Sunday, March 29, 2026
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तृणमूल कांग्रेस की सरे आम धमकी जजों को,SIR को लेकर,कोर्ट हुआ जबरदस्त सख्त

पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले में एक महिला जज समेत 2 जजों को धमकी भरे पत्र मिलने से हड़कंप मच गया है। ये पत्र तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के जिला अध्यक्ष के आधिकारिक लेटरहेड पर भेजे गए थे। कलकत्ता हाई कोर्ट ने इस पर कड़ा रुख अपनाया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, ये पत्र चुनाव आयोग की ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR)’ प्रक्रिया से जुड़े काम को लेकर भेजे गए थे। यह प्रक्रिया 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को अपडेट और सत्यापित करने के लिए की जा रही है। पत्र में इस बात पर नाराजगी जताई गई कि कुछ नामों को सूची में कैसे जोड़ा या हटाया जा रहा है।

TMC के जिला अध्यक्ष अविजित डे भौमिक ने दोनों जजों को अलग-अलग पत्र भेजे जिसमें कहा गया कि न्यायाधीश बड़ी संख्या में नामों को हटा रहे हैं। बताया जा रहा है कि पत्र में जजों के लिए ‘हम देख लेंगे’ जैसी बात कही गईं हैं।

दोनों न्यायिक अधिकारियों ने इसके बाद कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सुजय पाल को पत्र लिखकर इन पत्रों की जानकारी दी और अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने पश्चिम बंगाल के DGP को तुरंत और उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही, हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि संबंधित न्यायिक अधिकारियों को जरूरी सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।

गौरतलब है कि TMC के कूचबिहार जिला अध्यक्ष अविजीत डे भौमिक ही कूचबिहार दक्षिण विधानसभा सीट से पार्टी के उम्मीदवार भी हैं। हालाँकि, उन्होंने किसी भी तरह की धमकी देने से इनकार किया है।

उनका कहना है कि यह सिर्फ मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने को लेकर एक ‘अनुरोध’ था। उन्होंने यह भी कहा कि अगर पत्र की भाषा से किसी को ठेस पहुँची है तो वे उसके लिए माफी माँगते हैं। फिलहाल, इस पूरे मामले को न्यायपालिका और चुनाव आयोग ने गंभीरता से लिया है।

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