नोएडा में 2 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, लव जिहाद केस में धर्मांतरण विरोधी धारा और SC/ST एक्ट नहीं लगाने पर कार्रवाई: SHO और SI निलंबित

नोएडा में पुलिस की लापरवाही से जुड़े मामले में बड़ा एक्शन लिया गया है। इस पूरे प्रकरण में थाना फेज-3 के SHO पुनीत कुमार और सब-इंस्पेक्टर प्रीति गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि ACP उमेश यादव के खिलाफ प्रारंभिक जाँच शुरू की गई है।
इसके अलावा DCP सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी से भी स्पष्टीकरण माँगा गया है। पुलिस अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने आरोपित रमीज के हिंदू लड़की पर जबरन धर्मांतरण का दबाव बनाने और उत्पीड़न करने वाले मामले में केस दर्ज करते समय उत्तर प्रदेश के धर्मांतरण विरोधी कानून और एससी/एसटी एक्ट की धाराएँ नहीं लगाईं थीं।
क्या है पूरा मामला?
मध्य प्रदेश की रहने वाली 24 वर्षीय हिंदू युवती नोएडा में एक निजी कंपनी में काम करती है और फेज-3 क्षेत्र में रहती थी। करीब दो साल पहले उसकी इंस्टाग्राम के जरिए विकास कुमार नाम के युवक से दोस्ती हुई, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गई। दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे।
युवती का आरोप है कि युवक ने शादी का झाँसा देकर उसके साथ संबंध बनाए और इस दौरान आपत्तिजनक फोटो और वीडियो भी बना लिए। बाद में युवती को पता चला कि आरोपित ने अपनी पहचान छिपाई थी और उसका असली नाम मोहम्मद रमीज है, जो मध्य प्रदेश के मंदसौर का रहने वाला है।
आरोप है कि उसने युवती पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया, अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी दी और कई बार में करीब 2.5 लाख रुपए और गहने भी ठग लिए। इसके बाद वह मोबाइल बंद कर फरार हो गया।
पुलिस कार्रवाई और लापरवाही पर सवाल
युवती का आरोप है कि उसने 27 फरवरी 2026 को पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन उसे कई बार थाने से लौटा दिया गया। बाद में हिंदू संगठन बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ उसने थाना फेज-3 का घेराव किया, जिसके बाद पुलिस ने केस दर्ज किया। शुरुआत में मामला भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 69, 351 और 308 के तहत दर्ज किया गया।
हालाँकि जाँच में सामने आया कि पुलिस ने उत्तर प्रदेश अवैध धर्मांतरण प्रतिषेध अधिनियम 2021 की धारा 5(3) और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(v) नहीं जोड़ी, जबकि युवती ने धर्म परिवर्तन और जातिसूचक टिप्पणियों के आरोप लगाए थे। इसी लापरवाही के चलते दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया और अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई शुरू हुई है।
मामले को लेकर फेज-3 थाने का 15 दिनों में दो बार घेराव हुआ, जिससे पुलिस प्रशासन पर दबाव बढ़ गया। पुलिस के अनुसार, आरोपित की गिरफ्तारी के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। अधिकारियों का कहना है कि युवती के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए जाँच आगे बढ़ाई जा रही है। साथ ही इस पूरे प्रकरण की जाँच ADCP स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है।






