Tuesday, February 24, 2026
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जैसे ही इस्लाम कबूला मोहम्मद ज़ीशान ने साहिल, अब्दु्ल्ला, अरबाज के साथ बैंक डकैती,

मध्य प्रदेश के उज्जैन में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की एक शाखा में सेंध लगाकर 5 करोड़ रुपये के आभूषण और 8 लाख रुपये नकद चुराने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

यह घटना 1 और 2 सितंबर की दरम्यानी रात एसबीआई की महानंदा नगर शाखा में हुई। आरोपी रात के लगभग 2:30 बजे बैंक में घुसे और बिना लॉकर तोड़े, सिर्फ़ 35 मिनट में उसमें से 4 किलो 700 ग्राम सोना और 8 लाख रुपये नकद लेकर फरार हो गए। समूह द्वारा चुराया गया सोना गोल्ड लोन के बदले लॉकर में जमा किया गया था।

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पता चला कि पूरी डकैती का मास्टरमाइंड बैंक का एक आउटसोर्स कर्मचारी था, जिसकी नियुक्ति छह महीने पहले ही शाखा में हुई थी। उसकी पहचान जय भावसार उर्फ ​​जीशान के रूप में हुई है, जिसने अपने चार साथियों अब्दुल्ला, साहिल, अरबाज और कोहिनूर के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया।♥

उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा के मुताबिक, जांच के दौरान पुलिस ने सबसे पहले बैंक कर्मचारियों की गतिविधियों पर गौर किया। बैंक के आउटसोर्स कर्मचारी से पूछताछ में पूरे मामले का खुलासा हुआ, जिसके बाद वारदात के 12 घंटे के अंदर ही जीशान और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ के दौरान जीशान ने बताया कि उसने और उसके सहयोगियों ने पिछले महीने बैंक की रेकी की थी और भारी बारिश का इंतजार किया था, ताकि शाखा वाले क्षेत्र में कोई बाहर न हो।

पैसे देख हिंदू से बन गया मुस्लिम, जय से जीशान बन उसी बैंक को लूटा जिसमें करता था काम: उज्जैन SBI केस में मास्टरमाइंड के साथ साहिल, अब्दु्ल्ला, अरबाज और कोहिनूर भी गिरफ्तार

उज्जैन में एसबीआई लूट कांड में खुलासा हुआ है कि बैंककर्मी जीशान ने ही अपने चार दोस्तों के साथ मिलकर लूट के वारदात को अंजाम दिया था। जीशान बैंक में करीब 6 महीने पहले चतुर्थ ग्रेड कर्मचारी के तौर पर आउटसोर्स किया गया था।

बैंक अधिकारी ने उस पर भरोसा कर बैंक की चाबी दे दी थी। उसने अपने चार दोस्तों साहिल, अब्दु्ल्ला, अरबाज और कोहिनूर के साथ मिलकर बैंक लूटने की प्लानिंग की। 1 सितंबर की रात करीब ढाई बजे जीशान अपने दोस्तों के साथ बैंक में घुसा और करीब 35 मिनट में 4.7 किलो सोना और 8 लाख रुपए कैश चुराए। इनलोगों ने बैंक के ताले नहीं तोड़े थे, बल्कि चाबी से खोले थे।

सीसीटीवी फुटेज और लोगों के मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की तो बैंकलूट की गुत्थी सुलझ गई। पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि जीशान का नाम जय भावसार था और यूट्यूब देखकर उसने इस्लाम कबूल किया। हालाँकि पुलिस को उसकी बात पर विश्वास नहीं हो रहा है और वह इस बात की भी जाँच कर रही है कि जय कैसे जीशान बना।

बैक के ग्राउंड फ्लोर पर करीब 15 दिन पहले आग लग गई थी। उस वक्त जीशान ने अपने इन चारों दोस्तों को बुलाया था। इनलोगों ने बैंक की रेकी की थी। साथ ही बैंक लॉकर को खुला छोड़ दिया था। अब पुलिस ये भी जाँच कर रही है कि क्या जानबूझ कर आग लगाई गई थी?

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