लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election) की लड़ाई शुरू होते ही राज्य का सियासी पारा चढ़ गया है. योगी सरकार में मंत्री रहे स्वामी प्रसाद मौर्य ने बीजेपी छोड़ सपा का दामन थाम लिया. बीजेपी के तीन और विधायकों का बीजेपी से इस्तीफा देने की खबरों ने यूपी में सपा और बीजेपी के बीच राजनीतिक मिजाज को गर्मा रखा है. हालांकि इनमें से 2 विधायकों ने इन बातों को महज अफवाह बताते हुए खंडन कर दिया है. वहीं कांग्रेस को भी इससे पहले एक झटका लग चुका है. कांग्रेस में रहे इमरान मसूद ने समाजवादी पार्टी का बुधवार को दामन थामने जा रहे हैं. वहीं अब ये भी चर्चा है कि जल्द समाजवादी पार्टी अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट भी जारी कर सकती है.
स्वामी प्रसाद मौर्य के बाद जिन बीजेपी विधायकों ने पार्टी से त्यागपत्र दिया है, उनमें रोशन लाल वर्मा, ब्रजेश प्रजापति और कानपुर से विधायक भगवती सागर शामिल हैं. वहीं औरया जिले के बिधूना विधानसभा सीट से विधायक विनय शाक्य के इस्तीफे की भी चर्चा जोरों पर थी लेकिन उन्होंने इस बात का खंडन कर दिया है. साथ ही उन्होंने कहा है कि वे बुधवार को प्रेस वार्ता करेंगे और इस अपनी बात रखेंगे. उधर, शेखूपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक धर्मेंद्र शाक्य उर्फ पप्पू भईया ने भी बीजेपी से इस्तीफा देने की बात का खंडन किया है. उन्होंने कहा कि मैं पार्टी का अनुशासित सिपाही हूं और बीजेपी में ही रहूंगा. इसके अलावा कासगंज से भाजपा विधायक ममतेश शाक्य का बयान भी सामने आ गया है. उन्होंने सपा में जाने की सभी अटकलों को खारिज कर दिया. न्यूज़ 18 से फोन पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि 100 प्रतिशत भाजपा में हूं और रहूंगा. ममतेश शाक्य कासगंज जिले के पटियाली विधानसभा से भाजपा विधायक हैं.
गौरतलब है कि मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के इस्तीफे के बाद मऊ जिले में उनके समर्थकों ने भी बीजेपी छोड़ने का ऐलान किया है. इनमें रीता मौर्या जिला पंचायत सदस्य व उनके पति राधेश्याम मौर्या पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने अपने 5 गांव के प्रधान और उनके समर्थकों के साथ बीजेपी छोड़ने की घोषणा की है.





