(हरे घेरे में आतंकवादी)
ब्रिटेन के लीवरपुल शहर में एक अस्पताल के बाहर कार में हुए बम ब्लास्ट मामले में पुलिस ने 4 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इस आतंकी हमले में सिर्फ एक की मौत हुई है और वो भी आत्मघाती हमलावर इमाद अल-स्वैलमिन की। एक अन्य शख्स (टैक्सी ड्राइवर) घायल हुआ है। पुलिस ने विस्फोट को आतंकवादी हमला घोषित कर दिया है। आतंकवाद संबंधी कानून के तहत ही संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।
बता दें कि अस्पताल के बाहर हुए बम ब्लास्ट के बाद मालूम चला कि जिस कार में विस्फोट हुआ, वह गाड़ी एक टैक्सी थी जिसे कुछ देर पहले अस्पताल के बाहर लाया गया था। हालाँकि बाद की जाँच में यह सामने आया कि आत्मघाती हमलावर को टैक्सी ड्राइवर (डेविड पेरी) ने असलियत जानने के बाद गाड़ी में बंद कर दिया था वरना उसका प्लान तो एक चर्च के पास विस्फोट करने का था।
अस्पताल के बाहर हुए बम ब्लास्ट के बाद मालूम चला कि जिस कार में विस्फोट हुआ, वह गाड़ी एक टैक्सी थी जिसे कुछ देर पहले अस्पताल के बाहर लाया गया था
आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता, ऐसा कहने वालो के लिए एक ऐसा किस्सा सामने आए है जिससे उनकी ये गलत-फहमी जरूर दूर हो जाएंगी। दरअसल, एक धर्म विशेष के आतंकवादियों ने न सिर्फ एक देश बल्कि पूरी दुनिया में अपने आतंक से सबको परेशान किया हुआ है।
दरअसल, ब्रिटैन के लिवरपूल शहर में जो हुआ उसे सुनके एक तरफ लोगो के मन में खौफ की लहर उठी, वहीं दूसरी तरफ देश को आतंकी से बचाने वाले के लिए इज्जत भी बढ़ बढ़ गई। ब्रिटैन में एक अस्पताल के सामने गाडी में विस्फोट हुआ लेकिन जब जांच पड़ताल हुई तब पता चला कि विस्फोट में जिसकी जान गई, वो खुद ही एक आतंकवादी था।
La policía antiterrorista detiene a 3 personas tras la explosión de un vehículo frente a un hospital y que ha dejado 1 muerto en #Liverpool . #liverpoolwomenshospital #Terrorists #ReinoUnido #Kensington #uk #Terrorismo pic.twitter.com/QqrrUOeUdJ
— AUSTROHÚNGARO (@AUSTROHNGARO2) November 14, 2021
अस्पताल के बाहर हुए बम ब्लास्ट के बाद मालूम चला कि जिस कार में विस्फोट हुआ, वह गाड़ी एक टैक्सी थी जिसे कुछ देर पहले अस्पताल के बाहर लाया गया था। हालाँकि बाद की जाँच में यह सामने आया कि आत्मघाती हमलावर को टैक्सी ड्राइवर (डेविड पेरी) ने असलियत जानने के बाद गाड़ी में बंद कर दिया था वरना उसका प्लान तो एक चर्च के पास विस्फोट करने का था।
डेविड पेरी नामक टैक्सी ड्राइवर ने आत्मघाती हमलावर के पास विस्फोटक देखने के बाद हिम्मत दिखाते हुए उसे कार में लॉक किया था। डेलीमेल की रिपोर्ट के अनुसार, डेविड से आतंकी ने लीवरपूल की पॉपी डे परेड में ले जाने को कहा था। लेकिन उन्होंने जब आतंकी के पास विस्फोटक देखा तो उसे कार में ही वहीं बंद कर दिया।
इस हमले में डेविड पेरी घायल हो गए, लेकिन चंद टाँकों के बाद अब वो सुरक्षित अपने घर पर हैं। जानकारी के मुताबिक पेरी से पहले लीवरपूल के बड़े चर्च में चलने को कहा गया लेकिन बाद में मूड बदला तो लीवरपूल के महिला अस्पताल के पास गाड़ी रोकने को कहा। इसके बाद जब आत्मघाती हमलावर गाड़ी से उतरने लगा तो डेविड ने उसके कपड़ों पर विस्फोटक बंधा हुआ देखा और यह देख वह तुरंत समझ गया कि आखिर ये शख्स कौन है। उसने आतंकी को कार में बंद किया। जिसके बाद कार के भीतर विस्फोट हुआ।





