दिल्ली के कंझावला इलाके में हादसे के दौरान अंजलि की मौत मामले में नया ट्विस्ट आया है। कंझावला केस में ‘पहेली’ बन चुकी अंजलि (Anjali) की सहेली निधि को लेकर बहुत बड़ा खुलासा हुआ है। दरअसल, अंजलि की दोस्त निधि (Nidhi) की ‘क्राइम हिस्ट्री’ सामने आई है। रिपब्लिक भारत को निधि के खिलाफ 2020 में उत्तर प्रदेश के आगरा (Agra) में दर्ज हुई एफआईआर की कॉपी हाथ लगी है, जिससे निधि के गांजा कनेक्शन का पता है। इस एफआईआर (FIR) में निधि का नाम और उसका पता लिखा हुआ है।
मौजूद एफआईआर के मुताबिक, अवैध गांजा तस्करी करते निधि 2020 में आगरा में पकड़ी जा चुकी है। आगरा कैंट स्टेशन पर रेलवे पुलिस ने 6 दिसंबर 2020 में 10 किलो गांजा के साथ निधि को गिरफ्तार किया था। एफआईआर में लिखा है, ‘आगरा कैंट स्टेशन पर जब निधि को पकड़ा तो उसने अपने पिता का नाम सतपाल सिंह और पते के रूप में दिल्ली के सुल्तानपुरी स्थित अपने घर का नंबर लिखवाया था। निधि के पास से एक मोबाइल फोन और 200 रुपये मिले। इसके अलावा काले रंग के बैग में पॉलिथिन के अंदर रखा हुआ गांजा मिला था।’
रेलवे एसपी ने निधि की गिरफ्तारी की पुष्टि की
इस एफआईआर को लेकर रिपब्लिक भारत ने आगरा में रेलवे के एसपी मोहम्मद मुश्ताक अहमद से बातचीत की। रेलवे एसपी मुश्ताक अहमद ने रिपब्लिक भारत को बताया कि निधि के साथ और दो लोग गिरफ्तार किए गए थे। ये लोग विशाखापत्तनम से गांजा लेकर दिल्ली आ रहे थे। उनका एक पूरा रैकेट था, जो ट्रेन के जरिए गांजा सप्लाई करता था। अधिकारी ने बताया कि जनवरी 2021 में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई थी।
दिल्ली पुलिस को पूरा सहयोग करेंगे- रेलवे एसपी
रेलवे एसपी मुश्ताक अहमद ने बताया कि अभी 2020 के केस की जानकारी निकलवा रहे हैं, तभी पता चल पाएगा कि ये निधि अंजलि की दोस्त है या कोई और है। अधिकारी ने कहा कि अगर दिल्ली पुलिस हमसे संपर्क करेगी तो हम पूरा सहयोग करेंगे।
सवालों के घेरे में है निधि
उल्लेखनीय है कि अंजलि मौत मामले में निधि एक अहम गवाह है। बताया जा रहा है कि मौत से ठीक पहले अंजलि अपने तथाकथित सहेली निधि के साथ ही थी। निधि का दावा है कि दोनों एक साथ स्कूटी से आ रहीं थी। इसी दौरान कार सवारों ने अंजलि को कुचल दिया। हालांकि हादसे के बाद निधि अपने घर चली गई और मामले की खबर किसी को नहीं दी थी। यहां तक कि मामले की जांच के दौरान पुलिस ने खुद उसकी पहचान की।
पुलिस पूछताछ के दौरान निधि के मामले की एकमात्र चश्मदीद होने का खुलासा हुआ था। इसके बाद से निधि सवालों के घेरे में है। निधि के लगातार बदलते बयानों ने मामले को और उलझा दिया है। अब निधि को लेकर हो रहे खुलासों ने भी मामले को पेंचिदा बना दिया है। फिलहाल निधि दिल्ली पुलिस के साथ है, जहां उससे लगातार पूछताछ की जा रही है।
अंजलि केस बना मिस्ट्री
उल्लेखनीय है कि एक जनवरी की रात एक कार ने अंजलि को टक्कर मारी थी और फिर करीब 12 किलोमीटर तक घसीटते हुए ले गई थी। इस घटना में अंजलि की मौत हुई थी। अंजलि केस में अब तक 7 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इस जघन्य अपराध में दिल्ली पुलिस की थ्योरी भी पूरी तरह से सवालों के घेरे में है। घटना को करीब 7 दिन बीत चुके हैं, लेकिन सिर्फ आरोपियों की गिरफ्तारी के अलावा पुलिस ज्यादा कुछ हासिल नहीं कर सकी है। वहीं पुलिस बार बार थ्योरी को बदल रही है।






