Wednesday, February 25, 2026
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दाऊद इब्राहिम से वसूले 50 लाख रूपये, और देने पड़े दाऊद को

दाऊद इब्राहिम के कराची वाले घर के फोन बिलों में कई भारतीयों के फोन नंबर दर्ज हैं।
पाकिस्तान में दाऊद D13, ब्लॉक 4, सेक्टर 5, डेवलपमेंट अथॉरिटी, क्लिफ्टन कराची के पते पर रहता है। उसके घर में चार लैंडलाइन फोन लगे हुए हैं।
दाऊद इब्राहिम से बात करते थे भारत के नेता-अभिनेता? घर पर लगे फोन के ‘बिल’ से हुआ था खुलासा

अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम आज भारत में मौजूद नहीं है, लेकिन उससे जुड़ी कई खबरें सामने आती है। एक ऐसे ही खबर साल 2016 में सामने आई थी, जिसने भारतीय सियासत में भूकंप ला दिया था। साल 2016 में गुजरात के वडोदरा के इथिकल हैकर मनीष भांगले और जयेश शाह ने कई बड़े खुलासे किए थे। दाऊद के कराची स्थित फोन की जांच करने पर पता चला था कि इसमें कई भारतीय नंबर भी शामिल हैं।

इंडिया टुडे ने खुलासा किया था, ‘दाऊद इब्राहिम के कराची वाले घर के फोन बिलों में कई भारतीयों के फोन नंबर दर्ज हैं। पाकिस्तान में दाऊद D13, ब्लॉक 4, सेक्टर 5, डेवलपमेंट अथॉरिटी, क्लिफ्टन कराची के पते पर रहता है। उसके घर में चार लैंडलाइन फोन लगे हुए हैं। सारे फोन दाऊद की वाइफ मेहजबीं शेख के नाम पर रजिस्टर्ड हैं। इन लैंडलाइन के बिलों को खंगालने पर दाऊद के रोजाना इंडियन राजनेताओं से बात करने के पुख्ता सबूत मिलते हैं।’

रिपोर्ट में दावा किया गया था कि महाराष्ट्र के एक दिग्गज नेता भी दाऊद इब्राहिम के टच में थे और उनकी लगातार बात होती थी। हालांकि अन्य नंबरों की जांच भी की गई थी, लेकिन इस पर जांच एजेंसियों ने कोई पुख्ता रिपोर्ट नहीं दी थी। लेकिन इतना साफ हो गया था कि दाऊद तक पहुंच रखने वाले जरूर भारत के ताकतवर शख्स थे। जांच एजेंसियों ने ये कुबूल किया था कि ये बिल कहीं और के नहीं बल्कि दाऊद के घर के ही हैं।

जब दाऊद इब्राहिम को पीटते रहे थे पिता: दाऊद के जीवन की पहली चोरी का किस्सा हुसैन जैदी ने अपनी किताब डोंगरी टु दुबई: सिक्स डिकेड ऑफ मुंबई माफिया में बताया है। दाऊद इब्राहिम उन दिनों हाजी मस्तान के लिए काम करता था। लेकिन वह काम करने नहीं बल्कि अपने कालो कामों को आगे बढ़ाने के लिए आया था। इसलिए उसने हाजी मस्तान की ही अटैची लूटने का एक प्लान बनाया। लेकिन इसकी खबर पिता को लग गई और उन्होंने दाऊद को खूब मारा भी था।

डॉन दाऊद इब्राहिम और उसके गुर्गों द्वारा मुंबई और देश के व्यापारियों से हफ्ता मांगने के दर्जनों मामले पूरे देश में दर्ज हैं। इनके बीच एक डॉन ऐसा भी है, जिस तक खुद दाऊद ने हफ्ता पहुंचाया। फजलू उर्फ फजल-उल-रहमान नामक इस आरोपी पर मुंबई क्राइम ब्रांच ने मकोका लगाया है। उसे पिछले सप्ताह गुजरात की साबरमती जेल से मुंबई लाया गया था।

फजलू की साल 2005 के एक केस में सीनियर इन्स्पेक्टर अजय सावंत और सचिन कदम की टीम ने कस्टडी ली थी। इस केस में एक हीरा व्यापारी को गोली मारी गई थी। डी. बी. मार्ग पुलिस में तब एफआईआर दर्ज हुई थी। चार आरोपी गिरफ्तार भी हुए थे। तीन बाद में दोषी भी साबित हुए। एक को कोर्ट ने बरी कर दिया था। फजलू को उस केस में वॉन्टेड दिखाया गया था। मुंबई के इस केस के अलावा भी उस पर पूरे देश में 40 मामले और दर्ज हैं। ऐसे ही एक केस में वह गुजरात की जेल में बंद था।

…और कर ली हफ्तावसूली
फजलू मूल रूप से इरफान गोगा के लिए काम करता था। इरफान का दाऊद के भाई अनीस ने मर्डर करवा दिया था। इस मर्डर की क्या वजह थी, क्राइम ब्रांच सूत्र इसकी पृष्ठभूमि 50 लाख रुपये की हफ्तावसूली से जुड़ी बता रहे हैं। एक अधिकारी ने एनबीटी को बताया कि साल 1995 में इरफान का फजलू के पास दुबई से फोन आया, ‘मैं दाऊद के बहनोई हामिद अंतुले को उगाही के लिए फोन कर रहा हूं। तुम हैदराबाद जाओ और अपने लोकल संपर्कों के जरिए तुम भी हामिद को हफ्ते के लिए फोन करो।’

‘मेरा बॉस इरफान गोगा है’
फजलू ने जब हामिद को फोन किया, तो उसने दाऊद को कॉल कर दिया। दाऊद ने अनीस से कहा कि वह फजलू को यह रकम लेने के लिए मना करे। जब अनीस ने फजलू को फोन किया, तो उसने अनीस से कहा, ‘तुम मेरे बॉस नहीं हो। मेरा बॉस इरफान गोगा है।’ बाद में दाऊद को अपने बहनोई तक 50 लाख रुपये पहुंचाने पड़े। बहनोई ने फिर फजलू को यह रकम दी। दाऊद और अनीस ने इरफान गोगा को दी गई इस हफ्तावसूली की रकम को अपना अपमान माना। बाद में इरफान का दुबई में एक क्रिकेट बुकी शोएब द्वारा मर्डर कर दिया गया। शोएब अनीस का ही आदमी है।

शरद शेट्टी के कत्ल के बाद दुबई छोड़ा
इरफान गोगा के कत्ल के बाद फजलू साल 1998 में दुबई पहुंचा। वह वहां साल 2003 तक रहा। जब छोटा राजन पर बैंकॉक पर हुए हमले के साजिशकर्ताओं में से एक शरद शेट्टी का दुबई में इंडियन क्लब में मर्डर हो गया, तो वहां की पुलिस ने अंडरवर्ल्ड माफियाओं के खिलाफ एक अभियान चलाया। फजलू ने उसी के बाद दुबई छोड़ने का फैसला किया। वह वहां से थाईलैंड गया। कुछ महीने वहां रहने के बाद नेपाल आया। उसके पास दो नेपाली पासपोर्ट थे। नेपाल से जब वह भारत आया था, तब उसे गिरफ्तार किया गया था।

गैंग में होकर भी थे ये लोग खिलाफ
क्राइम ब्रांच सूत्रों के अनुसार, फजलू की इरफान गोगा से दोस्ती बबलू श्रीवास्तव ने करवाई थी, जो इन दिनों यूपी की जेल में बंद है। बबलू जब तिहाड़ जेल में बंद था, तब किसी केस में फजलू भी उसी जेल में बंद हुआ। उसी दौरान दोनों की दोस्ती हुई। दाऊद गैंग के खिलाफ छोटा राजन 1993 के मुंबई बम धमाकों के बाद हमलावर हुआ, लेकिन कुछ लोग उसके गैंग के अंदर रहकर भी उसके खिलाफ काम कर रहे थे। इनमें अबू सलेम, खालिद पहलवान, अली बुदेश, बबलू श्रीवास्तव और इरफान गोगा प्रमुख थे। एक अधिकारी के अनुसार, इरफान गोगा और अबू सलेम की बहुत अच्छी दोस्ती थी।

रियाज भटकल से है दोस्ती
इंडियन मुजाहिदीन, जिसके लोगों ने एक दशक पहले, पूरे देश में कई बम धमाके किए थे, उसके दो संस्थापक रियाज और इकबाल भटकल की भी फजलू से जिगरी दोस्ती थी। हालांकि, खुद फजलू का इंडियन मुजाहिदीन से कोई कनेक्शन सामने नहीं आया। मूल रूप से दरभंगा का रहने वाला फजलू मुंबई में कुर्ला में काफी समय रहा है, जहां रियाज और इकबाल भटकल का शुरुआती अड्डा था। इंडियन मुजाहिदीन गैंग से जुड़े लोगों ने व्यापारियों की किडनैपिंग के बाद मिली फिरौती की रकम से धमाकों की विस्फोटक सामग्री खरीदी थी। फजलू और बबलू ने भी अपने दौर में बहुत से लोगों के अपहरण किए या करवाए। फजलू की वजह से कुछ साल पहले बॉलिवुड की एक नामचीन अभिनेत्री का परिवार ट्रैप में आ गया था।

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