#अमेरिका_की_धमकी_और_भारत_का_मास्टरस्ट्रोक.
गयाना में तेल का खेल..
अमेरिका फिर से पुराना राग अलाप रहा है
“रूस से तेल मत खरीदो
वरना टैक्स बढ़ा देंगे, टैरिफ लगा देंगे !!”
ट्रंप की धमकियाँ हवा में तैर रही हैं
रूसी तेल पर सैंक्शंस कसे जा रहे हैं
और पूरी दुनियां को लग रहा है
कि वॉशिंगटन..
फिर से दुनिया की पुलिस बनने चला है !!
लेकिन कोई ये नहीं बता रहा
कि इसी दबाव की आड़ में भारत ने एक ऐसी चाल चली है जो अमेरिका को अंदर तक हिला रही है !!
#गयाना..
दक्षिण अमेरिका का वो छोटा सा देश
जिसके नीचे दबे हैं 11 अरब बैरल से ज्यादा कच्चा तेल के रिज़र्व जो दुनिया के सबसे तेज़ उभरते ऑयल हब्स में से एक है और अब, 2026 की ऑफशोर ब्लॉक्स की नीलामी में गयाना ने सीधे भारतीय कंपनियों को न्योता भेजा है
ONGC, IOC, रिलायंस जैसे दिग्गजों को बुलाया गया है कि आओ, हमारे तेल के खेल में हिस्सा लो
सिर्फ़ खरीदो मत..
खुद खोदो.. खुद निकालो.. खुद कंट्रोल करो !!
ये कोई साधारण व्यापारिक न्योता नहीं है
ये भारत की ऊर्जा स्वतंत्रता का मास्टरस्ट्रोक है
जब अमेरिका..
रूसी तेल पर शिकंजा कस रहा है
तब भारत..
नई सप्लाई चेन बना रहा है !!
वो भी ऐसे देश से
जो पहले से ही भारत को
लाखों बैरल तेल सप्लाई कर रहा है !!
वेनेज़ुएला का मदुरो
गुर्गे भेजकर गयाना पर दावा ठोक रहा था
सीमा पर तनाव पैदा कर रहा था
कंपनियों को डराने की कोशिश कर रहा था
लेकिन भारत..
चुपचाप पहले से ही मैदान में उतर चुका था
अब जब वेनेज़ुएला का खेल बिगड़ रहा है
भारत पहले एंट्री वाला फायदा उठा रहा है
वॉशिंगटन को ये चुभ क्यों रहा है ?
क्योंकि जब कोई देश
अपनी ऊर्जा का खुद मालिक बन जाता है
तो उसे धमकाना मुश्किल हो जाता है
भारत अब सिर्फ़ खरीदार नहीं रहा
प्रोड्यूसर बन चुका है
जो लाखों बैरल तेल अपनी रिफाइंरी से
क्रूड रिफाइन कर विदेशों को बेच रहा है
ये सिर्फ़ तेल नहीं है
ये रणनीतिक आज़ादी है
ये भविष्य की सुरक्षा है
वो लोग जो भारत को हमेशा
“विकासशील” कहकर नीचा दिखाते थे
आज वही चुप हैं
क्योंकि भारत का असर
अब पूरी दुनिया पर पड़ रहा है
अमेरिका बोलता रहे
भारत करता रहेगा
अब वो दौर गया
जब कोई फोन करके
भारत की अर्थव्यवस्था चलाता था
अब फैसले दिल्ली में होते हैं
और दुनिया देखती है
✍️ संजय अग्रवाल






