चार दिन चली छापेमारी के बाद जीएसटी इंटेलिजेंस ने रविवार को कन्नौज के इत्र कारोबारी पीयूष जैन को गिरफ्तार कर लिया. कन्नौज के छपट्टी मोहल्ले के रहने वाले पीयूष जैन को के बारे में लोगों को कम ही पता है. कन्नौज के लोगों का कहना है कि बेहद असरदार लोगों से संबंध रखने वाले पीयूष कभी भी सार्वजनिक तौर पर सक्रिय नहीं रहे. कानपुर की आनंदपुरी कॉलोनी के बंगले के बाहर भी वह कम ही दिखते हैं. उनका परिवार साधारण गाड़ियां इस्तेमाल करता था. कन्नौज के हर इत्र कारोबारी का कानपुर में दफ्तर और घर आम बात है. पीयूष जैन ने भी 8-9 साल पहले आनंदपुरी में बंगला खरीदा था. एक्सपोर्ट के लिहाज से मुंबई में भी एक दफ्तर के अलावा परिवार के कुछ सदस्य रहते हैं. आनंदपुरी में पीयूष का घर कुछ ऐसे बना है कि बाहर से अंदर की गतिविधियां नजर आना लगभग असंभव है.
पड़ोसी हुए हैरान
गुरुवार और शुक्रवार को जब पड़ोसियों को पीयूष के घर इतनी भारी रकम होने की सूचना मिली तो हर कोई हैरान रह गया. लोगों ने बताया कि पीयूष का परिवार 6-8 लाख रुपये कीमत से ज्यादा की गाड़ियां इस्तेमाल नहीं करते हैं. त्योहारों पर पड़ोसियों को मिठाई जरूर देते हैं. कुछ महीने पहले इस कॉलोनी में ही पीयूष ने 200 गज का एक मकान खरीदा था. नवंबर में समाजवादी इत्र की लॉन्चिंग में पीयूष का भी सहयोग होने की बात बताई जाती है, लेकिन वह समाजवादी पार्टी के किसी भी कार्यक्रम में नहीं देखे गए. उनकी पार्टी से नजदीकियों की चर्चा जरूर हर जुबान पर है.

अबतक मिले हैं 257 करोड़ रुपेय कैश
इत्र कारोबारी पीयूष जैन को गिरफ्तार कर लिया है. जीएसटी इंटेलिजेंस ने कारोबारी को कन्नौज से गिरफ्तार किया है. पीयूष जैन से 257 करोड़ रुपये कैश मिले थी. कल भी उनके घर छापेमारी हुई थी, जिसमें एक बैग में 300 चाबियां मिली थी. वहीं पीयूष के पास से 300 करोड़ की प्रॉपर्टी के दस्तावेज मिले हैं. साथ ही मुंबई और दुबई में भी संपत्ति का पता चला है. इसके अलावा करोड़ों रुपये का सोना बरामद किया गया है.
Income Tax Raid in Kannauj उत्तर प्रदेश के कानपुर और कन्नौज जिले के इत्र कारोबारी पीयूष जैन के घर जांच अब भी जारी है। लगातार बरामद हो रही नकदी और संपत्तियों काे देख टीम के अफसर हैरान हैं। हालांकि अब पुरातत्व विभाग से भी जांच कराए जाने की सूचना है।
Income Tax Raid in Kannauj इत्र कारोबारी पीयूष जैन (Piyush Jain) के यहां जीएसटी इंटेलीजेंस महानिदेशालय अहमदाबाद की टीम की जांच के रविवार रात तक करीब 104 घंटे पूरे हो गए हैं। कानपुर के आनंदपुरी स्थित आवास के बाद उसके कन्नौज स्थित पैतृक घरों में भी नोटों का जखीरा मिल रहा है। यहां दीवारों और फर्श की सुरक्षित खोदाई के लिए अब आर्कियोलाजिकल सर्वे आफ इंडिया (एएसआइ) की टीम की मदद ली जा रही है। अकूत संपदा को लेकर टीम ने दीवारों, फर्श, तहखाना व सुरंगनुमा अलमारियों की पैमाइश की है। कंक्रीट की दीवार के साथ खड़ी की गई प्लाई की दीवार तोडऩे पर नोटों का जखीरा निकला है। सुरंगनुमा अलमारी में भी नोटों के बंडल प्लास्टिक की बोरियों में दिखे हैं, जिन पर कागज के बाद ऊपर से पीले टेप लगे हैं। सोने-चांदी के आभूषण, ड्रमों में संदल आयल व केमिकल भी मिला है। मुख्य पैतृक आवास में स्थानीय बैंक के कई कर्मी चार मशीनों से नोट गिन रहे हैं।
रविवार दोपहर तक 23 करोड़ और मिलने की सूचना है। इस तरह कन्नौज में बरामदगी 103 करोड़ रुपये हो गई है। वहीं, कानपुर के 177 करोड़ मिलाकर अब तक 280 करोड़ की बरामदगी हुई है। हालांकि, इसकी अधिकृत पुष्टि नहीं है। उधर, कारोबारी, उसके दोनों बेटे हिरासत में हैं। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआइसी) के इतिहास की इस सबसे बड़ी नकदी बरामदगी के आंकड़े अभी और बढ़ेंगे।
शुक्रवार शाम को टीम पीयूष के कन्नौज के मोहल्ला छिपट्टी स्थित पैतृक आवास के अंदर उनके दोनों बेटे प्रत्यूष और प्रियांश, दो पंच सपा नेता नेम ङ्क्षसह यादव व अमित दुबे उर्फ अल्टर के साथ दाखिल हुई थी। रविवार सुबह लखनऊ और कानपुर से जांच टीम के कुछ और भी सदस्य पहुंचे हैं। इन्हें एएसआइ का बताया जा रहा है। एएसआइ को लाने की वजह ये है कि वह पुरातात्विक स्थलों की खोदाई बड़ी सुरक्षा के साथ करते हैं ताकि कोई भी चीज नष्ट नहीं होने पाए। पहले इन अफसरों ने तीन हिस्सों में बने पैतृक आवास का निरीक्षण किया। इसके बाद गोदाम का ताला खुलवाकर जांच की। वहां पान मसाला के कंपाउंड के निर्माण में प्रयुक्त होने वाले वाले तमाम ड्रम मिले। दोपहर बाद गोदाम की फर्श तोडऩे व ताले काटे जाने की आवाजें आती रहीं। दोपहर दो बजे दीवारों को स्कैन करने वाली मशीन लाने की भी चर्चा रही। शाम करीब चार बजे टीम का एक सदस्य घर के अंदर रबड़ का बंडल लेकर दाखिल हुआ। संभव है, ये गिनती किए गए नोटों पर लगाई जाएंगी। प्लाई की दीवार से 500-500 के नोटों के बंडल मिले हैं। इसमें 2000 और 50-50 के नोट भी हैं। हालांकि, नकदी, जेवरात या अन्य सामान मिलने को लेकर अभी तक कोई अधिकृत बयान नहीं आया है। टीम के एक अफसर के मुताबिक, बरामदगी बड़ी है। सोमवार देर शाम तक स्थिति स्पष्ट होगी।
पुरातात्विकधरोहरों के भी मिलने की आशंका : आशंका है कि कारोबारियों के यहां दीवारों, फर्श के अंदर पुरातात्विक धरोहरें भी हो सकती हैं। इसलिए एएसआइ टीम को बुलाने की बात को बल मिल रहा है
कानपुर के इत्र कारोबारी पीयूष जैन को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया: जानिए अब तक क्या

कानपुर कोर्ट ने कारोबारी पीयूष जैन को करोड़ों की कर चोरी और अघोषित संपत्ति मिलने के मामले में सोमवार (27 दिसंबर 2021) को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। रविवार (26 दिसंबर 2021) रात को गिरफ्तार करने के बाद पीयूष जैन को सोमवार को रिमांड मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। इत्र कारोबारी के आवास पर छापेमारी में 284 करोड़ रुपए से अधिक का कैश, 26 किलोग्राम सोना और 600 किलोग्राम चंदन की लकड़ी बरामद हुई थी।
डीजीजीआई ने बताया कि पीयूष जैन ने स्वीकार किया है कि रिहायशी परिसर से बरामद नकदी बिना जीएसटी के माल की बिक्री से जुड़ी है। उसे जीएसटी की धारा 132 में जेल भेजा जा रहा है।
उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने कन्नौज में ओडोकेम इंडस्ट्रीज के आवासीय/कारखाना परिसर की भी तलाशी ली है, जो अभी भी जारी है। कन्नौज में छापेमारी के दौरान अधिकारी आज करीब 17 करोड़ रुपए कैश बरामद करने में सफल रहे हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इत्र कारोबारी पीयूष जैन को सोमवार को जीएसटी इंटेलीजेंस अहमदाबाद की टीम ने शाम करीब चार बजे रिमांड मजिस्ट्रेट योगिता कुमार के न्यायालय में पेश किया। जीएसटी के विशेष अभियोजन अधिकारी अंबरीश टंडन ने कोर्ट में समस्त दस्तावेज पेश किए और आरोपित का जेल रिमांड माँगा। इस पर बचाव पक्ष के अधिवक्ता सुधीर मालवीय की ओर से आपत्ति जताते हुए रिमांड निरस्त करने की अपील की गई। दोनों पक्षों की लंबी बहस सुनने के बाद रिमांड मजिस्ट्रेट ने विशेष अभियोजन अधिकारी की बात से सहमति जताते हुए पीयूष जैन को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। इसके साथ ही न्यायालय ने बचाव पक्ष की अर्जी को खारिज कर दिया।
बता दें कि इस छापेमारी में उत्तर प्रदेश और गुजरात के GST (वस्तु एवं सेवा कर) अधिकारी भी शामिल हैं। पीयूष जैन के पास इतने पैसे थे कि उसने अपने घरों में भी कैश गिनने वाली मशीनें लगा रखी थीं। IT विभाग ने कुल 19 कैश काउंटिंग मशीनें इस काम में लगाई हैं। उसके ठिकानों से 250 किलोग्राम चाँदी और 25 किलोग्राम सोना भी कन्नौज स्थित आवास से जब्त किया गया है। पीयूष जैन लगभग 40 कंपनियों का मालिक है, जिनमें से 2 मध्य-पूर्व में स्थित हैं। पीयूष जैन के घरों से 300 चाभियाँ मिली हैं। कुछ लॉक्ड ताले अब भी नहीं टूटे हैं, जिस कारण विशेषज्ञों को बुलाया गया है।





