कहा था कि चुनावों से पहले ऐसे किसी फेरबदल से पार्टी को राज्य में नुकसान होगा.
रावत से मुलाकात के बाद बदले ‘कैप्टन’ के सुर
इसके बाद पार्टी के पंजाब (Punjab) प्रभारी हरीश रावत डैमेज कंट्रोल करने के लिए पार्टी की ओर से मैदान में उतारे गए. वे हेलीकॉप्टर से पटियाला पहुंचे, जहां उन्होंने करीब एक घंटे तक कैप्टन अमरिंदर सिंह से बातचीत की. इस मुलाकात के बाद सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के सुर बदले और उन्होंने कहा कि वे पार्टी आलाकमान के आदेशों का पालन करेंगे.
सिद्धू कर रहे थे पार्टी नेताओं से मुलाकात
प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चाओं के बीच सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) पिछले दो दिनों से पंजाब में कांग्रेस (Congress) के सभी बड़े नेताओं से जाकर मुलाकात कर रहे थे. उन्होंने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़, सांसद प्रताप सिंह बाजवा समेत कई नेताओं से उनके घर जाकर मुलाकात की. इन सबके बीच पंजाब के 10 विधायकों ने अमरिंदर सिंह के समर्थन में एक बयान जारी कर कहा कि वह जनता के सबसे बड़े नेता हैं.
वहीं पार्टी सांसद प्रताप सिंह बाजवा ने दिल्ली में अपने आवास पर पंजाब (Punjab) से आने वाले कांग्रेस के 9 सांसदों के साथ मुलाकात की. बैठक के बाद बाजवा ने कहा कि पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी नहीं है. उन्होंने कहा कि चुनाव मुख्यमंत्री के नेतृत्व में लड़ा जाएगा. प्रदेश कांग्रेस (Congress) कमेटी के नए अध्यक्ष की नियुक्ति के बारे में पूछे जाने पर बाजवा ने कहा, ‘पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी की ओर से किया गया कोई भी निर्णय सभी को स्वीकार्य होगा.’





