Saturday, February 7, 2026
Uncategorized

साक्षी यादव की लाश मिली,इंस्टाग्राम की मोहब्बत

 

नाम साक्षी यादव उम्र 17 साल राजकीय बालिका इंटर कालेज कटरा प्रयागराज उत्तर प्रदेश की 11 वीं की छात्रा।

थरवई थाना प्रयागराज की पुलिस को बगीचे में एक लाश मिलती है जिसका एक हाथ और सिर के बाल जमीन से ऊपर दिख रहे थे,छानबीन में बगल में पुलिस को साक्षी का स्कूल बैग मिलता है जिसमें सिंदुर की डिबिया और कॉपी में दीपक नाम और एक मोबाइल नंबर लिखा मिलता है।

पुलिस जब कॉपी में मिले नंबर पे संपर्क करती है तो पता चलता है ये नंबर हर्ष वर्धन सिंह का है जो भारतीय सेना का जवान है और उसकी शादी होने वाली है पुलिस पूछताछ में हर्ष वर्धन ऐसे पेश आता है जैसे वो साक्षी नाम की लड़की को सच में नहीं जानता और उसका नंबर लड़की की कॉपी में कैसे लिखा मिलता है इसबारे में उसे कुछ पता नहीं।

लेकिन पुलिस जब स्कूल की अन्य लड़कियों से पूछताछ करती है तो पता चलता है साक्षी का एक बॉयफ्रेंड था जिसके साथ वो अक्सर बाइक पे घूमने जाती थी,जब पुलिस ट्रैफिक सीसीटीवी चेक करती जा तो कई चौराहों पे साक्षी एक बाइक सवार के साथ जाते दिखती है,पुलिस जब बाइक का नंबर ट्रेस करती है तो हर्ष वर्धन सिंह का नाम सामने आता है।

अब पुलिस कड़ाई करती है तो हर्ष वर्धन ही दीपक निकलता है और बताता है अपना सनसनीखेज कारनामा।

साक्षी से दीपक की दोस्ती इंस्टाग्राम पे होती है फिर दोनों में प्यार होता है और दोनों मिलने लगते है,दीपक का मकसद केवल साक्षी को इस्तेमाल करना था लेकिन साक्षी दीपक से शादी करना चाहती थी।

बात यही से खराब होने लगती है साक्षी दीपक पे दबाव बनाती है कि शादी करो नहीं तो पुलिस में कंप्लेन करूंगी और तुमको जेल हो जाएगी।दीपक बहुत परेशान हो जाता है क्योंकि दीपक की शादी तय हो चुकी थी और कुछ ही दिनों में शादी होने वाली थी।

दीपक गूगल सर्च की मदद से पहले इंस्टाग्राम से हिस्ट्री और चैट डिलीट करता है,फिर अपने फोन से साक्षी के कॉल,मैसेज को डिलीट कर देता है,फिर साक्षी को बहाने से बुलाता है कि कल शादी करेंगे तुम मिलो।

साक्षी शादी के सपने लिए सिंदूर की डिबिया साथ में ले निकल जाती है बिना किसी को कुछ बताए,दीपक साक्षी के साथ दिनभर घूमता है फिर शहर से काफी दूर थरवई ले जाता है और एक बगीचे में उसी के दुपट्टे से उसका गला दबाकर बेसुध कर देता है,फिर चाकू से जिसे उसने एकदिन पहले ही खरीदा था चाकू मारकर हत्या कर देता है,फिर लाश को बगीचे में ही गाड़ कर आराम से घर पहुंचकर शादी की तैयारी में लग जाता है।

अभी दीपक पुलिस हिरासत में है और साक्षी परलोक में है। दीपक अगर साक्षी से परेशान था तो उसको साक्षी के परिजनों से बात करनी चाहिए थी, साक्षी की सहेलियों से बात कर सकता था। साक्षी तो मर गई पर दीपक की भी जिंदगी तबाह हो गई ।

 

 

Leave a Reply