
बिहार के सहरसा में धर्मांतरण गैंग का खुलासा हुआ है। यहाँ एक घर में चल रही चंगाई सभा में मिशनरी के 5 लोग मिलकर गरीब और पिछड़े वर्ग के लोगों को ईसाई बनने के लिए ब्रेनवॉश कर रहे थे। इतना ही नहीं धर्म बदलने के लिए लोगों को ₹50 हजार और हर हफ्ते एक नाबालिग लड़की देने का लालच दिया जा रहा था।
इसकी सूचना बजरंग दल को लगी, जिन्होंने पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने छापेमारी कर 3 लोगों को हिरासत में ले लिया है। तीनों पुरुष हैं। वही अन्य दो महिलाएँ भागने में कामयाब हुईं। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए 3 लोगों में से एक की पहाचन धर्मेंद्र राय के रूप में हुई है, जो खुद को पादरी बताता है। इसके अलावा पकड़े गए अन्य दो आरोपितों की पहचान प्रभु प्रकार हेंब्रम और ललितेश कुमार के रूप में हुई।
स्थानीय लोगों और बजरंग दल का आरोप है कि धर्म परिवर्तन के बदले मिक्सी, फ्रिज, ₹50 हजार नकद, मुफ्त इलाज, हफ्ते में एक बार नाबालिग लड़की का लालच दिया जा रहा था। ग्रामीणों ने इसका विरोध किया तो झूठे केस में फँसाने की धमकी दी गई। पुलिस को मौके से बाइबल भी बरामद हुई है। जाँच में आरोपितों के मोबाइल फोन से भी ईसाई धर्म से जुड़ी सामग्री बरामद हुई है।






