कहानी जो बनाई गई
दिल्ली से अलीगढ़ की ओर जा रही पद्यावत एक्सप्रेस में एक मुसलमान व्यवसायी की बेरहमी से पिटाई का मामला सामने आया है।चलती ट्रेन में यात्री के साथ मॉब लिंचिंग की ये घटना सामने आई है। मुसलमान व्यवसायी का आरोप है कि जय श्री राम का धार्मिक नारा न लगाने पर उसकी जमकर की पिटाई की गई।
मुस्लिम व्यवसायी पर बेल्ट से हमला
मुस्लिम व्यवसायी (Muslim Businessman) का बोलना है कि ट्रेन में भारी भीड़ के बीच कोच में घुसे कुछ युवकों ने उसे चोर बताकर हमला बोल दिया। उसके कपड़े फाड़ डाले और बेल्ट से जमकर पिटाई की। उसे धार्मिक नारे लगाने को विवश किया और ऐसा न करने पर इतना पीटा गया कि वो बेहोश हो गया।
सच्चाई ये है
‘जय श्री राम न कहने पर चलती ट्रेन में कपड़े उतार कर बेल्ट से पीटा, दाढ़ी पकड़ के हिलाई’: कॉन्ग्रेस-ओवैसी और मीडिया ने चलाया आसिम का दावा, सच्चाई निकली कुछ और

पिछले कुछ वर्षों में ऐसे कई मामले आए हैं, जहाँ मुस्लिमों ने झूठ बोला कि उन्हें ‘जय श्री राम’ न कहने पर प्रताड़ित किया गया। इस काम में मीडिया के साथ-साथ मोदी विरोधी नेताओं ने भी उनका भरपूर साथ दिया। अब ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से सामने आया है। मीडिया चला रही है कि एक मुस्लिम व्यक्ति के कपड़े उतार कर उसकी पिटाई की गई, क्योंकि उसने ‘जय श्री राम’ कहने से इनकार कर दिया।
बताया जा रहा है कि वीडियो वायरल होने के बाद GRP ने 2 लोगों को हिरासत में भी लिया है। ‘आज तक’ की खबर में कहा गया कि आसिम को चलती ट्रेन में बेल्ट उतार कर पीटा गया और हापुड़ में ट्रेन पर चढ़े लोगों ने ‘चोरी’ का आरोप लगा कर ये हरकत की।बता दें कि ये घटना गुरुवार (12 जनवरी, 2023) की है, जो दिल्ली से प्रतापगढ़ जाने वाली ‘पद्मावत एक्सप्रेस’ में घटित हुई। ‘आज तक’ ने भी लिखा कि पीड़ित ने ‘धार्मिक नारे’ नहीं लगाए तो उसकी पिटाई की गई।

ऐसे मामलों में भला AIMIM के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी भला कहाँ चुप रहने वाले थे। उन्होंने तुरंत वीडियो ट्वीट करते हुए लिख डाला, “आसिम हुसैन को ट्रेन में पीटा गया, उनके कपड़े उतरवाए गए और उन्हें JSR के नारे लगाने पर मजबूर किया गया। RSS के मोहन भागवत ने ‘हज़ार साल की जंग’ का जिक्र किया था, क्या ये उसी जंग एक और सबूत है? यूपी पुलिस और जीआरपी को इस घटना पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।”
आसिम हुसैन को ट्रेन में पीटा गया, उनके कपड़े उतरवाए गए और उन्हें JSR के नारे लगाने पर मजबूर किया गया। RSS के मोहन ने “हज़ार साल की जंग” का ज़िक्र किया था, क्या ये उसी जंग एक और सबूत है? @Uppolice @rpfnr_ को इस पर सख़्त कारवाही करना चाहिए। pic.twitter.com/VSmpSqdbKo
— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) January 14, 2023
कॉन्ग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने इस पर राजनीति खेलते हुए कहा, “अभी कल ही तो मोहन भागवत जी कह रहे थे कि मुसलमानों को डरने की ज़रूरत नहीं है? यही है RSS और भाजपा का दोहरा चरित्र, जो कहें बिल्कुल उसका उलटा समझा जाए। मुरादाबाद के जीआरपी एसपी महोदय, महोदय ये दयनीय स्थिति है ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था की?” उन्होंने ‘ABP News’ का वीडियो शेयर किया, जिसने इस घटना को ‘धर्म के नाम पर गुंडागर्दी’ करार दिया था।
अभी कल ही तो मोहन भागवत जी कह रहे थे कि मुसलमानों को डरने की ज़रूरत नहीं है ?
यही है RSS और भाजपा का दोहरा चरित्र, जो कहें बिल्कुल उसका उल्टा समझा जाये।@spgrpmoradabad महोदय ये दयनीय स्थिति है ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था की ?? https://t.co/c6XukL9EpH— Imran Pratapgarhi (@ShayarImran) January 14, 2023
आइए, अब हम आपको बताते हैं कि इस मामले की सच्चाई क्या है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने FIR दर्ज करते हुए इस घटना की जाँच की। मुरादाबाद के रेलवे पुलिस उपाधीक्षक ने कहा कि रात के 11 बजे इस घटना तहरीर प्राप्त हुई थी, जिसमें यात्री ने ‘दाढ़ी पकड़’ कर हिलाने, मारपीट करने और ‘ज श्री राम’ का नारा लगाने को मजबूर करने का आरोप लगाया। हालाँकि, उनका कहना है कि जबरन धार्मिक नारा लगवाने और ‘दाढ़ी खींचने’ की कोई घटना जाँच में सामने नहीं आई है।
एक व्यक्ति द्वारा उसके साथ ट्रेन में मारपीट की घटना के संबंध में थाना जीआरपी मुरादाबाद पर तहरीर देकर अभियोग पंजीकृत कराया गया, उक्त घटना की जांच के दौरान प्रकाश में आए तथ्यों व अग्रिम कार्यवाही के संबंध में पुलिस उपाधीक्षक रेलवे मुरादाबाद की बाइट। @Uppolice @upgrp_grp @homeupgov pic.twitter.com/nZaeLaOTuO
— SP GRP MORADABAD (@spgrpmoradabad) January 14, 2023
उन्होंने ये भी जानकारी दी कि जाँच में सामने आया है कि आसिम ट्रेन में एक महिला से छेड़छाड़ कर रहा था, जिसके बाद गुस्साई पब्लिक ने उसे पीटा। ऑपइंडिया ने इस संबंध में मुरादाबाद के GRP इंस्पेक्टर सुधीर कुमार से बात की, जिन्होंने बताया कि जिसकी पिटाई हुई है, उसने एक महिला यात्री के साथ छेड़छाड़ की थी और इसकी हरकतों को देख कर अन्य यात्रियों ने इसे पीट दिया। उन्होंने भी जबरन ‘जय श्री राम’ नारे लगवाने वाली बात को नकार दिया।
उन्होंने जानकारी दी कि गाड़ी में पुलिस के जवान थे, जो गश्त कर रहे थे, जिन्हें इस घटना का पता चला। आसिम द्वारा लगाए गए आरोपों पर उन्होंने कहा कि किसी की जुबान पर तो ताला नहीं लगाया जा सकता, लेकिन ये सच्चाई नहीं है। उन्होंने बताया कि घटना के दिन कोई रिपोर्ट नहीं दर्ज कराई गई और अगले दिन आसिम ने पत्रकारों के साथ आकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इससे साफ़ है कि आसिम की मंशा क्या थी और उसने पब्लिसिटी के लिए घटना को अलग रंग दिया।






