Friday, February 20, 2026
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कांग्रेसी हुए नंगे अन्तराष्ट्रीय मंच पर,आम जनता ने दौड़ा दौड़ा कर पीटा

नेहरू गांधी वाड्रा परिवार की बौखलाहट,

सत्ता की भूख में नंगेपन पर उतरी

कांग्रेस ‘मुद्दाहीन नंगपन का प्रदर्शन’: AI समिट में शर्टलेस प्रदर्शन पर यूथ कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं को लोगों ने पीटा, नेताओं से लेकर नेटिजन्स ने जमकर लगाई क्लास

दिल्ली के भारत मंडप में चल रहे इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में यूथ कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन को लेकर हंगामा हो रहा है। BJP से लेकर आम लोग और नेटिजन्स तक यूथ कॉन्ग्रेस की इस हरकत पर भड़के हुए हैं। वहीं, पुलिस ने इस मामले में कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है और उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। कुछ वीडियोज में दावा किया जा रहा है कि मौके पर मौजूद आम लोगों ने भी यूथ कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं को आड़े हाथ लिया है।

यूथ कॉन्ग्रेस का शर्टलेस हंगामा

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद यूथ कॉन्ग्रेस के कुछ कार्यकर्ता AI समिट में प्रवेश करने में सफल रहे। शुक्रवार (20 फरवरी 2026) दोपहर करीब 12:30 बजे हुई इस घटना में प्रदर्शनकारियों ने पहले क्यूआर कोड के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कराया और इसके बाद कार्यक्रम स्थल के भीतर पहुँच गए। वे स्वेटर और जैकेट पहनकर अंदर आए थे, जिससे उन पर किसी का विशेष ध्यान नहीं गया।

हाल नंबर 5 के लॉबी क्षेत्र में पहुंचने के बाद उन्होंने अपने स्वेटर और जैकेट उतार दिए और टी-शर्ट हटाकर अचानक प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। स्थिति को भांपते हुए सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया, प्रदर्शनकारियों को काबू में लिया और हालात को सामान्य कर दिया।

हिरासत में लिए गए यूथ कॉन्ग्रेस के नेता

यूथ कॉन्ग्रेस के इस हंगामे के बाद संगठन से जुड़े कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है और अन्य लोगों को पहचान की जा रही है। नई दिल्ली जिले के पुलिस उपायुक्त देवेश कुमार महला ने बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों में बिहार के 35 वर्षीय कृष्णा शामिल हैं, जो इंडियन यूथ कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय सचिव हैं। उनके साथ बिहार के ही 33 वर्षीय कुंदन यादव, जो प्रदेश सचिव हैं, को भी पकड़ा गया है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के अजय कुमार, जो प्रदेश उपाध्यक्ष हैं, और तेलंगाना के महबूबनगर से नरसिम्हा यादव, जो राष्ट्रीय समन्वयक हैं, भी हिरासत में लिए गए हैं।

BJP ने बोला तीखा हमला

इस प्रदर्शन पर बीजेपी ने तीखा हमला बोला है। कई केंद्रीय मंत्रियों से लेकर बीजेपी प्रवक्ताओं ने यूथ कॉन्ग्रेस से लेकर राहुल गाँधी तक को आड़े हाथों लिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे भारत की प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास बताया है। उन्होंने X पर एक पोस्ट में लिखा, “कॉन्ग्रेस ने देश का सम्मान बढ़ाने के बजाय आयोजन में व्यवधान उत्पन्न करने का रास्ता चुना है। यूथ कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा जिस शर्मनाक तरीके से कार्यक्रम स्थल पर अनुचित व्यवहार करते हुए हंगामा किया गया है वह न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि भारत की प्रतिष्ठा को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर धूमिल करने का प्रयास भी है।मैं कॉन्ग्रेस के इस कृत्य की भर्त्सना करता हूँ।”

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कॉन्ग्रेस पर तीखा हमला बोला है। शिवराज सिंह ने कहा, “कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने एआई समिट में सिर्फ अपनी शर्ट ही नहीं उतारी, बल्कि यह भी दिखा दिया कि कॉन्ग्रेस देश के खिलाफ सोच रखती है। यह देशद्रोह है। यह हमारे देश की छवि के साथ खिलवाड़ है।” उन्होंने आगे कहा, “मैं सोनिया गाँधी जी और मल्लिकार्जुन खरगे जी से पूछना चाहता हूँ कि क्या उनके लिए राजनीति देश से बड़ी है? क्या उन्होंने देश की प्रतिष्ठा से खेलने के लिए कोई गुप्त समझौता किया है? क्या यही कॉन्ग्रेस का असली चेहरा है? जनता इसे कभी माफ नहीं करेगी।”

यूथ कॉन्ग्रेस के प्रदर्शन पर बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने कहा, “राहुल गाँधी और कॉन्ग्रेस पार्टी सबसे बड़े देशद्रोही हैं। जब भी देश आगे बढ़ता है, जब भी देश में खुशी का माहौल होता है, ये उसे बिगाड़ने का काम करते हैं। ये लोग देश के गद्दार हैं। कॉन्ग्रेस के लिए मेरे पास सिर्फ तीन शब्द हैं – टॉपलेस, ब्रेनलेस, शेमलेस।” उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शन की साजिश राहुल गाँधी, सोनिया गाँधी और प्रियंका गाँधी की मौजूदगी में, राहुल गाँधी के निवास स्थान पर रची गई थी।

मुद्दाहीन नंगपन का प्रदर्शन: कुमार विश्वास

कवि कुमार विश्वास ने इस प्रदर्शन पर कॉन्ग्रेस पर हमला बोला है। कुमार विश्वास ने X पर लिखा, “एक अंतराष्ट्रीय मंच पर जहाँ विश्व भर के सबसे महनीय मेहमानों के सामने देश अपनी तकनीकी-शक्ति को सिद्ध करने पर जुटा पड़ा है, वहाँ देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ ये नंगा प्रदर्शन वस्तुतः विपक्ष के मुद्दाहीन नंगपन का प्रदर्शन है। दुःखद है कि कॉन्ग्रेस जैसी पुरानी व वैचारिक रूप से पकी हुई पार्टी में मुद्दों का इतना भीषण अकाल आ पड़ा है, आपसे न हो पाएगा भाई।”

आम लोगों ने यूथ कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं को पीटा

इस दौरान समिट में मौजूद लोगों से भी यूथ कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं की झड़प हो गई और सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही वीडियो में दावा किया जा रहा है कि लोगों ने यूथ कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं की पिटाई भी की है।

सामने आए एक वीडियो में कुछ लोग कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं के साथ हाथापाई करते और मारपीट करते नजर आ रहे हैं।

नेटिजन्स और लोगों ने भी लगाई कॉन्ग्रेस की क्लास

नेटिजन्स ने भी कॉन्ग्रेस के इस हरकत पर जमकर गुस्सा निकाला है। X यूजर्स ने इस हरकत को बेशर्म और वैश्विक मंच पर देश का अपमान करने की कोशिश बताया है। एक X यूजर ने लिखा, “ऋषियों की यज्ञ अग्नि में मांस फेंकते राक्षस”। एक अन्य ने लिखा, “देश के युवाओं को तकनीक, नवाचार और अवसर चाहिए न कि राजनीतिक स्टंट। भारत AI में आगे बढ़ रहा है और यही भविष्य है। यूथ कॉन्ग्रेस एक देशद्रोही संगठन है, नीचता की हद होती है।”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “तुम जैसे गद्दारों को शर्म आनी चाहिए। देश को बदनाम करने की राजनीति करने वालों को शर्म आनी चाहिए। हर मंच पर भारत की उपलब्धियों को छोटा दिखाना, दुनिया के सामने अपने ही देश की छवि खराब करना। ये स्वस्थ विपक्ष नहीं, राष्ट्र के साथ अन्याय है। इतना अहंकार? शर्म आनी चाहिए।”

कार्यक्रम में शामिल और प्रदर्शन के प्रत्यक्षदर्शी रहे लोगों ने भी यूथ कॉन्ग्रेस को आड़े हाथों लिया है। एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, “एक विजिटर के रूप में मुझे लगता है कि इस तरह का प्रदर्शन करने के लिए यह सही जगह नहीं है। इससे देश की छवि खराब होती है। जहाँ भारत एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम की मेजबानी कर रहा हो और AI जैसे विषय पर चर्चा हो रही हो, वहाँ विरोध करना ठीक नहीं है। ऐसा प्रदर्शन नहीं होना चाहिए।”

एक अन्य ने कहा, “यह विरोध करने का मंच नहीं है। AI भारत और उसके भविष्य के लिए है। उन्हें यहाँ प्रदर्शन नहीं करना चाहिए था। उन्हें इस मंच की गरिमा को समझना चाहिए।”

विरोध का हक लेकिन क्या ये तरीका सही?

AI समिट जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में यूथ कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया प्रदर्शन कई मायनों में गलत और दुर्भाग्यपूर्ण है। सबसे पहली बात यह कार्यक्रम किसी एक राजनीतिक दल का नहीं था बल्कि देश और दुनिया से जुड़े विशेषज्ञों, उद्यमियों और प्रतिनिधियों का मंच था। ऐसे मंच पर हंगामा करना न सिर्फ आयोजन की गरिमा को ठेस पहुँचाता है बल्कि देश की छवि पर भी नकारात्मक असर डालता है।

लोकतंत्र में विरोध करना हर नागरिक और राजनीतिक दल का अधिकार है। लेकिन विरोध का भी एक तरीका और स्थान होता है। यदि किसी मुद्दे पर असहमति है, तो उसके लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस, शांतिपूर्ण धरना या ज्ञापन जैसे कई वैधानिक और सभ्य रास्ते उपलब्ध हैं। किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन के बीच अचानक इस तरह प्रदर्शन करना अनुशासनहीनता को दर्शाता है।

इस घटना से सुरक्षा पर भी सवाल उठते हैं। जब कड़ी सुरक्षा के बावजूद लोग अंदर जाकर प्रदर्शन कर दें तो यह चिंता की बात है। इससे आगे होने वाले ऐसे कार्यक्रमों की व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। राजनीति में मतभेद होना सामान्य बात है। अलग-अलग विचार होना लोकतंत्र का हिस्सा है लेकिन हर मंच राजनीति के लिए नहीं होता। AI समिट जैसे कार्यक्रम देश की तरक्की और दुनिया के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए होते हैं। ऐसे मौके पर विरोध करना अच्छा संदेश नहीं देता।

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