पंजाब में किसानाें के विरोध के कारण अडानी ग्रुप ने किलारायपुर स्थिति अपना लाजिस्टिक पार्क बंद कर दिया है। इससे करीब 400 युवाओं की नौकरी छिन गई है और वे बेरोजगार हो गए हैं। इन युवाओं में अधिकतर किसान परिवारों के हैं।
पंजाब में अदाणी ग्रुप के विरोध के चक्कर में सैकड़ों युवा हुए बेरोजगार, इनमें ज्यादातर किसानों के बच्चे
किलारायपुर स्थिति अडानी लाजिस्टक पार्क की फाइल फोटो।
लुधियाना, [मुनीश शर्मा]। पंजाब में किसान भले ही कृषि कानूनों का गुस्सा अदाणी और रिलायंस ग्रुप के प्रतिष्ठानों पर निकाल रहे हों, लेकिन इसका सबसे ज्यादा नुकसान उनके अपने बच्चों पर ही पड़ रहा है। किसानों के विरोध के कारण अडानी ग्रुप ने किलारायपुर स्थिति अपना लाजिस्टिक पार्क बंद कर दिया है। इससे सैकड़ों युवाओं की नौकरी चली गई। इनमें अधिकतर किसान परिवारों के हैं और अब उनके समक्ष रोजी-रोटी का सवाल खड़ा हो गया है।
किसानों के विरोध के कारण किलारायपुर का अडानी लाजिस्टक पार्क हुआ बंद
किलारायपुर स्थित अदाणी ग्रुप के लाजिस्टिक पार्क के बंद होने से आसपास के गांवों के 400 से ज्यादा युवा बेरोजगार हो गए हैं। इस लाजिस्टिक पार्क में किलारायपुर और आसपास के क्षेत्र के युवा काम करते थे। खास बात यह है कि इनमें ज्यादातर उन्हीं किसानों के बच्चे हैं, जो तीन कृषि कानूनों के विरोध में अदाणी व रिलायंस ग्रुप के प्रतिष्ठानों के सामने सात माह से धरने दे रहे हैं।
15 हजार से चार लाख तक वेतन पा रहे थे यहां काम करने वाले कर्मचारी
यहां काम करने वाले कर्मचारियों को 15 हजार से लेकर चार लाख रुपये तक का मासिक वेतन मिल रहा था। सात माह से जारी किसानों के धरने के कारण यहां काम लगातार प्रभावित हो रहा था। इसी के चलते इसे बंद करने का निर्णय लिया गया। बेरोजगार हुए युवकों में पढ़े-लिखे युवा और श्रमिक शामिल हैं। अब उन्हें अपना भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है। युवाओं को एक सप्ताह पहले ही प्रबंधन ने अपना हिसाब-किताब कर लेने का संकेत दिया था।
लुधियाना के किलारायुपर व आसपास के गांवों के युवा करते थे यहां नौकरी
लाजिस्टिक पार्क में ट्रांसपोर्ट मैनेजर के रूप में तैनात राजीव शर्मा ने कहा, ‘यह एक दुखद फैसला है। इससे हमारा भविष्य अंधकारमय हो गया है। बेरोजगार होने वाले ज्यादातर युवा आसपास के गांवों से हैं। इनमें काफी युवा छोटे किसान परिवार से हैं।’





