कॉन्ग्रेस-RJD ने होर्मुज पर भारत को लेकर फैलाया झूठ, कहा- चीनी ‘युआन’ देकर आ रहे हमारे जहाज: विदेश मंत्रालय ने खोली पोल
भारतीय तेल टैंकरों पर विदेश मंत्रालय ( फोटो साभार-x@mea)
भारत में आ रहे तेल और गैस भी अब देश विरोधी प्रोपेगेंडा फैलाने वालों को नहीं पच रहे हैं। हॉर्मुज स्ट्रेट में जब से जहाजों को निकलने में दिक्कतें आई हैं, तब से भारत में 5 गैस और तेल के जहाज भारत आ चुके हैं। इनमें से एक तेल और दो एलपीजी भरा जहाज हॉर्मूज स्ट्रेट से होकर सुरक्षित गुजरा।
विदेश मंत्रालय ने साफ कहा कि ये भारत की कूटनीति है, इसकी वजह से भारत आने वाले जहाज सुरक्षित हॉर्मुज से निकल कर आए। सरकार पूरी जी जान से गैस और तेल की कमी को दूर करने में लगी है। लेकिन प्रोपेगेंडा फैलाने वाले कह रहे हैं कि सरकार ने चाइनीज युआन में हॉर्मुज से गुजरने की कीमत चुकाई है। ये सरासर गलत है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इसका खंडन भी किया है।
प्रोपेगेंडा फैलाने वालों ने क्या- क्या लिखा
आरजेडी प्रवक्ता प्रियंका भारती ने एक्स पर दावा किया है कि भारतीय जहाज को सुरक्षित हॉर्मुज स्ट्रेट से निकलने दिया गया है तो इसकी वजह चीनी ‘युआन’ में मुद्रा का भुगतान है। वहीं एक कॉन्ग्रेस प्रवक्ता और पूर्व सेना अधिकारी अनुमा आचार्या ने कहा है कि भारतीय तेल टेंकर को चीनी युआन में भुगतान करने के बाद होर्मूज स्ट्रेट से गुजरने की परमिशन मिली। उनका ये भी दावा है कि ये ईरान के जमीर की सराहना करने वाली भारत की जनता की वजह से हुआ। मोदी सरकार की वजह से कुछ भी नहीं हुआ।
सोशल मीडिया में ये भी कहा गया है कि ईरान ने अल्टीमेटम दिया था कि वह उन्हीं तेल टैंकरों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति देगा, जो चाइनीज युआन में पेमेंट करेंगे। सोशल मीडिया पर दावा किया गया है कि इसके लिए 20 लाख डॉलर ईरान वसूल रहा है।
विदेश मंत्रालय ने कर दिया साफ
भारतीय विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि सोशल मीडिया पर गैर जिम्मेदाराना तरीके से ये प्रचारित करने की कोशिश की जा रही है कि भारत के जहाज को युआन में पेमेंट करने पर होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दी गई, जो सरासर गलत है। इसमें आरजेडी नेता प्रियंका
भारती का पोस्ट भी दिखा कर फेक बताया है।
दरअसल ये मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष में भारत की कूटनीतिक सफलता का ही कमाल है कि होर्मूज स्ट्रेट से भारत के जहाज सुरक्षित आ जा पा रहे हैं। भारत का तिरंगा लगा जहाज जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पहुँचा, तो उसे सुरक्षित पार कराने की जिम्मेदारी खुद ईरानी नौसेना ने उठाई। ईरान इससे मित्र देशों जैसे भारत रूस चीन आदि के जहाजों को यहाँ से जाने की इजाजत दे रहा है। यही वजह है कि विदेश मंत्रालय ने गैस और तेल के जहाज को होर्मुज से निकालने का श्रेय भारत की कूटनीति को दिया था।
यही वजह है कि लोग सोशल मीडिया पर देश विरोधी प्रोपेगेंडा करने वालों से पूछ रहे हैं कि आखिर इतने देशों के जहाज वहाँ खड़े हैं। क्या वे युआन नहीं दे सकते हैं। आखिर ईरानी सेना उन्हें क्यों जाने नहीं दे रही है। लोग तो यहाँ तक कह रहे हैं कि आखिर इतना ही ज्यादा जनता की फिक्र है तो खुद आने बढ़ कर गैस-तेल का इंतजाम कर सकती है कॉन्ग्रेस। आखिर देश में सालों तक राज किया है। इतने कनेक्शन हैं कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी के। जनता की भलाई के लिए इतनी मेहनत तो कर ही सकते हैं।
दरअसल ईरान हर देश से अपने रिश्ते खराब नहीं करना चाहता। भारत इस युद्ध में मध्यस्थता की भूमिका भी निभा सकता है। पीएम मोदी ने हाल ही में मध्यपूर्व देशों के राष्ट्राध्यक्षों से बात की है और शांति का रास्ता अपनाने पर बल दिया है। भारत के संबंध अमेरिका के साथ भी अच्छे हैं। यही वजह है कि ईरान ने भारत को विशेष छूट दी है।