Monday, March 23, 2026
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इस्लामिक आतंकवादी जो ओसामा बिन लादेन को डांट कर चुप कर देता था, टॉप यूनिवर्सिटी का टॉप विद्यार्थी….

भारत में एक पूरी पौध है पढ़े लिखे जाहिलो की,जो ऐसे जानवर है कि नामी यूनिवर्सिटी का नाम सुनकर ही औंधे हो जाते हैं

 

लादेन कौन था ????
मात्र एक पालतू कुत्ता , जिसे रूसियो के विरूद्ध अफगान जेहाद मे CIA ने अच्छे से यूज किया । और फिर पिक्चर से किक आउट कर दिया ।

दुबारा , लादेन का नाम , दुनिया ने 1998 मे तब सुना , जब उसने तंजानिया के दार ए सलाम , केन्या के नैरोबी , स्थित अमेरिकन ऐंबेसियो को निशाना बनाया । कुछ ही घंटो मे CIA ने उसको Most wanted terrorist घोषित करके उस के सिर पर ईनाम की घोषणा कर दी थी ।

सन् 1990 से लेकर 2004 तक का दौर , पूरे विश्व मे एक ही धर्म ईस्लाम की वहशत और कत्लोगारत का दौर था । बोस्नियां के सिविल वार से उनके हौसले बुलंद थे । इस्लामिक रेरिरिज्म अपनी पूरी जवानी पे शबाब पर था ।
1993 मे अमेरिका ,सोमालिया मे इस्लामी आतंकवादियो से लड रहा था । बोस्निया मे ISI और पाकिस्तान आर्मी की करतूतो, इस्लामी बोस्नियाक लडाको को हथियार और मिसाईले सप्लाई की थी , और उन्होने कोहराम मचा रखा था ।

काबुल मे 1996 मे ISI के गुर्गे तालिबान जब सत्ता पर काबिज हुए , और राष्ट्रपति नजीब और उसके भाई को U.N. के कंपाउंड से निकालकर क्रेन से फांसी पर टांग दिया , अमेरिका चुप था ।

रूस की खुद फटी पडी थी , क्योंकि ईस्लामी चेचन आतंकवादियो ने उसकी ले रखी थी । माॅस्को थियेटर सीज , बेसलान के स्कूल पर अटैक , 1999-2000 मे चेचेन्या मे Second Battle of Grozny मे रूस के भी हाथ पाँव फूले हुए थे ।

और आपका प्यारा कशमीर ???? उसे क्यों भूलते हो ?? कशमीर से हिंदुओ का Exodus इसी दौर मे हुआ था । दो बार “हजरत बल दरगाह” वाला काँड हुआ । चरार ए शरीफ दरगाह जलाई गई । विदेशी पर्यटको का अपहरण हुआ , उनकी गर्दन काटी गई । ऐसा कोई इस्लामी देश नही था , जहाँ के मुजाहिदीन , उन दिनो कशमीर मे लडने ना आयें हो । अफगान , चेचन , सूडानी , अल्जीरिया , मोरक्को और बोस्निया तक के आतंकवादी उन hunn दौiñर , विश्व इतिहास मे इस्लामिक जेहाद का स्वर्ण युग रहा है । इसके पीछे एक कारण था । बोस्निया के जेहाद से यूरोप , अमेरिका , लंदन , जर्मनी मे बेहद पढे लिखे , जहीन , बेस्ट यूनिवर्सिटियो ने पढने वाला मुस्लिम युवा अचानक जेहाद से जाकर जुड गया था । हैम्बर्ग ( जर्मनी ) की मस्जिदे , माॅर्डन पढे लिखे जेहादियो का अड्डा बन चुकी थी । इन सबका सरगना था , “सैयद उमर सईद शेख ” अमेरिका मे वर्ल्ड ट्रेड सेंटर से जहाज टकराने वाला , मोहम्मद अत्ता , और पायलट की ट्रैनिंग लिये हुए , उसके अपहरणकर्ताओ की पूरी गैंग ।

अमेरिका मे रामजी यूसूफ , खालिद शेख मुहम्मद । और हैम्बर्ग (जर्मनी ) की मस्जिदो से निकली गैंग जिसने बाद मे 9/11 को अंजाम दिया ।

कौन थे ये लोग ???? ईस्लाम को ना समझने वाले अनपढ बरगलाये हुए मासूम लोग ??????

जी नही , ये वो मुस्लिम नवयुवक थे । जो पश्चिमी देशो मे रहते थे । सभी बेहद अमीर परिवारो से आते थे । सबने दुनिया की बेहतरीन यूनिवर्सिटियो मे पढाई की थी । जो उस वक्त के सबसे ब्रिलियेंट ब्रेन थे ।

अफगानिस्तान के खोस्त मे , अल कायदा का कैंप था । वहीं पर मुलाकात हुई थी । “उमर सईद शेख ” जर्मनी के हैम्बर्ग गैंग , रामजी यूसूफ , और लादेन की ।

कहने को तो लादेन , खुद भी इंजिनियर था , मगर ये सब कल के माॅर्डन लौंडे उसके भी बाप थे , जिन सबका सरगना था , पाकिस्तानी मूल का ब्रिटिश नागरिक उमर सईद शेख । लंदन स्कूल आफ इकोनोमिक्स का प्रोडक्ट ।

CIA ने डाॅक्युमेंटिड किया है कि , जब इन माॅर्डन लडको को अल कायदा ने तैयार किया था , तब इन सबको बोस्नियां भेजने की तैयारी थी । मगर वहाँ जेहाद खत्म हो गया । और ये पढे लिखे मुसलमान दुनिया को दहलाने निकल पडे ।

कभी पढिये , उमर सईद शेख , और कारगुजारिया । जो लादेन को भी , You bloody idiot बोलकर डाँट देता था ।

कभी पढकर देखिये रामजी यूसूफ की कारगुजारियां ।

कभी पढिये खालिद शेख मुहम्मद के बारे मे ।

पता लगाईये कि , वर्ल्ड ट्रैंड सेन्टर पर जहाज टकराने वाला मोहम्मद अता कौन था ???

मोहम्मद अता के साथ जो बीस टेरेरिस्ट का पूरा गैंग था , उनका बैकग्राउंड क्या था ??? ऐजुकेशन , ट्रैनिंग । ये उँचे पाजामे वाले दढियल नही थे । बेहद पढे लिखे जहीन और माॅर्डन लडके थे । ये थे असली आतंकवादी ।

आपको क्या लगता है ????
काठमांडू से IC-814 का अपहरण क्या मौलाना मसूद अजहर को छुडाने के लिए हुआ था ????? अगर आप ऐसा सोचते है , तो अभी तक धुरंदर पार्ट -१ और पार्ट -२ का नशा अभी तक आपके दिमाग से नही उतरा । 😀😀
मसूद अजहर ने जैश ए मुहम्मद बनाया जरूर , मगर वो मात्र एक जाहिल मौलाना ही था । असल नायाब हीरा , जिसे 1994 मे गाजियाबाद से पकडा गया था । और जिसे छुडाने के लिए भारतीय विमान का अपहरण हुआ था । वो आतंकवाद का जहीन ब्रेन मास्टर दरअसल , उमर सईद शेख था ।

ये वही आदमी है जिसने वर्ल्ड ट्रेड सेन्टर पर हमला करने वाले , मोहमम्मद अत्ता , और उसके पूरे गैंग को जेहाद की ट्रैनिंग दी थी । जिससे लादेन भी डरता था ।

अमेरिका के विमान अपहरण कर्ताओ को पैसे दिये थे ।

ये वही आदमी है , जिसने वाल स्ट्रीट जनरल के पत्रकार डेनियल पर्ल का गला काटा था ।
ये वही आदमी है , जिसने मुंबई पर हमले के बाद , उसी रात , प्रणव मुखर्जी बनकर पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को धमकी दी थी । फिर राष्ट्रपति जरदारी बनकर , भारत के विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी , और अमेरिकी सेक्रेटरी आफ स्टेट , कोंडोलीजा राईस को भी काॅल्स करी थी ।

यही वो हरामजादा है , जिसने सहारनपुर मे हुए एनकाउंटर मे , शहीद गाजियाबाद के तत्कालीन SHO ध्रुवलाल यादव को गोली मारी थी ।

यही है वो सुअर , जिसने गाजियाबाद मे अकेले ही यूपी पुलिस के दो सिपाहियो को वगभग पीटकर पीटकर सडक के बीचो बीच लगभग मार ही डाला था ।

उस मुठभेड के बाद , जब ये पकडा गया , तो दिल्ली तिहाड जेल मे बंद था । इसी की सेल मे , भारत का रहने वाला , टुच्चा सा क्रिमिनल आफताब अंसारी उर्फ फरहान मलिक भी बंद था ।

इस कमीने मे वो हुनर था कि , इसने आफताब अंसारी को जेल मे ही कुछ ही दिनो मे ऐसा तैयार कर दिया कि वो Lone Wolf बन गया । 1999 के प्लेन हाईजैक के जरिये जब इसे छुडा लिया गया , तो बाद मे आफताब अंसारी भी जेल काटकर बाहर आ गया । जिसके कुछ ही दिन बाद आफताब अंसारी ने , 2002 मे , कोलकाता स्थित अमेरिकन कल्चरल सेंटर पर आतंकवादी हमला करवा दिया ।

भारतीय विमान का अपहरण दरअसल इस हरामी सुपर ब्रेन को छुडाने के लिए किया गया था ।

क्रमश:……

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