Wednesday, February 25, 2026
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मुकेश अम्बानी विस्फोटक केस: बहुत पर्दे गिरने बाकी हैं,तिहाड़ जेल से जुड़े तार…

मुंबई पुलिस के एपीआई सचिन वझे को क्राइम ब्रांच से हटा दिया गया है। यह कार्रवाई उन पर हत्या के एक मामले में उनका नाम आने के बाद की गई है। हालांकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) वझे की गिरफ्तारी की मांग करती आ रही है। अभी इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है कि उन्हें नई जिम्मेदारी कौन सी दी गई है। कुछ दिन पहले एक व्यापारी मनसुख हिरेन की हत्या के बाद उनकी पत्नी द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी में सचिन वझे पर हत्या करने का शक जताया गया था। इसके बाद महाराष्ट्र विधानसभा में भाजपा नेता देवेंद्र फड़नवीस ने वझे की गिरफ्तारी की मांग करते हुए हंगामा किया गया था। हालांकि उनकी मांग को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि सचिन वझे कोई ओसामा बिन लादेन नहीं है। लेकिन गृहमंत्रालय के आदेश पर आज वझे को क्राइम ब्रांच से हटा दिया गया।
दोपहर बाद क्राइम ब्रांच से बाहर आते हुए सचिन वझे ने माना कि उन्हें क्राइम ब्रांच से मुक्त कर दिया गया है। लेकिन उन्होंने इस बात का कोई जवाब नहीं दिया कि उन्हें नई जिम्मेदारी कौन सी दी गई है। अपुष्ट सूत्रों से पता चल रहा है कि उन्हें पुलिस फेलीसिटेशन सेंटर या स्पेशल ब्रांच में से किसी एक जगह भेजा गया है। पिछले माह 25 फरवरी को उद्योगपति मुकेश अंबानी की बहुमंजिला इमारत अंटीलिया के निकट एक संदिग्ध स्कार्पियो कार खड़ी पाई गई थी। यह कार कथित रूप से ठाणे में कारो की सजावट का काम करने वाले मनसुख हिरेन की थी। मनसुख हिरेन से मुंबई पुलिस करीब एक सप्ताह तक पूछताछ करती रही। वह इस मामले में एकमात्र महत्त्वपूर्ण गवाह भी थे। लेकिन स्कार्पियो मिलने के करीब एक सप्ताह बाद मनसुख का शव उनके घर से सात किलोमीटर दूर एक समुद्री खाड़ी में पाया गया। इसके बाद उनकी पत्नी ने खुलासा किया कि उक्त स्कार्पियो कार पिछले चार महीने से एपीआई सचिन वझे ही इस्तेमाल कर रहे थे। उन्होंने एटीएस को लिखाई अपनी प्राथमिकी में भी सचिन वझे पर ही हत्या का शक जाहिर किया है।

मुंबई क्राइम ब्रांच से हटाए गए विवादित पुलिस अधिकारी सचिन वझे से गुरुवार को महाराष्ट्र एटीएस ने करीब 10 घंटे तक कड़ी पूछताछ की और उनका बयान दर्ज किया। सूत्रों के अनुसार, एटीएस के एक अधिकारी ने वझे से उन सवालों के जवाब लेने की कोशिश की, जो मनसुख की पत्नी विमला हिरेन ने उठाए थे।

वझे ने एटीएस अधिकारियों से कहा है कि मनसुख मामले से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि मनसुख को स्कॉर्पियो चलानी नहीं आती थी, इसलिए उनके पास मनसुख की स्कॉर्पियो रखी थी। उन्होंने मनसुख को स्कॉर्पियो वापस भी कर दी थी।

शिवसेना नेता की यह दलील
मनसुख से पहचान के बारे में वझे ने कहा कि वह मनसुख को गाड़ी रिपेयरिंग के सिलसिले में हुई मुलाकात के बाद से जानने लगे थे। दोनों ठाणे में ही रहते हैं। इससे उनके बीच नजदीकी बढ़ गई थी।

हालांकि वझे ने पूर्व नगरसेवक और शिवसेना नेता धनंजय गावडे को पहचानने से इनकार कर दिया। साथ ही, उन्होंने विमला हिरेन के इस आरोप को भी बेबुनियाद बताया कि मनसुख की हत्या उन्होंने की है।

खुलासा करने के कयास
सूत्र बताते हैं कि वझे ने मनसुख के लापता होने वाले दिन उनसे मुलाकात की खबर से भी इनकार कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, वझे पिछले दो दिन में मुंबई के पुलिस कमिश्नर परमवीर सिंह से चार बार मिले हैं। कयास कि वह खुद पर लगे आरोपों पर कुछ खुलासा करेंगे।

2,000 CCTV फुटेज खंगाले गए
जिलेटिन मामले में जांच कर रही एनआइए की एक टीम उस सफेद इनोवा कार के काफी करीब पहुंच गई है, जो स्कॉर्पियो के पीछे दो बार नजर आई थी। जांच टीम ने जिलेटिन की गुत्थी सुलझाने के लिए अब तक 2,000 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाल लिए हैं।

विमला का दोबारा बयान दर्ज
एटीएस सूत्रों ने बताया कि वझे से पूछताछ के बाद एटीएस ने विमला हिरेन और उनके बेटे का गुरुवार को दोबारा बयान दर्ज किया। बताया जा रहा है कि विमला ने वही बातें कही हैं, जो वह पहले ही एटीएस में दर्ज करवा चुकी हैं।

 

तिहाड़ में रची गई थी विस्फोटक की साजिश!
साजिश के तार दिल्ली की तिहाड़ जेल से जुड़ रहे हैं। सूत्रों ने इसकी पुष्टि मुंबई पुलिस कमिश्नर के उस सीक्रेट इनपुट से की है, जो दिल्ली पुलिस कमिश्नर को भेजा गया है।

सूत्रों का कहना है कि इनपुट में आईपी एड्रेस समेत उस टेलिग्राम अकाउंट का जिक्र है, जिसके जरिये जैश-उल-हिंद नाम के आतंकी संगठन ने विस्फोटक की जिम्मेदारी ली थी। 25 फरवरी को विस्फोटक मिला था। 27 फरवरी को टेलिग्राम अकाउंट के जरिए इसकी जिम्मेदारी ली गई। जांच में पता चला है कि टेलिग्राम अकाउंट तिहाड़ की जेल संख्या तीन और चार में बंद कैदियों ने 26 फरवरी को बनाया था।

सीक्रेट इनपुट में दी गई डिटेल को खंगालने के लिए स्पेशल सेल और खुफिया एजेंसियां तिहाड़ जेल प्रशासन के संपर्क में हैं। संदिग्धों की पड़ताल की जा रही है।

वझे से पूछे गए ये संभावित सवाल
1- एंटीलिया के बाहर खड़ी स्कॉर्पियो में जिलेटिन की छड़ें मिलने की जानकारी आपको कब और कैसे हुई?
2- क्या आप वहां सबसे पहले पहुंचे थे और उन्होंने सबसे पहले पहुंचकर वहां क्या काम किया?
3- क्या आप शिवसेना नेता धनंजय गावड़े को जानते हैं ?

4- क्या वे मनसुख हिरेन को पहले से जानते हैं, दोनों के संबंध कैसे थे।
5- मनसुख की पत्नी ने आरोप लगाया है कि आप चार महीने से उनकी कार इस्तेमाल कर रहे हैं? क्या ये सच है?

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