उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ (Aligarh) में दलित समुदाय के लोग पलायन को मजबूर हैं. कहा जा रहा है कि संप्रदाय विशेष के लोग उन्हें प्रताड़ित करते हैं जिसके चलते वे अपना घर छोड़ने को मजबूर हैं. दलितों ने अपने घरो के दरवाजों पर ‘मकान बिकाऊ है’ लिख रखा है, ताकि उन्हें खरीददार मिल जाएं. वहीं जैसे ही ये खबर सामने आई जिले में हड़कंप मच गया. प्रशासन ने बिना कोई देरी किए गांव का निरीक्षण किया. अधिकारियों का कहना है कि इलाके में पलायन जैसी कोई बात नहीं, हालांकि पुलिस के बयान के बावजूद यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से उछल रहा है, लोग आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग रहे हैं. बता दें कि नूरपुर गांव (Noorpur Village) में मुस्लिम समाज की करीब 800 और हिंदू अनुसूचित जाति (जाटव समाज की) आबादी करीब 100 परिवारों की है.
अलीगढ़ के गांव नूरपुर में जाटव समाज के लोग पलायन को मजबूर हैं। आरोप है कि विशेष समुदाय के लोग शादी के दौरान बारात नहीं चढ़ने देते। तीन दिन पहले भी बारात चढ़ने से रोकी गई। मारपीट के साथ डीजे की गाड़ी के शीशे तोड़ डाले। इससे परेशान ग्रामीणों ने मकानों के बाहर- मकान बिकाऊ है, लिखवा दिया और रविवार को हंगामा भी किया। हालांकि पुलिस ने मामले में विशेष समुदाय के लोगों पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही लोगों को समझाकर शांत किया।
इलाके के लोगों ने बताया कि बीती 26 मई को गाँव के ही ओमी जाटव के यहाँ दो लड़कियों की शादी थी. बारात डीजे के साथ ओमी के घर की तरफ बढ़ रही थी. जब बारात गांव के मस्जिद के पास से गुजरने लगी तभी मुस्तकीम, सरफू कलुआ और उनके साथियों की भीड़ ने बारात पर हमला कर दिया. हमले और पथराव से कई बराती-घराती घायल हो गए. जिसकी तहरीर पीड़ित हिन्दू दलितों ने टप्पल थाने में भी दी थी. लेकिन आरोप है कि पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गयी. उल्टे पीड़ितों पर लॉकडाउन के नियमों के उल्लंघन का केस लगा दिया गया.
थाना टप्पल अंतर्गत गांव नूरपुर में करीब एक हजार की आबादी है। यहां के ओमवीर ने अपनी दो बेटियों का रिश्ता गुरुग्राम में तय किया था। शादी से दो दिन पहले पता चला कि एक लड़के ने कोर्ट मैरिज कर ली है। इसे लेकर लड़का-लड़की पक्ष में विवाद हो गया और शादी टूट गई। इसके बाद ओमवीर ने वहां से रिश्ता तोड़कर हरियाणा के गांव दीघोट में शादी तय कर दी।
2006 से ऐसे ही व्यवहार का आरोप
26 मई को दोनों लड़कियों की बारात गांव नूरपुर में आई थी। बारात चढ़ने लगी तो दूसरे समुदाय के लोगों से कहासुनी हो गई। नाम न छापने के अनुरोध पर जाटव समाज के लोगों ने बताया कि साल 2006 से ही हमारे समाज के प्रति ये रवैया चला आ रहा है।

सीओ का दावा गांव में माहौल ठीक
जाटव समाज की तहरीर पर आरोपी पक्ष के 11 लोगों के खिलाफ एससी/एसटी ऐक्ट, मारपीट का मुकदमा दर्ज कर लिया है। खैर सीओ शिवप्रताप ने बताया कि उन्होंने एसडीएम के साथ गांव का दौरा किया है। गांव में अब इस प्रकार की कोई बात नहीं है। 26 तारीख की घटना के बारे में केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
सांसद-विधायक भी पहुंचे
सोमवार दोपहर अलीगढ़ के बीजेपी सांसद सतीश गौतम और खैर विधानसभा के विधायक अनूप बाल्मीकि गांव नूरपुर में पहुंचकर जाटव समाज के लोगों से घटना के बारे में जानकारी ली और उन्हें आश्वस्त किया के आरोपियों के विरुद्ध हर हालत में कार्रवाई की जाएगी। सांसद सतीश गौतम ने बताया 11 नामजद 7 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है। इनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई कराई जाएगी ताकि वे भविष्य में इस तरह की हरकत न कर सकें।





