रीवा. जिले के मऊगंज थाना क्षेत्र की रहने वाली एक किशोरी (Teenager) को उसके ही गांव की चाची ने 70 हजार में बेच दिया. मानव तस्करी (Human trafficking) के इस मामले में चाची (Aunt) ने पहले तो बहला-फुसलाकर किशोरी को घर से बुलाया. इसके बाद मऊगंज बाजार (Mauganj Market) में ले जाकर नशीले पदार्थ खिलाकर बेहोश करके उसका सौदा कर दिया. किशोरी के वापस आने पर मामला खुला तो पुलिस ने महिला को गिरफ्तार (Aunt arrested) कर लिया
पुलिस के मुताबिक घटना में शामिल आरोपी महिला ने पूछताछ में घटना से जुड़े हुए तमाम राज उगल दिए हैं. इसके बाद पुलिस की टीम अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है. ताकि मानव तस्करी के इस मामले में मुख्य आरोपियों तक पहुंचा जा सके.
दमोह के युवक से 70 हजार में सौदा कर किया
पुलिस के मुताबिक दमोह के रहने वाले जिस विक्रम अहिरवार से किशोरी के लिए सौदा किया गया था, उसने किशोरी को 4 साल तक अपने घर में रखा. इसके बाद किशोरी किसी तरह उसकी चंगुल से छुटकारा अपने घर पहुंची. उसने परिजनों के समक्ष सारे मामले का खुलासा किया. परिजनों ने मानव तस्करी के इस मामले की सूचना पुलिस को दी
चाची की गिरफ्तारी के बाद और राज भी खुले
पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने गांव की रहने वाली उस चाची को गिरफ्तार किया जिसने किशोरी को बेच दिया था. आरोपी महिला की गिरफ्तारी के बाद घटना से जुड़े अन्य राज खुलने शुरू हुए हैं. अब पुलिस ने अन्य आरोपियों की तलाश शुरू की है. पुलिस की मानें तो मऊगंज थाना क्षेत्र से चार साल पूर्व लापता हुई किशोरी की गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में दर्ज की थी, जिसके बाद उसकी तलाश में पुलिस की टीम ने राजस्थान तक का सफर किया, मगर कोई सुराग नहीं लग सका.
किशोरी चार साल बाद आरोपियों के चंगुल से छूटी
थाना प्रभारी मऊगंज श्वेता मौर्य के मुताबिक अब अचानक एक दिन जब किशोरी आरोपियों के चंगुल से छूटकर अपने घर पहुंची तो चौंका देने वाला खुलासा हुआ. पुलिस का कहना है कि अपने बयान में किशोरी ने बताया कि किस प्रकार गांव की रहने वाली चाची सीता साकेत ने बहला-फुसलाकर पहले तो उसे अपने घर से बुलाया तथा बाद में दमोह के रहने वाले युवक को 70 हजार रुपए में बेच दिया था






