यूपी के अमरोहा में एक सिविल अदालत में जूनियर क्लर्क राशिद हुसैन की खतरनाक तरीके से मोब लिंचिंग करके हत्या कर दी गई
राशिद हुसैन कार से अपने पूरे परिवार के साथ जा रहे थे उनकी कार एक बाइक से टच हो गई
फिर बाइक सवार मोहम्मद शान ने तुरंत फोन करके अपने कुछ रिश्तेदारों को बुलाया और कुछ दूर आगे उनकी कार रोक कर उनको कार में से खींचकर बुरी तरह से पीटा गया यहां तक कि उनके सीने पर बैठकर के उनको लात मारा गया और उनकी पत्नी उनके छोटे बच्चे गिड़गिड़ाते रहे लेकिन दरिंदों ने उन्हें वहीं मार दिया पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ी जगह ने तरीके से हत्या की पुष्टि हो गई
लेकिन सारे वामपंथी सूअर कांग्रेसी समाजवादी पार्टी और सारे मुस्लिम लोग इस मोब लिंचिंग पर चुप है
जानते हैं क्यों क्योंकि इस मुस्लिम सरकारी कर्मचारी की मोब लिंचिंग करके हत्या करने वाले सभी आरोपी मुस्लिम है
इस घटना का मुख्य आरोपी शान मोहम्मद है
उसने कलीम, शान, कसीम, नसीम तथा तीन अन्य रिश्तेदारों के साथ मिलकर राशिद हुसैन की मोब लिंचिंग करके हत्या कर दी
लेकिन इस समुदाय की यह कैसी सोच है कि आप कल्पना करिए अगर इस मोब लिंचिंग को की घटना को किसी हिंदू ने अंजाम दिया होता है तो आज अल जजीरा बीबीसी से लेकर राहुल गांधी प्रियंका वाड्रा अखिलेश यादव सब लोग कितना उछलते हैं
लेकिन इतने जघन्य हत्याकांड पर सब चुप हैं क्योंकि सभी आरोपी मुस्लिम है






