आरोपी छात्रा को कोर्ट में पेश करने ले जाती पुलिस।
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी (सीयू) में छात्राओं के आपत्तिजनक वीडियो मामले की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने जांच शुरू कर दी है। टीम ने मंगलवार को करीब साढ़े छह घंटे कड़ी सुरक्षा में आरोपियों से आमने सामने बिठाकर पूछताछ की। इसमें कई अहम सुराग टीम के हाथ लगे हैं। सूत्रों से पता चला है कि मामले में पुलिस ने एक और युवक को राउंडअप किया है। इस बारे में कोई भी अधिकारी पुष्टि नहीं कर रहा है। वहीं, एसआईटी में शामिल टीम के सदस्यों का कहना है कि जल्दी ही मीडिया से इस बारे में बातचीत की जाएगी। यह भी सामने आया है कि पुलिस ने आरोपी लड़की से शनिवार रात ही उसके मोबाइल से आपत्तिजनक वीडियो रिकवर कर लिए थे। ये सभी वीडियो कमर के नीचे के हिस्से के थे। एसआईटी ने जांच सुबह साढ़े छह बजे शुरू कर दी थी।
टीम के सदस्य आरोपियों से पूछताछ के लिए सदर खरड़ के थाने पहुंच गए थे। इस दौरान तीन चरणों में पूछताछ हुई। पहले चरण में साढ़े आठ बजे तक पूछताछ की गई। इसके बाद दो अलग-अलग राउंड चले। करीब पचास से अधिक सवालों के जवाब आरोपियों से निकलवाने की कोशिश की गई। सबसे बड़ा सवाल आरोपियों से था कि आखिर वह इन वीडियो का क्या करते थे।
लड़की पर वीडियो बनाने का दबाव क्यों बनाया जा रहा था। यह वीडियो आगे किसे भेजे गए। उनके संपर्क कहां तक है। अगर सब कुछ बिल्कुल सही था तो चैट और वीडियो को उन्होंने अपने मोबाइल से डिलीट क्यों किया। इसके अलावा क्या उन्होंने अन्य नंबर पर भी आपत्तिजनक वीडियो शेयर किए। एसआईटी के अधिकारियों ने आरोपियों को बताया कि अगर वह खुद पीड़ित हैं और कोई उन्हें ब्लैकमेल कर परेशान कर रहा है तो भी बता सकते हैं। सूत्रों के अनुसार भले ही वह उचित जवाब नहीं दे रहे थे लेकिन कई बातें साफ है। दूसरी तरफ मोहाली प्रशासन व यूनिवर्सिटी की जांच अपने स्तर पर चल रही है।
थाने में ही लोकल डाटा से रिकवर हो गए थे वीडियो
सूत्रों के अनुसार शनिवार रात जब सीयू में हंगामा हुआ, उसी रात पुलिस करीब ढाई बजे आरोपी लड़की को थाने ले गई थी। इस दौरान पुलिस ने आरोपी लड़की के मोबाइल का लोकल डाटा का बैकअप ले लिया था। इसमें पुलिस को आरोपी लड़की के मोबाइल से वीडियो व फोटो मिले थे। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सभी वीडियो कमर के नीचे वाले हिस्से के बनाए गए थे। इसमें यह साफ नहीं हो रहा था कि वीडियो किसके हैं। इन वीडियो का लड़की खुद का वीडियो बता रही है। हालांकि पुलिस ने प्रथम चरण में आधार बनाकर केस दर्ज कर लिया था। साथ ही लड़की का उस समय सीधा संपर्क भी दो युवकों से ही पाया गया है।
महिला आयोग ने डीजीपी से मांगी स्टेटस रिपोर्ट
जब यह मामला सामने आया, उसके तुरंत बाद पंजाब महिला आयोग की चेयरपर्सन मनीषा गुलाटी ने यूनिवर्सिटी का दौरा किया। उस दौरान उन्होंने सारे मामले की जांच करवाने के मौखिक आदेश दिए थे। हालांकि अब उन्होंने डीजीपी पंजाब गौरव यादव को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने कहा है यह एक संगीन मामला है। इस मामले की सीनियर अधिकारियों से उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए। साथ ही इस संबंध में की गई कार्रवाई के बारे में कमीशन को स्टेटस रिपोर्ट तुरंत भेजी जाए।






