प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जन्मकुंडली काफी हद तक लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और वॉन बिस्मार्क से मिलती है।
लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी होने के साथ भारतीय राजनेता भी थे। तो जर्मनी को सुपरपॉवर बनाने वाले नेता ओटो वॉन बिस्मार्क ही थे। मोदी के फैसलों में भी इन नेताओं की झलक दिखाई देती है।
ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि नरेंद्र मोदी की जन्म कुंडली में राहु की अंतरदशा की मौजूदगी है। ठीक ऐसी है दशा और लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की कुंडली में भी मौजूद थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितम्बर सन् 1950 को सुबह 11 बजे गुजरात में हुआ था। उनकी वृश्चिक राशि है जिसका स्वामी मंगल काफी बलवान अवस्था में है।
वृश्चिक का मंगल उनकी कुंडली में बना रहा है शत्रुहंता योगा। इसलिए विरोधी या शत्रु हानि नहीं पहुंचा सकते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी देवी के उपासक हैं और नवरात्र के नौ दिन व्रत रखते हैं। उनका जन्म गुजरात के प्राचीन शहर वडनगर में हुआ था। ये शहर करीब 25000 साल पुराना बताया जाता है।
इसका ऐतिहासिक प्रमाण है चीनी विद्वान ह्वेनसांग की भारत यात्रा जो 17 साल के विश्व भ्रमण के दौरान भारत में वडनगर भी आया था।
ज्योतिषियों की मानें तो मोदी की कुंडली में राजयोग मौजूद है। यही कारण है कि वह वर्तमान में देश के प्रधानमंत्री हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुंडली वृश्चिक लग्न की है.
लग्नेश मंगल लग्न में बैठकर लग्न को बलवान बना रहे हैं.
मंगल के साथ नवम भाव के स्वामी चंद्रमा भी विराजित होकर केंद्र त्रिकोण के संबंध से पाराशरी राजयोग बना रहे हैं.
चंद्रमा नीच भंग राजयोग भी निर्मित कर रहे हैं.
छठे भाव के स्वामी मंगल लग्न में बैठकर विरोधियों पर विजय प्राप्त करने वाला बना रहे हैं.
सप्तमेश शुक्र दशम भाव में बैठकर लोकप्रिय और महिलाओं के हित की बात करने वाला बनाते हैं.
चतुर्थ और दशम भाव पर शनि का प्रभाव लोकतंत्र की शक्ति और उससे राज्य की प्राप्ति दर्शाते हैं.
पंचमेश और द्वितीय बृहस्पति केंद्र भाव में बैठकर लगन को मजबूत बना रहे हैं और दशम भाव को भी प्रबल कर रहे हैं.
एकादश भाव का सूर्य विपरीत परिस्थितियों में भी विजय दिलाने वाला और पंचम भाव का राहु हर समस्या की काट निकालने वाला बना रहा है.
वृश्चिक लग्न होने के कारण रणनीति बनाने में माहिर हैं ‘पीएम मोदी’
वृश्चिक लग्न और वृश्चिक राशि होने से स्वयं की सारी रणनीति किसी पर भी जाहिर ना होने देने वाला बनाते हैं. अभी उनकी मंगल की महादशा में राहु की अंतर्दशा है. यह मई 2023 के मध्य तक चलेगी. उसके बाद मंगल में बृहस्पति की दशा का प्रारंभ होगा. मंगल में राहु की दशा होने के कारण वह भले ही शत्रुओं पर और विरोधियों को पराजित कर रहे हों लेकिन चुनौतियों का भी बराबर सामना करना पड़ रहा है.
मंगल बृहस्पति के नक्षत्र और राहु शनि के नक्षत्र में हैं
पीएम मोदी की कुंडली में शनि का गोचर अभी तीसरे भाव में है और जनवरी 2023 में यह चौथे भाव में होगा, जहां से यह छठे, दसवें और लग्न भाव को प्रभावित करेंगे. बृहस्पति पंचम भाव में राहु के ऊपर हैं और नवम, एकादश और लग्न भाव को देख रहे हैं. अप्रैल में छठे भाव में जाएंगे. राहु पहले से ही छठे भाव में गोचर कर रहे हैं.
मोदी जी की कुण्डली में कई शुभ योग और राजयोग बने हुए हैं।
नरेंद्र मोदी की कुंडली में है तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने का योग, वर्तमान प्रधानमंत्री पीएम नरेंद्र मोदी का जन्मदिन 17 सितंबर को है। प्रधानमंत्री लगातार दो बार देश के प्रधानमंत्री बने है और जन जन के लोकप्रिय नेता है। नरेंद्र मोदी की कुंडली में गुरु चंद्रमा के योग से 2024 में शनि की साढ़े साती चलेगी, इस समय वे फिर से पीएम बनकर आएंगे। ऐसा होने से उन्हें कोई नहीं रोक सकता है। पीएम मोदी की जन्म कुंडली में गजकेसरी योग, वरिष्ठ योग भेरी योग, चंद्र मंगल योग, अमर योग, कालह योग, शंख योग है। जो उन्हे नेतृत्व की क्षमता देता है। उनकी कुंडली में बृहस्पति का केंद्र में होना और मंगल का स्वराशि में होना बहुत अच्छा प्रबंधन करने के गुण हैं। ऐसे में व्यक्ति को बहुत बड़ी मात्रा में जनसमर्थन और जनता का सहयोग प्राप्त होता है।साल 2024 में शनि की साढ़े साती के समय उनकी कुंडली में मंगल होने से फिर उन्हें पीएम बनने का मौका मिलेगा। और संभावना सहित 2028 तक देश का नेतृत्व करेंगे और फिर राहु की महादशा में नेतृत्व परिवर्तन होगा पार्टी वही रहेगी ।
नरेन्द्र मोदी की जन्म कुंडली का विश्लेषण
श्री नरेन्द्र मोदी जी की जन्म कुंडली वृश्चिक लग्न और वृश्चिक राशि की है । मोदी जी की पत्रिका में वृश्चिक लग्न का स्वामी मंगल लग्न में , उनकी राशि का स्वामी मंगल लग्न में और सूर्य लग्न जोकि कन्या है उसका स्वामी बुध भी सूर्य लग्न में है तीनों लग्नों के स्वामी लग्न में ये एक अदभुत राजयोग है जो मोदी जी को शानदार शक्सियत का मालिक साहसी ,महत्वाकांक्षी , और असाधारण बनाता है ऐसे व्यक्ति कुछ ठान ले तो पीछे नहीं हटते , नोट बन्दी हो या कृषि कानून या चीन के साथ बॉर्डर विवाद या सर्जिकल स्ट्राइक हो , मोदी जी ने बार बार दिखाया की कैसे कठिन और विपरीत परिस्थिति में भी अडिग राहा जाता है।
मोदी जी की कुण्डली में कई शुभ योग और राजयोग बने हुए हैं। जैसे गजकेसरी योग, मूसल योग, केदार योग, रूचक योग, वोशि योग, भेरी योग, चंद्र मंगल योग, नीच भंग योग, अमर योग, कालह योग, शंख योग तथा वरिष्ठ योग आदि , जिन्होंने मोदी जी को देश विदेश में मशहूर किया और इतना प्रभावशाली प्रधानमंत्री बनाया ।
राजनीति का ऐसा योग जिसके कारण मोदी जी आज तक कोई चुनाव नहीं हारे
मोदी जी की कुण्डली में कर्म और स्टेटस भाव का स्वामी सत्ता कारक सूर्य एकादश भाव में एकादश भाव के स्वामी बुध के साथ बुधादित्य योग में है जो मोदी जी को कर्म से सफलता दिलाने में निर्णायक भूमिका निभा रहा है
नवम भाव का स्वामी चंद्र लग्नेश के साथ बैठकर पूर्व जन्मों के प्रताप और माता के आशीर्वाद से विशेष सफलता दिलवा रहा है मोदी जी भाग्य के घोड़े पर सवार है और रहेंगे ।
धन और वाणी भाव का स्वामी वक्रीय गुरु चतुर्थ भाव में है पराक्रम भाव का स्वामी और चतुर्थ जनता का सपोर्ट , जनता का प्यार चतुर्थ भाव स्वामी शनि दशम भाव में है जो मोदी जी को अदभुत वाणी और भाषण देने की कला का स्वामी बनाता है मोदी जी की कम्युनिकेशन स्किल्स की दुनिया मुरीद है । 2 3 4 5 10 भाव का सम्बन्ध शनि और गुरु मिलकर बना रहे है शनि यहां अपने भाव चतुर्थ को देख रहा है और गुरु कर्म भाव को देखकर राजनीति में जनता के सपोर्ट से सफलता दे रहे है यहां शुक्र 7 भाव का भी साथ मिल रहा है राजनीति में सफलता के लिए 3 4 6 7 9 10 11 भाव अति महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है जो मोदी जी की कुण्डली से जगजाहिर होता है। मोदी जी की कुण्डली में मार्च 2011 से चन्द्र की भागेश की दशा चल रही है नवंबर 2019 से चन्द्र में शुक्र की अंतर्दशा आयी जिस काल में कोरोना वायरस देश में आया , उसके बाद नवंबर 2019 से मई 2021 तक मारक शुक्र की दशा अंतर्दशा में मोदी जी को परेशानियों और चुनौतियों का हर सामना करना पड़ा , बॉर्डर पर चीन पाकिस्तान की चाले हो या विपक्षी पार्टियों का कारोना काल में असहयोग , हर जगह मोदी जी की परीक्षा ली गई वर्तमान में चन्द्र में सूर्य का अंतरा चल रहा है 29 नवंबर 2021 से लग्नेश मंगल की दशा स्टार्ट होगी और गुरु का गोचर नवंबर में चतुर्थ भाव से होगा ये समय मोदी जी के लिए एक नई शुरुवात वाला रहा। लग्नेश और शत्रु भाव के मालिक मंगल की दशा में भी पग पग पर मोदी जी की परीक्षा होगी किन्तु साहस तेज़ शक्ति कारक मंगल मोदी जी को इस चुनौती भरे समय में शक्ति देगा । 2022 में मोदी जी विरोधियों को मुंहतोड़ जवाब देंगे । और सफलता की तरफ अग्रसर होंगे किन्तु 2022 से शनि देव का चतुर्थ भाव में गोचर कुछ अलग ही रंग दिखाएगा ।
अंक 8 का चमत्कार प्रत्यक्ष
हमने बताया था पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अंक 8 का संबंध
पूर्व में

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक फिर से देश की कमान संभालने जा रहे हैं। लोकसभा चुनाव 2019 के आए रूझानों और नतीजों से तस्वीर एकदम साफ हो गई है। रुझानों में एनडीए को 300 से ज्यादा सीटें मिलती नजर आ रही हैं। पीएम मोदी 26 मई को सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे और इसके बाद पीएम पद की शपथ लेंगे। पीएम मोदी के लिए एक बार फिर 8 अंक शुभ साबित होने जा रहा है। दरअसल पीएम मोदी ने अब तक जितने भी महत्वपूर्ण फैसले और योजनाओं की शुरुआत की है, उसमें 8 अंक की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अंक ज्योतिष की गणना के अनुसार पीएम मोदी के लिए 8 अंक बहुत शुभ फलदायक रहा है। 26 मई को बीजेपी राष्ट्रपति के सामने नई सरकार बनाने का दावा करेगी।
अंक ज्योतिष की गणना अनुसार 26 मई के अंको का जोड़ यानी मूलांक 8 आता है। इसके पहले 26 अप्रैल को लोकसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने अपना नामांकन वाराणसी संसदीय सीट से दाखिल किया था जिसके अंकों का योग भी 8 आता है। पिछले लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी ने 26 मई को ही प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। प्रधानमंत्री मोदी ने अपना चुनाव नामांकन 17वीं लोकसभा के लिए किया है। इसका मूलांक भी 8 अंक आता है। पीएम मोदी ने पाकिस्तान के बालाकोट में एयर स्ट्राइक करने का निर्णय भी 26 फरवरी को लिया गया था। पीएम मोदी ने कई महत्वपूर्ण फैसले 8, 17 और 26 की तारीख में लिए गए थे जिनमें प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की शुरुआत 8 अप्रैल को, नोटबंदी का फैसला 8 नवंबर 2016 की रात 8 बजे लिया गया था। इन सभी का मूलांक 8 आता है। जिसे पीएम मोदी के लिए काफी शुभ माना गया है।
अंक 8 का प्रधानमंत्री मोदी से कनेक्शन
अंक ज्योतिष में मूलांक 8 भी बहुत शुभ अंक माना गया है। भगवान कृष्ण और शनिदेव का मूलांक भी 8 है। पीएम नरेन्द्र मोदी के जन्म की तारीख 17 है जिसका मूलांक 8 है और सभी महत्वपूर्ण निर्णयों के तारीखों का मूलांक भी 8 निकलता है। इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी का जन्म वृश्चिक लग्न में हुआ है, वृश्चिक लग्न को 8 नंबर की लग्न माना गया है। प्रधानमंत्री मोदी की जन्म राशि भी वृश्चिक है राशि चक्र में वृश्चिक राशि 8वें नंबर की राशि है। इसके अलावा मोदी के जन्म लग्ननेश आठ नंबर की राशि में है। ज्योतिष गणना के लिहाज से प्रधानमंत्री मोदी के लिए 8 अंक काफी महत्वपूर्ण रहता है।






