दिग्विजय सिंह ने क्लब हाउस चैट के दौरान कहा कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 (Article 370) को फिर से बहाल करने पर विचार किया जाएगा. ऐसा दावा किया जा रहा है कि इस चैट में एक पाकिस्तानी पत्रकार भी मौजूद था.
इस क्लबहाउस चैट में पाकिस्तानी पत्रकार के सवाल के जवाब में कथित रूप से दिग्विजय सिंह कहते सुने जा रहे हैं, ‘जब उन्होंने कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाया तो वहां लोकतंत्र नहीं था. वहां इंसानियत भी नहीं थी, क्योंकि सभी को जेल में बंद कर दिया गया था. कश्मीरियत वहां के सेक्युलरिज्म का हिस्सा है, क्योंकि मुस्लिम बहुल राज्य का राजा हिंदू था और दोनों साथ मिलकर काम किया करते थे. यहां तक कि कश्मीर में कश्मीरी पंडितों को सरकारी नौकरी में आरक्षण दिया गया था. ऐसे में आर्टिकल 370 को हटाने का फैसला बेहद दुखद था और कांग्रेस जब सत्ता में आएगी तो 370 हटाने के फैसले पर दोबारा विचार करेगी.’
दिग्विजय की क्लब हाउस चैट हुई लीक तो ट्विटर पर ट्रेंड हुआ ‘कश्मीरी पंडित’, हरदीप पुरी ने दी नसीहत
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह का क्लबहाउस चैट लीक सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। दिग्विजय सिंह के कश्मीरी पंडितों को घाटी में आरक्षण की बात को लेकर ट्विटर पर कश्मीरी पंडित ट्रेंड करना लगा। इस पर केंद्रीय मंत्री ने भी कांग्रेस नेता को आड़े हाथों लिया।
हाइलाइट्स:
- केंद्रीय मंत्री ने दिग्विजय सिंह को समझाया जम्हूरियत, कश्मीरियत का मतलब
- कश्मीरी पंडितों को आरक्षण के सवाल पर लोगों ने ली दिग्गी राजा की क्लास
- लोगों ने लिए मजे, कहा- दिग्विजय ने बीजेपी के लिए 2024 का प्रचार शुरू किया
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह का क्लब हाउस चैट वायरल होने के बाद ट्विटर पर कश्मीरी पंडित ट्रेंड होने लगा। चैट के बाद बीजेपी भी कांग्रेस के खिलाफ हमलावर हो गई। दिग्विजय सिंह वायरल हुए क्लबहाउस चैट में कथित तौर पर जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 की बहाली पर पुनर्विचार, कश्मीर पंडितों को आरक्षण, कश्मीरियत का मतलब सेक्युलरिज्म जैसी बातें कहते हुए सुने जा रहे हैं। हालांकि जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला ने दिग्विजय सिंह का आभार जताया है।
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि बॉर्डर की स्थिति पर लोकलुभावन बातों की बजाय कांग्रेस को आर्टिकल 370 खत्म करने को लेकर अपनी शर्तों को रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जम्हूरियत सिर्फ कुलीन लोगों के हाथों में रही है। पुरी ने कहा कि इंसानियत तो उसी समय मर गई थी जब हिंसा को उकसाने वालों ने अपने बच्चों को विदेश भेजकर आम कश्मीरी लोगों के बच्चों के हाथों में पत्थर थमा दिए थे।
एक यूजर @aviral_dwivedi ने कहा कि दिग्विजय सिंह ने क्लबहाउस चैट में झूठा दावा किया कि कश्मीर में आरक्षण कश्मीर पंडितों को दिया जाता था। कश्मीरी पंडितों को कभी भी कश्मीर या शेष भारत में सरकारी नौकरी में आरक्षण नहीं मिला।कश्मीर में सिर्फ कश्मीरी पंडितों का नरसंहार होता आया है और आज भी उनको मारा जा रहा है।
आपको पता भी है सबसे कब हुआ था कश्मीरियत का प्रयोग
एक अन्य यूजर @Aabhas24 ने दिग्विजय सिंह को जवाब देते हुए कहा कि सर, आप कश्मीरियत की बात करते हैं, क्या आपको यह पता भी है कि सबसे पहले इस शब्द का प्रयोग कब किया गया था। कश्मीरियत का अर्थ सेक्युलरिज्म है? आप भले ही चुनाव जीत गए हों लेकिन हैरानी होती है कि आपको इस उम्र में नासमझ ही हैं।
भाजपा के 2024 के लिए चुनाव प्रचार की शुरुआत
दिग्विजय सिंह के कश्मीरी पंडितों को घाटी में आरक्षण मिलने की बात का भी लोगों ने खूब विरोध किया। लोगों ने कहा कश्मीरी पंडितों को आरक्षण मिलने की बात एक सफेद झूठ है। एक यूजर @AdityaRajKaul ने लिखा कि कश्मीरी पंडितों को घाटी और बाकी भारत में कभी आरक्षण नहीं मिला। वहीं जर्नलिस्ट अभिजीत मजूमदार ने लिखा कि दिग्विजय सिंह ने बीजेपी के साल 2024 के चुनाव प्रचार की शुरुआत कर दी है





