901 करोड़ रुपये का फायदा बिल्डर को,ये है भोले भाले संजय राउत का कांड,और ये रहा सम्पत्ति का ब्यौरा
क्या है पात्रा चॉल स्कैम? साल 2007 में महाराष्ट्र हाउसिंग ऐंड डिवेलपमेंट अथॉरिटी (MHADA) ने चॉल में रहने वाले परिवारों को स्थायी घर देने के लिए फ्लैट बनाकर देने की योजना शुरू की थी। यह काम गोरेगांव के सिद्धार्थ नगर...









