गुजरात के गांधीनगर की 20 साल की एक लड़की अचानक घर से गायब हो गई. घरवालों ने जब उसे हर जगह ढूंढा लेकिन कुछ पता नहीं चला, तो पिता ने पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई. साथ ही ये भी कहा कि उन्हें शक है मामला “लव जिहाद” से जुड़ा हो सकता है.
आरोपी की पहचान ऐसे हुई
जांच में पुलिस को एक युवक पर शक हुआ. नाम था सोइफ अब्दुल मनाफुद्दीन. वह असम का रहने वाला है और गांधीनगर में किराए पर रहता था. पास ही एक होटल में हाउसकीपिंग सुपरवाइजर की नौकरी करता था. लड़की के परिवार ने बताया कि दोनों की जान-पहचान हुई और धीरे-धीरे उसने लड़की को अपने जाल में फंसा लिया.
फ्लाइट से असम ले गया युवक
आरोपी ने लड़की को घरवालों से छुपाकर अपने साथ फ्लाइट से असम ले गया. यहां से मुश्किलें और बढ़ गईं. युवक ने असम पहुंचते ही अपना फोन फ्लाइट मोड पर डाल दिया और केवल वाई-फाई कॉलिंग का इस्तेमाल करने लगा. ऐसे में पुलिस के लिए उसकी सही लोकेशन पकड़ना आसान नहीं रहा.
पुलिस ने लगाई पूरी ताकत
गांधीनगर पुलिस ने हार नहीं मानी. लगातार टेक्निकल सर्विलांस और लोकल इनपुट्स पर काम किया गया. आखिरकार पुलिस टीम को असम के होजाई ज़िले के एक गांव तक सुराग मिला. टीम वहां पहुंची और लड़की को आरोपी के कब्जे से छुड़ा लिया.
लड़की ने खुद मांगी मदद
पुलिस के मुताबिक, लड़की को असम पहुंचने के बाद ही अहसास हुआ कि उससे बड़ी गलती हो गई है. उसने अपने परिवार से संपर्क किया और मदद मांगी. तभी पुलिस की कार्रवाई तेज हुई और गुरुवार को लड़की को बरामद कर शुक्रवार को घरवालों के हवाले कर दिया गया.
आरोपी गिरफ्तार क्यों नहीं हुआ?
गांधीनगर एसपी रवि तेजा वसामसेट्टी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया क्योंकि लड़की बालिग है. यानी कानूनी तौर पर उसे अपनी मर्जी से कहीं भी जाने का अधिकार है.
मंत्री का बड़ा बयान
इस मामले पर गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष सांघवी ने साफ कहा कि गुजरात में “लव जिहाद” के लिए कोई जगह नहीं है. उन्होंने कहा, “पुलिस हर ऐसे अपराध में सख्ती से कार्रवाई करेगी. मैं गांधीनगर पुलिस को बधाई देता हूं कि उन्होंने इतनी मुश्किल परिस्थितियों में भी लड़की को सुरक्षित घर वापस लाया.”






