Sunday, March 22, 2026
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दिल्ली मर्डर में सहेली का इतिहास गड़बड़,पुलिस भी हक्की बक्की

 

दिल्ली के सुल्तानपुरी (Delhi Sultanpuri Horror) में कंझावला (Kanjhawala Case) क्षेत्र में कार से करीब 12 किलोमीटर तक घसीटे जाने के बाद 20 वर्ष की अंजलि सिंह (Anjali Singh Death News) की मृत्यु को लेकर रहस्य अब भी कायम है। अंजलि की मृत्यु अनजाने में हुई या क्या किसी षड्यंत्र के अनुसार उसकी मर्डर की गई, इसे लेकर कई अनसुलझे प्रश्न हैं। हालांकि, पांच आरोपियों के अतिरिक्त अब संदेह की सुई अंजलि की सहेली निधि की ओर भी मुड़ती दिख रही है। परिवार का आरोप है कि निधि मुद्दे को लेकर असत्य बोल रही है। परिवार ने सहेली के विरूद्ध भी मर्डर का मुकदमा चलाने की मांग की है। वहीं, अंजलि की सहेली निधि का दावा है कि आरोपी ने जानबूझकर अंजलि की मर्डर की है। तो चलिए जानते हैं कि आखिर यह निधि कौन है, कहां रहती है और उसके परिवार में कौन है?

दरअसल, कंझावला घटना के बाद निधि तो गायब नहीं हुई है, मगर उसकी मां अपने घर पर नहीं है। निधि अपनी मां से अलग रहती है। उसकी मां उसके कमरे पर अक्सर आती-जाती रहती है, मगर इधर कई वर्षों से वह निधि से मिलने नहीं आई। यहां जानने वाली बात है कि निधि कभी अपने मां के घर भी नहीं जाती है। वह अकेली ही रहती है। पड़ोसियों से वार्ता के बाद मीडिया को पता चला कि अंजलि की मृत्यु के बाद से सहेली निधि की मां अपने पुश्तैनी घर पर भी नहीं है। निधि की मां जहां दिल्ली के सुल्तानपुरी में रहती है, वहीं निधि सुल्तानपुरी के ही दूसरे क्षेत्र में रहती है।

बताया गया कि सुल्तानपुरी में ही मृतक अंजलि सिंह की सहेली निधि का पुश्तैनी मकान है, जहां उसकी मां और भाई रहते हैं। लेकिन निधि उस पुश्तैनी मकान में नहीं रहती है, बल्कि वहीं दूसरे क्षेत्र में अकेले रहती है। निधि के दो भाई हैं और एक मां के साथ रहता है तो दूसरा दूसरी जगह। निधि अपने पुश्तैनी में घर वर्षों से नहीं रह रही है। उसकी नानी और मां निधि के घर आते-जाते रहते हैं, मगर वह कभी अपनी मां के घर नहीं जाती।

इस बीच बुधवार देर रात तक कंझावला काण्ड पर दिल्ली पुलिस की हाई लेवल मीटिंग हुई। मीटिंग में स्पेशल सीपी सागर प्रीत हुड्डा, डीसीपी आउटर हरेंद्र सिंह, एसीपी और आउटर दिल्ली की स्पेशल स्टाफ की टीम और कई पुलिसकर्मी उपस्थित रहे, जो जांच टीम का हिस्सा हैं। मीटिंग में मुकदमा को कैसे आगे बढ़ाया जाए, इस पर वार्ता हुई। इतना ही न हीं, आरोपियों के बैक रूट की मैंपिंग भी की जा रही है।

बता दें कि हादसे के समय अंजलि सिंह के साथ उपस्थित सहेली निधिन ने बोला कि आरोपियों को पता था कि उनकी कार और स्कूटी की भिड़न्त के बाद कोई उनकी कार में फंस गया है, लेकिन वे नहीं रूके। यह पूछने पर कि उसने हादसा के बारे में तुरन्त किसी को सूचना क्यों नहीं दी, सहेली का बोलना है कि मैं डर गई थी इसलिए मैंने किसी को नहीं बताया। पुलिस के अनुसार, महिला अपने परिवार में एकमात्र कमाने वाली थी. 31 दिसंबर की रात को उसकी स्कूटी कार से टकरा गई और वह कार के नीचे फंस गई। उसे करीब 12 किलोमीटर तक घसीटा गया था और कंझावला में एक सड़क पर उसका मृत शरीर निर्वस्त्र हालत में मिला।

सुल्तानपुरी की रहने वाली स्त्री एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी में ‘पार्ट-टाइम’ काम करती थी और घटना के समय नए वर्ष की पूर्व संध्या पर काम पर गई हुई थी। कथित तौर पर कार में सवार पांच लोगों पर सोमवार को गैर इरादतन मर्डर समेत अन्य धाराओं के अनुसार मामला दर्ज किया गया। पुलिस पर हालांकि मुद्दे में ‘ढुलमुल जांच’ करने का भी आरोप लगा। पांचों आरोपियों को पुलिस हिरासत में भेज दिया गया

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