मध्य प्रदेश के गृहमंत्री डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा ने आज साहस और सेवा का अनूठा उदाहरण पेश किया। दतिया जिले में बाढ़ से घिरे इलाके में पहुंचे गृहमंत्री डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा ने बाढ़ में फंसे लोगों को सकुशल बाहर निकाला और बाद में खुद हेलिकॉप्टर के जरिए एयरलिफ्ट हुए। जिस मोटरबोट से वे वहां पहुंचे थे, उस पर पेड़ गिर गया। एक तार भी उसमें फंस गया था, जिससे नाव नहीं चल पा रही थी। तब गृह मंत्री को भी एयरलिफ्ट करके सुरक्षित निकाला गया।
बाढ़ में फंसे लोगों को हेलिकॉप्टर से एयरलिफ्ट कराने के बाद गृहमंत्री डॉ.नरोत्तम मिश्रा खुद भी एयरलिफ्ट होकर नेशनल हाइवे पर उतरे। पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ के अनुसार ग्राम कोटरा और उसके समीप गोरा चौकी पर कुछ लोगों के बाढ़ में फंसे होने की सूचना मिली थी।
गृहमंत्री डॉ.नरोत्तम मिश्रा स्वयं वहां मोटरबोट लेकर पहुंच गए थे। उसके बाद वे उस जगह पहुंचे, जहां सात लोग बाढ़ में फंसे हुए थे। इस दौरान वोट चालक ने इतने लोगों को एक साथ निकालने में वोट पलटने का खतरा बताया। तुरंत सेना के हेलिकॉप्टर को सूचना भेजी गई।
नरोत्तम मिश्रा जिले का हवाई दौरा कर रहे थे. इस दौरान जब उन्होंने कोटरा गांव के एक घर की छत पर कुछ लोगों को फंसे हुए देखा तो खुद घर की छत पर नीचे उतर गए. जिसके बाद वहां से सभी को सुरक्षित निकलवाया गया. इसके बाद खुद गृहमंत्री को वायुसेना से एयरलिफ्ट कर वहां से निकाला गया.
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मध्य प्रदेशः रेस्क्यू में जुटी वायुसेना
ग्वालियर में भारी बारिश और डैम से छोड़े गए पानी की वजह से हालात बेकाबू हो गए हैं. राहत बचाव के लिए सेना और वायुसेना की मदद ली जा रही है. वायुसेना के हेलीकॉप्टर से लोगों को बचाया जा रहा है, लेकिन भारी बारिश की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन में भी दिक्कत आ रही है. सैकड़ों गांवों में हालात खराब हो गए हैं. गांवों में पानी के तेज बहाव के कारण रेस्क्यू टीम भी नहीं पहुंच पा रही है. लोग पहाडों, मंदिर, खुले मैदान, ट्रैक्टर ट्राली में रहकर समय निकाल रहे हैं.
वहीं शिवपुरी में 48 घंटों में 800 एमएम से ज्यादा बारिश हो चुकी है. दो हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया है. अभी तक एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और वायुसेना रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी थी. गांवों में फंसे लोगों को नाव से निकाल लिया गया है. बुधवार से सेना भी इसमें लग गई है. करीब 10 किलोमीटर दूर बांसखेड़ी तालाब फूटने NH-25 को बंद कर दिया गया है. जान बचाने के लिए कुछ लोग पेड़ों पर चढ़ गए थे, उन्हें भी सुरक्षित जगह ले जाया गया है.
इसी प्रकार गुना में भी लगातार हो रही बारिश के कारण बाढ़ के हालात बन गए हैं. गुना में अब तक 1100 एमएम बारिश हो चुकी है. ग्रामीण इलाकों में पानी भर गया है. बमोरी के तीन गांव में 10 लोग बारिश के पानी में फंस गए थे, जिन्हें बचा लिया गया है. गुना के कलेक्टर फ्रेंक नोबल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे और पल पल का फीडबैक देते रहे.





