कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए क्या चुनाव की नौबत आएगी यह आज क्लियर हो जाएगा। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने का शुक्रवार आखिरी दिन है। इस पद के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे की
एंट्री होते ही दिग्विजय सिंह ने अपनी दावेदारी वापस ले ली है। पार्टी के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे थोड़ी देर बाद अपना नामांकन दाखिल करेंगे। पूर्व केंद्रीय मंत्री और गांधी परिवार के भरोसेमंद खड़गे का नाम पहले भी चर्चा में था। खड़गे गांधी परिवार के करीबी हैं। कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए अब मल्लिकार्जुन खड़गे और शशि थरूर के बीच मुकाबला होने की संभावना है। खड़गे के नाम के प्रस्ताव को लेकर जिस तरीके से कांग्रेसी नेता आगे आए हैं उसके बाद उनकी जीत तय नजर आ रही है।
गांधी परिवार के भरोसेमंद, छात्र राजनीति से शुरुआत के बाद ऐसे बढ़े आगे
मल्लिकार्जुन खड़गे गांधी परिवार के भरोसेमंद माने जाते हैं, जिसको लेकर समय-समय पर उन्हें पार्टी की ओर से वफादारी का इनाम भी मिलता रहा है। साल 2014 में खड़गे को लोकसभा में पार्टी का नेता बनाया गया। लोकसभा चुनाव 2019 में हार के बाद भी कांग्रेस पार्टी ने उन्हें 2020 में राज्यसभा भेज दिया। पिछले साल गुलाम नबी आजाद का कार्यकाल खत्म होने के बाद कांग्रेस पार्टी ने उन्हें राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष बना दिया।
छात्र राजनीति से शुरुआत करने वाले 80 वर्षीय खड़गे ने एक लंबी पारी यूनियन पॉलिटक्स की भी खेली। वह संयुक्त मजदूर संघ के एक प्रभावशाली नेता थे, जिन्होंने मजदूरों के अधिकारों के लिए किए गए कई आंदोलनों का नेतृत्व किया। खड़गे का जन्म कर्नाटक के बीदर जिले के वारावत्ती इलाके में एक किसान परिवार में हुआ था। गुलबर्गा के नूतन विद्यालय से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की और गुलबर्गा के सरकारी कॉलेज से स्नातक की डिग्री ली। फिर गुलबर्गा के ही सेठ शंकरलाल लाहोटी लॉ कॉलेज से एलएलबी करने के बाद वकालत करने लगे। कांग्रेस का हाथ खड़गे ने साल 1969 में था और पहली बार 1972 में कर्नाटक की गुरमीतकल असेंबली सीट से विधायक बने। खड़गे गुरमीतकल सीट से नौ बार विधायक चुने गए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों में मंत्री का पद भी संभाला।
एक ही सीट से 9 बार विधायक, खड़गे का मराठी कनेक्शन
वर्ष 2000 में कन्नड़ सुपरस्टार डॉ. राजकुमार का जब चंदन तस्कर वीरप्पन ने अपहरण किया था, उस समय खड़गे प्रदेश के गृह मंत्री थे। 2009 से उन्होंने अपना संसदीय सफर शुरू किया जिसके बाद लगातार दो बार गुलबर्गा से लोकसभा सांसद रहे। इसके केंद्र में मनमोहन सिंह सरकार में श्रम व रोजगार मंत्री और रेल मंत्री की भूमिका निभाई। खड़गे खुद को भले ही कर्नाटक का मानते हों, लेकिन उनकी जड़ें मूल रूप से महाराष्ट्र में हैं।
नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष पद चुनाव के नॉमिनेशन का आज आखिरी दिन है. दावेदारों में अब तक तीन कद्दावर चेहरे सामने आ गए है. पहला को दिग्विजय सिंह, दूसरा मल्लिकार्जुन खड़गे और तीसरा शशि थरूर. सूत्रों की माने तो अंतिम मौके पर दिग्विजय सिंह अध्यक्ष पद की दौड़ से बाहर हो गए. वहीं कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि दिग्विजय सिंह राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रस्तावक बनेंगे.
आपको बता दें कि प्रमोद तिवारी का ये बयान उस समय सामने आया जब आज सुबह दिग्विजय ने खड़गे से मुलाकात की है. गौरतलब है कि अध्यक्ष पद के लिए कल ही दिग्विजय सिंह ने फॉर्म लिया था.
दिग्विजय सिंह गुस्से में निकले
वहीं अध्यक्ष पद को लेकर चल रहे खिंचतान के बीच दिग्विजय सिंह का गुस्सा देखने को मिल रहा है. खबर है कि दिग्विजय सिंह बहुत ग़ुस्से में अपने घर से बाहर निकले है. उन्होंने सभी मीडियाकर्मियों को खुद गेट से बाहर कर दिया. उन्होंने कहा कि पहले मैं अपने समर्थकों से बातचीत कर लूं फिर मीडिया से बात करेंगे.
दिग्विजय के घर के बाहर लोग आए
कांग्रेस अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे दिग्विजय सिंह के घर के बाहर सर्मथकों का भारी उत्साह देखने को मिल रहा है. दिग्विजय सिंह के बेटे जयवर्धन सिंह सिंह ने कहा कि थोड़ी देर में तस्वीर साफ हो जाएगी. जब उनसे मल्लिकाअर्जुन खड़गे से मुलाकात के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि चर्चा में क्या मुलाकात हुई वो बाद में पता चल जाएगा. दिग्विजय सिंह के नामांकन को लेकर उन्होंने कहा कि अभी इंतजार करना ही बेहतर होगा क्याोंकि अभी तक कुछ हुआ नहीं है. जयवर्धन सिंह ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा देश को जोड़ रही है. उन्होंने आखिरी में कहा कि जो भी अक्ष्यक्ष बनेगा कांग्रेस का ही अध्यक्ष बनेगा. इस बात को स्वीकार कर लेना चाहिए.
कैलाश विजवर्गीय ने साधा निशाना
राजगढ़ के मोड़ी में एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे कैलाश विजयवर्गीय ने जी मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ के साथ बातचीत में कहा कि हम तो पहले से ही दिग्विजय सिंह को बंटाधार कहते हैं. अगर दिग्विजय सिंह कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते हैं तो मेरी शुभकामनाएं हैं लेकिन अगर दिग्विजय सिंह कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते हैं तो कांग्रेस का बंटाधार होगा. पीएफआई पर बैन को लेकर उन्होंने कहा कि पीएफआई देश विरोधी गतिविधियों में शामिल है.






