47 साल पहले उसने जान दी देश के लिए,47 साल बाद मिला शहीद का दर्जा
47 साल का लंबा इंतजार फिर जाकर हुआ शहीद का सम्मान, बाड़मेर. साल 1973 में भारत-पाकिस्तान (India-Pakistan) की रेतीली सरहद पर देश की सीमा की रक्षा करते हुए अपनी जान न्यौछावर करने वाले जवान को 47 वर्ष बाद शहीद (martyr) का...