भारत के 2 LPG टैंकर पार कर रहे हार्मूज की खाड़ी, ईरान ने दिया है सुरक्षित रास्ता: PM मोदी लगातार रख रहे नजर, अब तक 6 एलपीजी जहाज निकले सुरक्षित

होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बीच भारत को महत्वपूर्ण राहत मिली है। शनिवार (28 मार्च 2026) को दो और भारत-पंजीकृत एलपीजी कैरियर BW Tyr और BW Elm ने जलडमरूमध्य से गुजरना शुरू कर दिया।
सूत्रों के अनुसार, दोनों जहाज पिछले 15 दिनों से फारस की खाड़ी में अपना कार्गो लोड करके सुरक्षित मार्ग की प्रतीक्षा कर रहे थे। ईरान ने अमेरिका और इजराइल से जुड़े जहाजों के लिए जलडमरूमध्य बंद रखने की बात कही थी लेकिन भारतीय जहाजों को सुरक्षित गुजरने की अनुमति दे दी गई है।
सुरक्षा कारणों से दोनों जहाज अपने गंतव्य बंदरगाह की जानकारी ट्रांसपोंडर पर नहीं दिखा रहे हैं। अगर ये दोनों जहाज सफलतापूर्वक पार हो जाते हैं तो कुल छह भारतीय एलपीजी कैरियर ईरान की मंजूरी से होर्मुज से गुजर चुके होंगे। इससे पहले चार भारत-पंजीकृत एलपीजी कैरियर ईरानी अधिकारियों की अनुमति के बाद देश पहुँच चुके हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व के समुद्री व्यापार के लिए बेहद अहम है जहाँ से दुनिया का पाँचवाँ हिस्सा कच्चा तेल गैस और अन्य कीमती वस्तुएँ गुजरती हैं।
ईरान ने अमेरिका और इजराइल के हमलों के जवाब में जलडमरूमध्य में कई जहाजों पर हमले किए थे जिससे वैश्विक समुद्री व्यापार प्रभावित हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से संघर्ष शुरू होने के बाद दो बार फोन पर बात की और तनाव कम करने तथा संवाद की अपील की।
बता दें कि भारत अपनी खपत का लगभग 60 प्रतिशत रसोई गैस फारस की खाड़ी के देशों से आयात करता है। पेट्रोलियम मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि पश्चिम एशिया के युद्ध के कारण ऊर्जा संकट से निपटने के लिए भारत ने घरेलू एलपीजी उत्पादन में करीब 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। सूत्रों ने कहा कि दोनों जहाजों के बारे में और अधिक विवरण सुरक्षा कारणों से फिलहाल नहीं दिए जा रहे हैं।






