क्रोनोलॉजी समझिए,
– प्रयागराज में एक घटना होती है, अविमुक्तेश्वरानंद को कोई छूता तक नहीं है; उन्हें ससम्मान, पालकी सहित हटा दिया जाता है।
– जबकि ऐसा लाखो श्रध्दालुओं कि सुरक्षा को देखते हुए किया गया,
– लेकिन फिर भी, अविमुक्तेश्वरानंद धरने पर बैठ जाते हैं।
– जिस व्यक्ति ने 2015 में अविमुक्तेश्वरानंद पर ला’ठीचार्ज करवाया था—वही अखिलेश यादव समर्थन में फ़ोन करता है।
– रितु राठौर, नागेश्वर राव, संदीप देव व अन्य सपाई हैंडल जैसे लोग तुरंत ट्विटर पर फ़्रॉड नैरेटिव गढ़ने में जुट जाते हैं।
– अविमुक्तेश्वरान्द जो अतीक अहमद की #हत्या की जाँच की माँग कर चुके हैं उनके समर्थन में एक गिरोह ऐक्टिव हो जाता है
– और आज तो हद ही हो गई मुख़्तार अंसारी का सजायाफ़्ता भाई संतों की चिंता में बयान दे रहा है।
अगर आपको अभी भी यह टूलकिट नहीं लग रही, तो नादान आप हैं।






