Saturday, April 4, 2026
Uncategorized

पुलिस अधिकारी की पत्नी,प्रेमिका और अब नौकरानी भी करोड़पति, थार जीप से आती काम करने,एक करोड़ का बंगला

 

#किशनगंज #SDPO की पत्नी प्रेमिका ही नहीं नौकरानी भी करोड़पतिः 35 लाख की कार से घर का काम करने आती; बंगाल में 1 करोड़ का मकान
किशनगंज के SDPO गौतम कुमार के पास 80 करोड़ से अधिक की बेनामी संपत्ति का खुलासा हुआ। मामले पर पर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की कार्रवाई जारी है। वहीं अब इस मामले में उनकी पत्नी और गर्लफ्रेंड के बाद नौकरानी पारो के पास भी करोड़ों की संपत्ति का खुलासा हुआ है।

 

पारो, किशनगंज के धरमगंज के किला बागान की रहने वाली है। वो लग्जरी लाइफ जीती है। 35 लाख की थार से वो घर का काम करने आती है।

पारो ने पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के मलद्वार इलाके में लगभग एक करोड़ का एक बंगला बनवाया है। इसके अलावा निलंबित गौतम कुमार ने उसे एक बुलेट बाइक भी गिफ्ट में दी थी।

पारो सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव है। उसने बुलेट साथ सोशल मीडिया पर फोटो भी शेयर की है। इसके अलावा भी कई वीडियो भी सामने आए हैं।

एक वीडियो में पारो के हाथ में लगभग डेढ़ लाख रुपए कैश दिखाई दे रहे हैं। वहीं, कुछ तस्वीरों में वो निलंबित SDPO और उनके साथियों के साथ नजर आ रही है।

ईओयू रेड के बाद गौतम को बुधवार को पुलिस मुख्यालय क्लोज कर दिया गया था। डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि उसे निलंबित करने के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है।

35 लाख की कार से काम करने आती है

इतना ही नहीं, पारो को घर से सरकारी आवास लाने-ले जाने के लिए 35 लाख रुपए से अधिक कीमत वाली लग्जरी कार का इस्तेमाल किया जाता था।

कई बार सरकारी कर्मियों को या फिर SDPO के निजी और सरकारी वाहन को विशेष रूप से उसे लाने-ले जाने के लिए भेजा जाता था।

स्थानीय लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उसके घर पर करीब 6 लाख रुपए कीमत का सोने का हार भी है।

परिवार के साथ पारो फरार

इन खुलासों के बाद SDPO के घर काम करने वाली पारो अपने पूरे परिवार के साथ घर से फरार हो गई है। इस पूरे खुलासे से किशनगंज पुलिस प्रशासन के साथ-साथ स्थानीय लोग भी हैरान हैं।

सूत्रों के अनुसार, आगे की जांच में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है। गौतम कुमार पर पहले से ही 80 करोड़ की बेनामी संपत्ति का आरोप है, और अब उनकी नौकरानी की जीवनशैली को लेकर नई जांच शुरू हो गई है।

अब पढ़िए SDPO ने कैसे बनाई 80 करोड़ की प्रॉपर्टी

किशनगंज में तैनात SDPO गौतम कुमार पर आरोप है कि उन्होंने अपनी 32 साल की नौकरी के दौरान करीब 80 करोड़ रुपए की बेनामी संपत्ति बनाई। महंगे रिसॉर्ट में खाना और फैमिली ट्रिप उनके लग्जरियस लाइफ स्टाइल का हिस्सा रहा है।

पूर्णिया में जिस बंगले में वे रहते हैं, उसकी कीमत करीब 2.5 करोड़ रुपए बताई जा रही है। वहीं, फर्निशिंग पर 1 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए गए हैं। उनकी पत्नी सरकारी टीचर हैं, लेकिन 35 लाख रुपए की थार से चलती हैं।

पिछले मंगलवार (31 मार्च) को EOU ने गौतम कुमार के 8 ठिकानों पर छापेमारी की। इनमें पूर्णिया के 3, किशनगंज के 2, जबकि पटना, अररिया और सिलीगुड़ी के एक-एक ठिकाने शामिल हैं।

छापेमारी के दौरान जमीन के 36 दस्तावेज, LIC और नोएडा-गुड़गांव में किए गए निवेश से जुड़े डाक्यूमेंट्स बरामद किए गए। इसके अलावा 60 लाख रुपए के गहने, महंगी घड़ियां, क्रेटा और थार जैसी लग्जरी गाड़ियां भी मिली हैं।

3 साल के अफेयर के बाद की शादी

गौतम कुमार की निजी जिंदगी भी काफी चर्चित रही है। 1995 में नौकरी लगने के करीब एक साल बाद उन्होंने अपनी गर्लफ्रेंड रूबी कश्यप से इंटरकास्ट मैरिज की। पूर्णिया की रहने वाली रूबी और गौतम के बीच 3 साल से अफेयर चल रहा था।

पूर्णिया के कोरठबाड़ी में गौतम का ससुराल है। शादी के बाद उनके परिवार में तीन बेटों का जन्म हुआ। कुछ साल बाद उनकी पत्नी रूबी कश्यप की भी सरकारी नौकरी लग गई और वे रिफ्यूजी कॉलोनी स्थित एक सरकारी स्कूल में टीचर बन गईं।

परिवार बढ़ने और पत्नी की नौकरी को देखते हुए गौतम कुमार ने पूर्णिया के हाउसिंग कॉलोनी में एक आलीशान बंगला बनवाया। जिसकी कीमत करोड़ों में है। ये बंगला उनकी संपत्ति का प्रमुख हिस्सा है। उनके दो बेटे बिहार से बाहर पढ़ाई कर रहे हैं। जबकि पत्नी और सबसे छोटा बेटा पूर्णिया में ही रहते हैं।

पत्नी की थार पर पुलिस का लोगो

पत्नी भले ही सरकारी स्कूल की टीचर हैं, लेकिन उनकी लाइफ स्टाइल चर्चा में है।
वे करीब 35 लाख रुपए की लग्जरी थार से चलती हैं। पति की पावर की हनक ऐसी की थार पर पुलिस का लोगो भी लगा रखा है।

ससुराल में रहने वाले सदस्यों के पास भी अपनी पर्सनल कार है। सभी सरकारी जॉब में हैं। साला मनीष डगरूआ प्रखंड में सरकारी शिक्षक है। साली रूमा राज मुंगेर की पूर्व मेयर और दूसरी साली रमा राज पंजाब नेशनल बैंक में ब्रांच मैनेजर हैं।
1996 में किशनगंज में पोस्टिंग, पूर्णिया में 10 साल ड्यूटी
गौतम कुमार ने साल 1994 में पुलिस सेवा जॉइन की थी। दो साल बाद, 1996 में उनकी पहली पोस्टिंग बतौर दरोगा किशनगंज में हुई। उनके बैच के साथियों के मुताबिक, उन्होंने शुरुआत से ही एक सख्त और कड़क पुलिस अफसर की छवि बनाई। नाम न बताने की शर्त पर साथी बताते हैं कि अपराधी उनके नाम से ही खौफ खाते थे।

इसी छवि को उन्होंने धीरे-धीरे अपना सबसे बड़ा हथियार बना लिया। अपराधियों, माफियाओं और जालसाजों के बीच डर का माहौल खड़ा कर उन्होंने अपनी पकड़ मजबूत की, जो आगे चलकर उनके करियर की पहचान भी बनी और अब सवालों के घेरे में भी है। इसके बाद पूर्णिया में ट्रांसफर हो गया।

गर्लफ्रेंड शगुफ्ता के नाम से खरीदी जमीन

दोनों की नजदीकियां बढ़ी और दोनों का प्यार भी परवान चढ़ा। शगुफ्ता के पिता ठिकेदार थे। इनकी ही मदद से SDPO ने जमीन खरीदी। ये लैंड गर्लफ्रेंड शगुफ्ता के नाम से खरीदी गई। इसी जमीन को बाद में बेटे के नाम पर ट्रांसफर करा लिया।

गर्लफ्रेंड के घर से जेवर खरीद की 10 रसीद मिली हैं। बताया जाता है कि गर्लफ्रेंड से गौतम कुमार को एक बच्चा भी है।

अपने लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने अधिकतर समय सीमांचल के चार जिलों #किशनगंज, #अररिया, #पूर्णिया और #कटिहार में ही सेवा दी। वे जिस थाने के थानेदार बने वहां अवैध बालू खनन, लॉटरी माफिया, तस्करी और लूट के कई मामलों में सक्रिय भूमिका निभाई।

इससे कई बड़े गिरोहों का भंडाफोड़ हुआ था।

#viralpost2026シ #facebookpost #बिहार #भ्रष्टाचार #कालीकमाई #BlackMoney #bihar #Corruption #CorruptionCase #KishanganjNews♦

Leave a Reply